ऐसे कई हवाई रहस्य है। जो आज तक नहीं सुलझ पाए। यह उन्हीं में से एक रहस्य की कहानी है। यह Santiago Flight 513 की कहानी है। तब जर्मनी एक नहीं हुआ करता था। वेस्ट जर्मनी के एक छोटे से एयरपोर्ट से Santiago Flight 513, 4 सितंबर 1954 को उड़ान भर्ती है। इसको ब्राजील के शहर Porto Alegre International Airport जाना था। यह दूरी करीब 18 घंटों में पूरी होनी थी। हवाई जहाज में कुल 88 यात्री थे। 4 क्रू मेंबर थे।

Santiago Flight 513 का उड़ान भरना और गायब हो जाना-

दोपहर के बाद जर्मनी से यह हवाई जहाज उड़ान भरता है। उसके बाद सब कुछ सही चल रहा होता है। यह ATC (एयर ट्रैफिक कंट्रोल) के संपर्क में रहता है। कुछ देर के बाद यह अटलांटिक के ऊपर से उड़ान भरने लगता है। अटलांटिक के ऊपर जाने के बाद अचानक इस हवाई जहाज का संपर्क ग्राउंड से टूट जाता है। इसके बाद एयर ट्रेफिक कंट्रोल से संपर्क टूट जाता है।

यह हवाई जहाज गुम हो जाता है। ATC (एयर ट्रैफिक कंट्रोल) काफी कोशिश करती है। मगर संपर्क नहीं हो पाता। Santiago Flight 513, ATC के रडार से गायब हो जाता है। आमतौर पर जब एटीसी से ऐसी चीजें गायब होती है। यह मान लिया जाता है, कि हवाई जहाज के साथ कोई हादसा हुआ है। इसके बाद हवाई जहाज की तलाश की जाती है। जहां पर यह संपर्क टूटा था। वहां पर बचाव दल की एक टीम जाती है। वेस्ट जर्मनी और ब्राजील दोनों देशों की टीमें इस हवाई जहाज की खोज में लग जाती है। दूसरे देश भी इसमें मदद करते हैं।

यह खोजबीन का सिलसिला चलता रहता है। मगर ना हवाई जहाज मिलता है। ना हवाई जहाज का कोई मलबा मिलता है। मगर तलाश जारी रहती है। धीरे-धीरे वक्त बीता चला गया। यहां तक कि महीने सालों बीत गए। लेकिन हवाई जहाज का कोई सुराग नहीं मिलता। अब उस वक्त अजीब-अजीब चीजें दिमाग में आ रही थी। आखिरकार हवाई जहाज के साथ क्या हुआ है। लेकिन किसी नतीजे पर नहीं पहुंचते।

इस हवाई जहाज के बारे में रिपोर्ट-

जब काफी वक्त बीत जाता है। जो टीम इसकी जांच कर रही थी। वह अपनी एक रिपोर्ट पेश करती है। अब इस हवाई जहाज (Santiago Flight 513) को ढूंढने की कोई उम्मीद नहीं है। क्योंकि हवाई जहाज का मलबा भी नहीं मिला और ना ही लाशें मिली। यह हवाई जहाज हादसे का शिकार हो गया है।  यह अटलांटिक के ऊपर हुआ है। यह मान लिया जाए कि इसमें जो लोग सवार थे, क्रु मेंबर समेत उन को मरा हुआ मान लिया जाए। यह एक ऑफीशियली रिपोर्ट दर्ज हो जाती है। उस हवाई जहाज के जितने भी यात्री थे। उन सब को मरा हुआ करार दिया जाता है।

इसकी जांच ऑफिशियल तौर पर तो बंद कर दी गई। मगर थोड़ी बहुत इसकी छानबीन शुरू रहती है। अब कोई उम्मीद बाकी नहीं थी। इसके बाद धीरे-धीरे वक्त बीता चला गया। करीब 35 साल बीत जाते हैं 1954 से लेकर 1989 आ चुका था। अब 35 साल पूरे हो चुके थे।

Santiago Flight 513 का अचानक दिखाई देना-

35 साल के बाद दोपहर के वक्त 12 अक्टूबर 1989 को। इसी Porto Alegre Airport पर एटीसी को अचानक एक हवाई जहाज आसमान में दिखाई देता है। मगर वह हवाई जहाज एटीसी से संपर्क नहीं कर रहा था। वह बता नहीं रहा था कि उसे उतरना है। ATC लगातार उस हवाई जहाज को देख रहा था। पर कोई फायदा नहीं हुआ। क्योंकि वहां से कोई संपर्क ही नहीं कर रहा। था धीरे-धीरे वह हवाई जहाज Runway के करीब आ जाता है। ATC में हड़कंप मच जाता है। उधर से पायलट कोई जवाब नहीं दे रहा था।

