ये Budhia coach Biranchi Das murder की कहानी है। जिसके अंदर दौड़ने की काफी सलाहियत थी। शायद इसका नाम आपने पहले भी सुना होगा। हर घर में बुधिया का नाम लिया जाता था। बुधिया ओडिशा के बहुत ही पिछड़े इलाके में गरीब घर में पैदा हुआ। गरीबी का आलम यह था। बुधिया को पालने के लिए उसके मां-बाप के पास पैसे भी नहीं थे।

उस गरीबी से तंग आकर बुधिया के मां-बाप ने उसको किसी दूसरे शख्स को सिर्फ ₹800 में बेच दिया था। उसके बाद बुधिया वहां से निकलकर भुवनेश्वर तक पहुंच जाता है।

भुवनेश्वर में एक Judo Coach रहा करते थे। उनका नाम Biranchi Das था। बुधिया किसी तरीके से Biranchi Das तक पहुंच जाता है। बिरंचि दास कहते हैं कि चलो इस बच्चे को भी और बच्चों की तरह ट्रेनिंग देते हैं।

क्योंकि बुधिया बच्चा था और बच्चे शरारत करते हैं। बुधिया दूसरों बच्चों के साथ शरारत करता और उनको तंग किया करता। कई बच्चे उसकी शिकायत करते थे।

एक दिन जब बच्चों ने शिकायत की तो ब्रंची दास को गुस्सा आ गया। उन्होंने बुधिया को सजा देने के लिए कहा कि तुम ग्राउंड में जाकर दौड़ लगाओ। जब तक मैं ना कहूं तुम दौड़ते रहना।

यह कहकर Biranchi Das अपने किसी काम से चले गए। इसी काम में करीब 5 घंटे बीत गए। 5 घंटे के बाद जब Biranchi Das वापस आए। उनकी नजर जब ग्राउंड में पड़ी उन्होंने देखा कि की बुधिया अभी भी दौड़ रहा है। उसे देखकर वह हैरान रह गए। उन्होंने वहां खड़े हुए बच्चों से पूछा यह कब से दौड़ रहा है। बच्चों ने कहा कि जब से आपने कहा था। तकरीबन 5 घंटे हो गए यह जब से ही दौड़ रहा है।

बिरंचि दास ने पूछा कि यह रुका था। बच्चों ने कहा नहीं यह बगैर रुके ही दौड़ रहा है। बिरंचि दास को अजीब लगा कि एक छोटा सा बच्चा 5 घंटे से लगातार दौड़ रहा है। इस पर बिरंचि दास को अफसोस हुआ। उन्होंने बुधिया को बुलाकर उनसे बात की उन्होंने पूछा कि तुम्हें दौड़ते वक्त कुछ हुआ। बुधिया ने कहा मैं अभी भी दौड़ सकता हूं। तब उन्हें लगा कि यह अलग बच्चा है। जो दौड़ सकता है।

इसके बाद उन्होंने उसकी सलाहियत को उभारने की कोशिश की और कहा कि मैं इसको ट्रेनिंग दूंगा। यह एक बहुत अच्छा रनर बन सकता है। उसके बाद बिरंचि दास और उसकी बीवी ने बुधिया को गोदले लिया था। फिर उसको ट्रेनिंग देनी शुरू कर दी। यह सब कुछ चलता रहा पहली बार 2006-07 में बुधिया को पूरे देश और दुनिया ने तब जाना जब बुधिया को पूरी ट्रेनिंग देने के बाद इस लायक बना दिया था।

Puri जो उड़ीसा में एक जगह है। वहां के जगन्नाथ मंदिर से लेकर उड़ीसा की राजधानी भुवनेश्वर तक एक मैराथन दौड़ रखी गई। जिसको CRPF ने स्पॉन्सर किया था।

बाकायदा मीडिया भी वहां पहुंची थी। बुधिया का हौसला बढ़ाने के लिए सीआरपीएफ के जवान भी दौड़े थे। करीब 67 किलोमीटर की दूरी पूरी से भुवनेश्वर की थी।

बुधिया ने यह 67 किलोमीटर की दूरी साडे 7 घंटे में पूरी कर दी। बिना रुके यह दौड़ पूरी की थी। इसके बाद वह भुवनेश्वर पहुंचता है। Limca Book of Records के कुछ नुमाइंदे भी वहां मौजूद थे। उन्होंने देखा और उसके बाद Limca Book of Records में बुधिया का नाम आया।

