ये कहानी एक अजीब कहानी है। क्योंकि ये कहानी इंग्लैंड शहर की है। वहाँ जो केस हुआ वो एक अजीब हादसा था। क्योंकि इंग्लैंड की सड़को पर एक कंटेनर दौड़ रहा हो और कई शहर पार कर चुका हो।  ये कहानी कुछ ऐसी ही कहानी है। ये कोई पुरानी नहीं बल्कि हाल ही की कहानी है। जो कंटेनर इंग्लैंड की सड़क पर दौड़ रहा था जब उसकी तलाशी ली गयी तो उसमे एक नहीं दो नहीं बल्कि 39 लाशें मिली। ये एक अजीब दाश्तान थी। बल्कि इस कंटेनर को चलता फिरता कब्रिश्तान कह सकते है। ब्रिटैन पुलिस की हालिया में हुए केस की सबसे बड़ी तफ्शीस है। लेकिन एक साथ 39 क़त्ल की तफ्शीस करना जब मुश्किल है जब आपको उन लाशो ने नाम का भी न पता हो।

लेकिन पूरी कहानी कुछ यूँ है, लंदन से करीब 32 किमी दूर एक इलाका है जिसे ग्रेस कहते है। ये इंडस्ट्रीज इलाका है। 23 अक्टूबर 2019 की दोपहर लगभग एक बजे एक लाल रंग का ट्रक जिससे एक सफ़ेद रंग का कंटेनर भी जुड़ा था। ये इस इंडस्ट्रीज एरिया में आकर खड़ा होता है। पुलिस को ये अजीब लगता है तो पुलिस ड्राइवर के पास जाती है और पूछ ताछ करती है। फिर जैसे ही कंटेनर को पीछे से खोलती है तो चौंक जाती है। पुलिस देखती है की कंटेनर के अंदर कुछ लाशे रखी है। जब उन लाशो को गिना जाता है तो वे पूरी 39 लाशें थी जिनमे 38 बालिग़ की  बल्कि एक ना बालिग़ बच्चे की लाश थी।

ये एक AC कंटेनर था और ये कंटेनर पूरी तरह से बंद था । उसका तापमान उस वक्त -25 डिग्री था। अब सवाल ये उठता है-

  1. क्या मौत अंदर ठण्ड की वजह से हुई?
  2. क्या मौत अंदर दम घुटने से हुई?
  3. क्या इनको मार कर इनकी लाशो को अंदर कंटेनर में रखा गया?

लंदन पुलिस इसकी तफ्शीस कर रही थी लेकिन पुलिस को कुछ ऐसा नहीं मिला जिससे पता चले की इस कहानी के पीछे क्या मामला है। अब सबसे बड़ा सबूत जो था वो उस ट्रक का ड्राइवर था। जब उस ड्राइवर को पकड़ा गया और उससे पूछताछ की गयी तो उसने अपना नाम ‘Mo’ Robinson बताया। ‘Mo’ Robinson आयरलैंड का था और यही इस ट्रक को लेकर आ रहा था। जब कंटेनर के अंदर की लाशो को देखा गया तो ऐसा लगा की शायद ये लाशे कंटेनर में 2-3 दिन की रखी हुई है।

अब पूरी जांच की जाती है। जब शुरूआती जाँच की गयी तो पता चला ये ट्रक 22 अक्टूबर को ग्रेस आया था और इसके बाद वहीँ से पुलिस ने लासे बरामंद की। ये ट्रक यहाँ कैसे आया इसके बारे में जब पुलिस ने तफ्शीस की तो वहाँ की सभी CCTV फुटेज देखी गयी मगर इस Truck का सही रुट नहीं मालूम चला। मगर ये पता चला था की ये ट्रक शायद आयरलैंड से गुजरा है और ये बात सामने आई की ये ट्रक बुल्गारिया से होते हुए Grays पहुंचा है। अब बुल्गारिया से ग्रेस कैसे पहुंचा? तो पता चला ये ट्रक बुल्गारिया से फ्रांस पहुंचा और फ्रांस के रास्ते आयरलैंड पहुंचा । आयरलैंड के बाद ये ट्रक लंदन पहुंचा।

छान बीन से पता चला इस ट्रक का रजिस्ट्रेशन नंबर भी बुल्गारिया का है। ये जिसके नाम पर रजिस्टर था वो कंपनी आईरिस कंपनी आयरलैंड की थी। अब सवाल ये थे की ये लाशें बुल्गारिया के लोगो की है? फिर बुल्गारिया के लोग इस कंटेनर में क्या कर रहे है? जब ये बात मीडिया में आई तो बुल्गारिया के अधिकारियो ने टीवी चैनेलो के जरिये बताया की ये ट्रक 2017 में आयरलैंड के लिए बुल्गारिया से बाहर निकला था उसके बाद से ये भी बुल्गारिया वापस नहीं आया।

जब पुलिस ने बुल्गारिया की एम्बेसी में पता किया तो उन्होंने बताया ये जिन लोगो की लाशें मिली है वे बुल्गारिया के नहीं है। तो फिर ये लोग कौन थे? फिलहाल लंदन पुलिस ने लोगो से अपील की है की कोई जो इस कंटेनर के बारे में जानता हो या किसी ने इसे कही और पर देखा हो तो वो पुलिस को खबर कर दे ताकि पुलिस सही जानकारी तलाश कर सके। क्योंकि पुलिस को अगर ट्रक का सही रुट मालूम हो जाये तो वो इस केस की जड़ तक पहुंच सकती है।

जो इस ट्रक का ड्राइवर है पुलिस ने उससे पूछ ताछ की शायद वो कुछ सच बता सके। मगर पुलिस को अभी उससे भी कोई सही जानकारी नहीं मिली। शायद वो भी इस खेल का एक मोहरा हो सकता है।

मगर इसकी एक वजह हो सकती है, मगर इसके बारे में अभी कोई पुख्ता सबूत नहीं आये। वो वजह ये की शायद ये लोग चुपके से ब्रिटैन आ रहे हो। उसकी वजह ये है, 2010 में  डोअर में 58 चीनी नागरिको की लाशें मिली थी और वे सभी टमाटर के ट्रक में छुपकर आ रहे थे चूँकि ट्रक पूरी तरह से बंद था तो उन सभी की दम घुटने से मौत हो गयी थी। मानव तस्कर लोग इनको दूसरे मुल्क में चोरी से शरहद पार करा रहे थे।

इससे भी बड़ा हादसा 2011 में हुआ जब ऑस्ट्रेलिया की एक सड़क पर एक कंटेनर मिला जब पुलिस वहाँ पहुंची तो वहाँ पर 71 लाशे मिली थी। जब उनकी जाँच की गयी तो पता चला उनको भी एक मुल्क से दूसरे मुल्क में चोरी से भेजा जा रहा था और उनकी मौत हो गयी।