हवाई जहाज का एयरपोर्ट पर लैंड करना-

धीरे-धीरे वो प्लेन रनवे के करीब आ जाता है। इत्तेफाक से एयरपोर्ट पर कई और रनवे थे। आनन-फानन में रनवे को खाली कराया गया। वह हवाई जहाज जिसने ATC से संपर्क नहीं किया और कोई परमिशन नहीं ली थी। वह सीधा Porto Alegre Airport के एक रनवे पर लैंड कर जाता है। बिल्कुल सही तरीके से लैंड करता है। लैंड करने के बाद हवाई जहाज रुक जाता है। इधर एटीसी ने तमाम सिक्योरिटी को इस बारे में बता दिया था। एक हवाई जहाज है। एटीसी से संपर्क नहीं कर रहा है। लैंड करने के लिए भी इजाजत नहीं मांगी है। वह बगैर किसी परमिशन के रनवे पर लैंड कर गया।

हड़बड़ाहट और बौखलाहट सब तरफ थी। इसके बाद एयरपोर्ट के जितने भी सिक्योरिटी स्टाफ थे। वह गाड़ी में बैठकर हवाई जहाज की तरफ Runway  पर जाते हैं। पहली बार देखकर तो यह लगा कि यह हवाई जहाज बिल्कुल न्यू है। वहां पर जाने के बाद दूसरी चीज देखते हैं। हवाई जहाज का इंजन अभी भी चालू है। तीसरी चीज पर जैसे ही नजर पड़ती है। सभी चौक जाते हैं।

Santiago Flight 513 की हकीकत का पता चलना-

जिसके ऊपर Santiago Airlines लिखा हुआ है। उनको एहसास हुआ कि Santiago Airlines के हवाई जहाज ने यहां कैसे लैंड किया। जबकि Santiago Airlines को बंद हुए करीब 33 साल हो चुके थे। 1954 को जब Santiago Airlines के हवाई जहाज ने उड़ान भरी थी। यह गायब हुआ था। उसके 2 साल के बाद 1956 को Santiago Airlines ही कंपनी बंद हो गई थी। दुनिया में कहीं भी Santiago Airlines की कोई उड़ान नहीं थी।

इसके बाद जब वह उस हवाई जहाज को देखते हैं। उनके दिमाग में ख्याल आता है। Santiago Airlines के हवाई जहाज को इस एयरपोर्ट पर 35 साल पहले लैंड करना था। पर वह गायब हो गया था। उसने लैंड नहीं किया था। बाकी सिक्योरिटी स्टाफ को उसके बाद बुलाया जाता है । उसका हवाई जहाज को बाहर की तरफ से खोला जाता है। क्योंकि वह अंदर से बंद और कोई खोल नहीं रहा था।

हवाई जहाज के अंदर दाखिल होना-

हवाई जहाज को खोलने के बाद सिक्योरिटी स्टाफ के आला अधिकारी इस हवाई जहाज के अंदर दाखिल होते हैं। वह जितनी तेजी से हवाई जहाज के अंदर दाखिल हुए थे। उतनी तेजी के साथ चीखते हुए हवाई जहाज से बाहर की तरफ आते हैं। वह देखते हैं, कि हवाई जहाज के अंदर सभी यात्री अपनी सीट पर बैठे हुए हैं। सबके सीट बेल्ट भी लगे हुए हैं। लेकिन वह सब कंकाल है। उनमें से कोई भी जिंदा नहीं है।

इसके बाद उनके बाकी साथी को यकीन नहीं हुआ। वह भी हवाई जहाज के अंदर दाखिल हो गए। अब उसके बाद धीरे-धीरे सभी सीटों पर देखते हैं। उनको गिनते हुए जाते हैं। पूरे 88 यात्री थे। जो कंकाल बने हुए थे। इसके बाद वह हिम्मत करके Pilot की तरफ जाते हैं। वहां पर भी दो एयर होस्टेस कंकाल की सूरत में वहां पर बैठी हुई थी। कॉकपिट को खोलते हैं। अंदर Pilot और Co-Pilot वह दोनों भी हवाई जहाज के अंदर मौजूद थे। दोनों बैठे हुए हैं। मगर वह दोनों भी कंकाल बने हुए हैं। हैरानी की बात यह थी। उस हवाई जहाज का जो पायलट था। उसका हाथ भी जो हवाई जहाज को कंट्रोल करता है। उस पर रखा हुआ था।

कई बार उस हवाई जहाज (Santiago Flight 513) की तलाशी ली गई। देखा गया तो पता चला कि सभी के सभी कंकाल है। अब हैरानी की बात यह थी कि इस हवाई जहाज ने लैंड कैसे किया। इसमें एक भी जिंदा शख्स मौजूद नहीं था।

