यह India के Youngest Serial Killer की कहानी है। सबसे छोटा सीरियल किलर जिसके नाम रिकॉर्ड दर्ज है। जिसे शायद पुलिस और अदालत के बारे में जानकारी नहीं थी। यहां तक की धारा 302 के बारे में भी जानकारी नहीं थी। ना इस बारे में सामने वाले का जो वो मार रहा है। उसकी जान जा रही है। जान लेना जुर्म है। उसे इस बारे में कुछ भी पता नहीं था। सबसे खतरनाक बात यह है। इस सीरियल किलर के हाथों जो पहले दो क़त्ल हुए थे। कुछ लोगों को उस राज का पता चल गया था। मगर उन्होंने इस राज को छुपा लिया। उन्होंने कहा कि यह परिवार का मामला है। शायद पहले ऐसा कभी नहीं हुआ होगा।

अमरजीत के बारे में-

बिहार में एक जगह बेगूसराय है। इसी बेगूसराय में एक परिवार रहता था। वह गरीब परिवार था। उस परिवार का जो आदमी था। वह मजदूरी करके परिवार का पेट भरा करता था। उसके दो बच्चे थे। जिनमें एक बेटा और एक बेटी थी। बेटी की उम्र तकरीबन 6 महीने ही थी। बेटा 1998 में पैदा हुआ था। बेटे का नाम अमरजीत था। अमरजीत धीरे-धीरे बड़ा होने लगता है। उसकी उम्र तकरीबन साढ़े सात से आठ साल की होगी।

एक दिन अचानक उसके परिवार में उसका कजन रहता था। जिसकी उम्र करीब 8 महीने थी। वहां से  उसकी लाश मिलती है। उसके सर पर किसी वजनी चीज से मारा गया था। जिससे उसका कत्ल किया गया था। परिवार के लोग देखते हैं, कि बच्चा मर चुका है।

इसी दौरान मां बाप को पता चल जाता है। अमरजीत थोड़ी देर पहले इस बच्चे के साथ था।उसके हाथ पर जिस तरह के निशान थे। उससे लग रहा था कि शायद उसने कुछ किया है। शक हो चुका था। मगर यह बात पुलिस तक नहीं जाती है। इस बात को घर वाले खुद ही दबा लेते हैं। बात रफा-दफा हो जाती है।

अमरजीत का दूसरा क़त्ल-

youngest serial killer in india
Amarjeet In 8 Years

करीब 6 महीने बीतने के बाद अमरजीत के अपने ही घर में जो उसकी छोटी बहन थी। जिसकी उम्र तकरीबन 6 महीने थी। उसकी लाश मिलती है। उसके भी सर पर जख्म थे। उसके सर को भी पत्थर से ही मारा गया था। इस बार भी घर वालों को पता चल जाता है। यह काम किसने किया है। अमरजीत के मां-बाप को पता चल जाता है। उनकी बेटी को उसी के भाई ने मारा है। मगर इसको भी परिवार का मामला मानते हुए कोई पुलिस के पास नहीं जाता।

उन्हें लगता है, कि बेटी तो मर गई। अगर बेटे के खिलाफ भी रिपोर्ट कर दी। वह भी पुलिस में चला जाएगा। इस दूसरे कत्ल के राज को भी घरवाले छुपा लेते हैं। 6 महीने के अंदर एक साढ़े सात साल का बच्चा दो कत्ल कर चुका था। किसी भी कानून को इस बारे में खबर नहीं लगती। शिवाय मां-बाप और चाचा के।

अमरजीत का तीसरा क़त्ल और India का Youngest Serial Killer बनना-

कुछ वक्त बीतने के बाद। तकरीबन 3 महीने के बाद। इन्हीं के गांव में कुछ दूरी पर एक और बच्ची थी। जिसकी उम्र 1 साल थी। उसका नाम खुशबू था। खुशबू अपनी मां के साथ एक प्राइमरी स्कूल में खुले में लेटे हुए थी। कुछ देर के बाद माँ घर के किसी जरूरी काम से बेटी को वही छोड़ कर चली जाती है। वह सोचती है, कि कुछ देर में तो वह वापस आ जाएगी। उसके जाने के दौरान में ही वह देखती है। अमरजीत स्कूल के पास में ही है। वह यह देख कर चली जाती है। वह अमरजीत को नजरअंदाज कर देती है।