कई बातो का सामने आना-

इसके बाद यह बात ज्यादा ना फैले ब्राजील सरकार ने इस पर रोक लगा दी थी। इसकी जांच शुरू हो गई। एक मुर्दा पायलट हवाई जहाज को कैसे लैंड करा सकता है।

इसके बाद दो तीन चीज है। इसको लेकर सामने आई-

  1. यह हवाई जहाज टाइम ट्रेवल के अंदर फस गया और एडिशन की वजह से सभी लोग मारे गए और कंकाल बन गई।
  2. दूसरी बात यह सामने आई जो दूसरे ग्रह के लोग हैं उन्होंने इस हवाई जहाज को हाईजैक कर लिया। इसकी वजह से यह हवाई जहाज उसका शिकार बना।
  3. तीसरी बात यह सामने आई कि यह किसी इंसानी साजिश यानी किसी रिसर्च का ही हिस्सा था। जिसकी वजह से इस हवाई जहाज के ऊपर कोई ऐसा टेस्ट किया जा रहा था। यानी उसके मुसाफिर पर जिसके नतीजे में यह सब चीजें हुई।

लेकिन पुख्ता तरीके से कोई जवाब नहीं दे पाया।

  1. पहली चीज तो यह कि 35 साल तक यह हवाई जहाज कहां रहा।
  2. दूसरी चीज कि इस हवाई जहाज ने बगैर किसी जिंदा इंसान के कैसे लैंड किया।
  3. तीसरी चीज यह किए सारे जो कंकाल बने वह कैसे बने।
  4. इस हवाई जहाज को जहां पर लैंड करना था। वहीं पर आकर इसने कैसे लैंड किया।
  5. यह सारे सवाल अपने आप में बने हुए थे। लेकिन इसका जवाब नहीं।

एक पत्रकार का इस खबर के बारे में अख़बार में छापना-

अब इसके बाद दूसरी चीज सामने आ गई। एक पत्रकार था। जिसने यह खबर पहली बार अखबार में छापी। उस वक्त जब यह खबर छपी लेकिन ऐसी कोई तस्वीर सामने नहीं आई की हवाई जहाज के अंदर कंकाल बैठे हुए हो। सिर्फ हवाई जहाज की ही तस्वीर सामने आई थी। बात यह थी कि इस पत्रकार के पास सही तरीके से यह जानकारी नहीं थी। दूसरी यह थी कि यह हवाई जहाज किसी रहस्य का शिकार हुआ। इस बारे में जर्मनी के सरकार ने भी गोपनीयता बरती। इंटेलिजेंस को भी इससे दूर रखा। वैज्ञानिकों ने इसका काफी विरोध किया। यह विज्ञान के लिए काफी मायने वाली चीज थी। लेकिन 35 साल के इस रहस्य से पूरे तरीके से कभी पर्दा नहीं उठ पाया।

आज तकरीबन 66 साल हो गए मगर इस रहस्य पर आज भी पर्दा पड़ा हुआ है। कुछ लोग यह कहते हैं कि यह हादसा बिल्कुल सच है। दूसरे लोग यह कहते हैं, कि यह सिर्फ एक कहानी है। मगर इस हवाई जहाज ने उस एयरपोर्ट से उड़ान भरी थी। यह भी एक सच्चाई है। यह हवाई जहाज कभी ब्राजील के उस एयरपोर्ट पर लैंड नहीं किया।

हकीकत क्या है-

यह भी एक सच्चाई है। हवाई जहाज का संपर्क अटलांटिक के ऊपर ऐसे टूटा था। इसके बाद 35 साल बाद ब्राजील के एयरपोर्ट पर लैंड करने की कहानी के बारे में कई राय हैं-

  • एक यह है कि यह सिर्फ फर्जी है।
  • यह कहानी बनाई गई है।
  • पत्रकार ने यह गलत खबर छापी है।

जिसकी वजह से पूरी दुनिया में एक चर्चा का विषय बना। पूरी दुनिया में इस खबर को लेकर बातें होने लगी।

इसमें दो बातें सामने आती है-

  • एक यह कि 35 साल तक इस हवाई जहाज का एक रहस्य ही है।
  • दूसरी बात यह कि 35 साल बाद इस हवाई जहाज ने ब्राजील के एयरपोर्ट पर लैंड किया ।लेकिन इसका कोई पुख्ता सबूत नहीं है।

तमाम लोगों ने इस सच्चाई की तह तक जाने की कोशिश की। लेकिन (But) पूरे तरीके से सच्चाई सामने नहीं आ पाई।