कुछ देर के बाद जब वह वापस लौटती है। वह देखती है, कि जहां पर वह अपनी बच्ची को लेटा कर गई थी। वह वहां पर नहीं थी। स्कूल के आसपास में देखती है। वह कहीं नहीं मिलती। वह जब अमरजीत से पूछती है। अमरजीत हंसता रहता है। वो कुछ नहीं बताता। उसके बाद वह चारों तरफ देखती है। उसके बाद घरवालों को बताती है। घर वाले सब मिलकर उसको ढूंढ रहे थे। पर खुशबू का पता नहीं चलता।

अब उस स्कूल के पास अगर किसी को देखा था। वह अमरजीत था। उसे लगा कि जब हो गई थी तो खुशबू के पास अमरजीत था। उसके सिवा वहां कोई और नहीं था। जब सब जगह देख लिया। खुशबू नहीं मिली। खुशबू के घर वाले पुलिस में जाकर रिपोर्ट लिखवा देते हैं।

रिपोर्ट लिखवाने के बाद वह घर आ जाते हैं। पुलिस को जो पहले दो कत्ल हुए थे। उनके बारे में पता तो था मगर यह नहीं पता चला था। यह कत्ल किसने किए थे। क्योंकि उनके कत्ल की उनके घर वालों ने पुलिस में रिपोर्ट ही नहीं लिखवाई थी।

पुलिस को उड़ते-उड़ते  खबर तो मिल ही गई थी। यहां पहले भी तो बच्चों का कत्ल हो चुका है। लोग दहशत में हैं। अब यह तीसरी बच्ची गायब है। कहीं इसके साथ भी कुछ अनहोनी ना हो जाए। उससे मामला और भी बिगड़ जाए। पुलिस ने सतर्कता दिखाई। फौरन खुशबू को तलाश करने में लग गई।

अमरजीत पर क़त्ल का शक-

खुशबू की मां ने पुलिस को बताया कि मुझे अमरजीत पर पूरा शक है। क्योंकि इसके अलावा वहां पर कोई और मौजूद नहीं था। पुलिस वाले ने शुरू में तो हल्के में लिया। एक 8 साल का बच्चा क्या बताएगा। जब खुशबू की मां ने ज्यादा दबाव दिया। पुलिस ने सोचा चलो इनकी दिल की तसल्ली के लिए अमरजीत को बुलाकर भी पूछताछ कर लेते हैं। इसके बाद पहली बार पुलिस अमरजीत के पास जाती है।

अमरजीत लगातार पुलिस वालों के सामने हंस रहा था। सिर्फ हंसता ही जा रहा था। शायद उसे मालूम नहीं था। पुलिस क्या है। पुलिस वालों के भी अजीब लग रहा था। अमरजीत से पूछ रहे थे कि तुमने खुशबू को कहीं देखा है। अमरजीत हंसता ही जा रहा था। कुछ बता नहीं रहा था। उसने फिर अचानक पुलिस वालों से कहा कि मुझे अगर बिस्कुट दोगे तो मैं बताऊंगा।

क़त्ल का राज खुलना-

पुलिस को इस बारे में अंदाजा भी नहीं था। इसलिए पुलिस ने सोचा कि चलो इसको बिस्कुट तो दे ही देते हैं। हो सकता है यह कुछ बता ही दें। पुलिस ने गांव के किसी आदमी को भेजकर अमरजीत के लिए बिस्कुट मंगवा लिए। इसके बाद पुलिस वाले ने उस बच्चे को बिस्कुट दिया। अमरजीत ने बिस्कुट का पैकेट खोलकर बिस्कुट खा लिए। फिर पुलिस वालों ने पूछा कि अब बताओ। अमरजीत बिस्कुट खाने के बाद हंसा। फिर बोला कि मैंने उसे खपरैल से मारकर सुला दिया। पुलिस वालों को समझ नहीं आया। उन्होंने पूछा कि कहां सुलाया।

पुलिस वालों को भी मजाक लग रहा था। उन्होंने फिर पूछा कि सही बताओ क्या किया। अमरजीत ने कहा कि मैंने खपरैल से मारा और सुला दिया। फिर पुलिस वालों ने पूछा कहां सुलाया। उसने कहा मुझे बिस्किट खिलाओ। पुलिस वालों ने फिर बिस्किट मंगाए। उसको बिस्कुट दिए। बिस्कुट खाने के बाद वह बोला कि चलो मैं दिखाता हूं। मैंने खुशबू को कहां सुलाया है। अब पुलिस पीछे-पीछे थी और बच्चा आगे आगे था।

अब जहां पर खुशबू की मां उसको छोड़ कर आई थी। उसी स्कूल के पास खेत में कुछ झाड़ियां थी। अमरजीत वहां तक गया। झाड़ी के पास जाकर रुक गया। उसने कहा मैंने खुशबू को यहां सुलाया है। पुलिस वाले आगे बढ़े। उन्होंने देखा कि एक छोटा सा गड्ढा है। उस गड्ढे के ऊपर कुछ पत्ते रखे हुए थे।

पुलिस को खुशबू की लाश मिलना-

पुलिस ने जैसे ही बस गड्ढे के ऊपर से वह झाड़ हटाए तो देखा अंदर खुशबू की लाश है। जब पुलिस खुशबू की लाश देखती है। उनके पैरों तले जमीन निकल जाती है। वह सोचते हैं, कि एक बच्चा जो हंसते ही जा रहा है। बिस्कुट मांग रहा है। कहता है, कि मैंने खपरैल से मारकर सुला दिया। मौका ए वारदात पर खुद लेकर गया था। लाश की बरामद कराता है। अब पुलिस वाले बच्चे को देख रहे हैं। उनकी समझ में नहीं आ रहा था कि वह क्या करें।

अब पुलिस को खुशबू की लाश मिल गई थी। क्योंकि खुशबू की लाश मिलने की वजह वह बच्चा था। पुलिस को यकीन हो गया था। शायद खुशबू का कत्ल इस अमरजीत ने किया है।

अप पुलिस वाले उससे फिर पूछते हैं। तूने और किस-किस को खपरैल मारकर सुलाया है। तब उसने 2 नाम और लिए। एक अपनी बहन का और एक अपने चाचा के लड़के का। अमरजीत ने कहा मैंने उन दोनों को भी ऐसे ही मार कर सुलाया था।

जो पहले दो कत्ल हुए थे। पुलिस वाले अब उनके परिवार को बुलाते हैं। अमरजीत के मां बाप पहले से ही पुलिस थाने में थे। क्योंकि उनके बेटे से पूछताछ हो रही थी। उसके चाचा को बुलाया जाता है। तब वह पूरी कहानी बताते हैं। करीब 6 और 9 महीने पहले इसने सबसे पहला क़त्ल अपने चाचा के लड़के का किया था। क्योंकि यह घर का मामला था। इसीलिए हमने किसी को बताया नहीं था। दूसरा का दिल इसने अपनी सगी बहन का किया था। जो 6 महीने की थी। हमें यह भी पता था मगर परिवार का मामला होते हुए हमने किसी को नहीं बताया था।

अब पुलिस उस बच्चे से उसी के तरीके से पूछताछ कर रही थी। पुलिस ने पूछा आखिरकार तुमने इन सबको क्यों सुलाया था। अमरजीत ने कहा कि मुझे मजा आता है। उसने कहा कि जब यह डरते हैं और जखम दिखता है। मुझे बहुत अच्छा लगता है। अब यह सारी चीज सुनने के बाद पुलिस को भी लगा कि यह बच्चा नॉर्मल नहीं है। इसके बाद उसकी जांच कराई गई। जांच में पता चला कि इस बच्चे का दिमाग सही नहीं है। उसमें कुछ कमी है।

बच्चे के बारे में मेडिकल रिपोर्ट-

जो मेडिकल रिपोर्ट आई थी। उसमें यह आया था। इस बच्चे के अंदर किसी को तकलीफ में देखना किसी को मुसीबत में देखना और किसी को दर्द में चिल्लाना उसका देखना उसको मजा देता था। क्योंकि इसे मजा आता था। इसलिए यह बच्चा उनको तकलीफ देता था। दिल्ली के AIMS के डॉक्टरों ने भी इस बच्चे की जांच की थी। पटना के तमाम एक्सपर्ट है। उन्होंने भी इसकी जांच की। फिर पता चला कि इस बच्चे के अंदर दिमागी रूप से एक बीमारी है। जिसमें अपने सामने अपने से कम उम्र बच्चों को जब यह देखता है, कि वह रो रहे हैं। उनके जिस्म से खून निकलता है। उसको बड़ा सुकून मिलता है।

पता करने से यह भी पता चला था। यह पहले से ही गुमसुम रहता है। इसको दूसरों को तकलीफ में देखने से मजा आता है। यहां तक कि जब पुलिस वाले उसे पूछताछ कर रहे थे। वह हंस रहा था।इसमें भी उसे मजा आ रहा था। क्योंकि उससे उस बारे में पता कर रहे थे। जिस काम में उसे मजा आया था। फिर मेडिकल टीम की रिपोर्ट आई। इसका दिमागी संतुलन सही नहीं है। इसने एक साथ तीन क़त्ल किये।

 India के Youngest Serial Killer के बारे में अदालत का फैसला-

अब कानून यह कहता है। इस बच्चे की उम्र सिर्फ 8 साल है। यह बालिग नहीं था। अब पुलिस को यह था कि अगर इसे किसी दूसरे बच्चों के साथ रखेंगे। उन बच्चों की जान को भी खतरा है। इसी वजह से पुलिस ने अदालत से दरख्वास्त की और कहा कि इसको किसी अलग कमरे में रखा जाए। इसका दिमाग सही करने के लिए इलाज किया जाए। अदालत के कहने पर उसके लिए एक अलग कमरा तैयार किया गया। उसको वहां निगरानी में रखा गया। यह कहीं  फिर कोई कांड ना कर दे।

इसके बाद एक मेडिकल रिपोर्ट और आई थी। इसको कत्ल करना सही या गलत का पता नहीं  था।  इसलिए उसे कत्ल करना कोई गलत काम नहीं लग रहा था। इसीलिए उसे मज़ा आ रहा था।

3 साल से ज्यादा उसका कैद में नहीं रख सकते थे। लेकिन इस बच्चे की दिमागी हालत को देखते हुए काफी बहस हुई। कहा गया कि अगर 3 साल के बाद उसको छोड़ दिया गया। यह अपनी खुशी के लिए और भी कत्ल कर दे। तीसरी बात यह थी कि जब वह बाहर आएगा। लोग उसको किलर के नाम से बुलाएंगे। वह वैसे ही गुस्से में बेकार हो जाएगा। हो सकता है वह किसी का कत्ल ही कर दे।

इसको मिनी किलर के नाम से तो लोग बुलाने ही लगे थे। आखिर में फिर यह हुआ की 18 साल पूरे होने तक इसको डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया। यह रिपोर्ट गोपनीय  थी। कहते हैं, कि 2015 में इसको वहां से छोड़ दिया गया। उसके बाद यह कहां है। किसी को मालूम नहीं है। अब यह एक नए नाम के साथ और एक नई पहचान के साथ रह रहा है। यह एक गोपनीय रखा गया है। क्योंकि अगर इस बारे में किसी को पता चल गया तो फिर वहां पर भी दहशत बैठ जाएगी। इस तरह India के Youngest Serial Killer में अमरजीत का नाम दर्ज हो गया।

One Reply to “बिस्कुट दोगे तो बताऊंगा की कितने क़त्ल किये है, India के Youngest Serial Killer की कहानी”

  • Cialis_tyrkia
    Cialis_tyrkia
    Reply

    Thank you ever so for you post.Much thanks again.cialis tyrkia

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