इसके बाद बुधिया हर अखबार और टीवी पर छा गया। बुधिया के साथ-साथ ब्रंची दास का भी नाम होने लगा। इसके बाद जब लोगों को पता चला कि बुधिया एक गरीब बच्चा है। जिसे बेच दिया गया था तो उसकी मदद के लिए काफी पैसा बाहर विदेश से और देश से भी आने लगा। इस पर लोगों ने ब्रंची दास पर उंगली उठाई थी। वह इस पैसों का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं और अपने लिए इस्तेमाल कर रहे हैं। कुछ लोगों ने ब्रंची दास पर यह भी इल्जाम लगाया था कि वह बाल शोषण कर रहे हैं।

इसके बाद बुधिया के मां-बाप को भी पता चल गया था कि बुधिया के पास काफी पैसा आ गया है। उन्होंने बिरंचि दास के खिलाफ मुकदमा भी कर दिया था। मगर 7 दिन के बाद बिरंचि दास को रिहा कर दिया गया। फिर उन्होंने बुधिया को ट्रेनिंग देने का सिलसिला शुरू कर दिया।

इसी बीच दूसरी कहानी शुरू होती है। लंदन से आई एक Leslie Tripathy जो काफी खूबसूरत थी। वह भुवनेश्वर पहुंच जाती है। वह वहां की म्यूजिक एल्बम में काम करना शुरू कर देती है। धीरे-धीरे उसका म्यूजिक एल्बम हिट हो जाता है। दर्जनों म्यूजिक एल्बम उसके आ चुके थे। जब उसे शोहरत मिलती है तो उसको उड़ीसा की फिल्मों में भी किरदार अदा करने का मौका मिलता है। इसके बाद वह एक हीरोइन बन जाती है और कई फिल्मों में काम करती है।

Budhia coach Biranchi Das murder
Leslie Tripathy

एक वक्त आया कि Leslie Tripathy का इरादा बॉलीवुड में काम करने का बन गया। उसने सोचा कि अब वह बॉलीवुड की हिंदी फिल्मों में काम करेगी।

बिरंचि दास भी बुधिया के साथ काफी मशहूर हो चुका था। इधर Leslie भी काफी फेमस हो गई थी। यह दोनों काफी जगह मिल चुके थे। इनमें दोस्ती हो चुकी थी।

इसी दौरान में एक फंक्शन था जो जेल में रखा गया था। वह कैदियों के लिए रखा गया था। Leslie पहली बार एक जेल में जाती है। वह प्रोग्राम किसी NGO ने रखा था। Leslie वहां जाकर कई कैदियों से मिलती है।

वहां पर एक कैदी से उसकी मुलाकात होती है। उसका नाम राजा आचार्य था। राजा आचार्य एक बड़ा बिल्डर था। बिल्डर होने के साथ-साथ वह 1 क्रिमिनल था। 30 से ज्यादा उसके ऊपर मुकदमे थे। उसके ऊपर क़त्ल का मुकदमा भी था। मगर तब तक किसी मुक़दमे में सजा नहीं हुई थी। उस पर सिर्फ यह आरोप थे।

Leslie कि जब राजा आचार्य से मुलाकात होती है। राजा आचार्य पहले ही मुलाकात से दिल दे बैठता है। उससे प्यार करने लगता है। इसके बाद वह जमानत पर जेल से बाहर आ जाता है। बाहर आते ही वह Leslie से जाकर मिलता है। उसको मैसेज करना और फोन करना शुरू कर देता।

क्योंकि राजा एक अमीर आदमी था। एक डॉन किसम का आदमी भी था। उसने Leslie को तरह-तरह के गिफ्ट देने शुरू कर दिए। एक वक्त ऐसा आया कि उसने Leslie से शादी करने का इरादा कर लिया। मगर Leslie ने इंकार कर दिया। उसने कहा कि उसने राजा से कभी प्यार किया ही नहीं।

राजा आचार्य ने इल्जाम लगाया की म्यूजिक एल्बम मैं मैंने इसकी बहुत मदद की है। जो इसकी म्यूजिक एल्बम हिट हुई है। उसमें मेरा काफी पैसा लगा है। अब यह काफी फेमस हो गई तो यह मुझे ठुकरा रही है।

इस दौरान में एक IAS अफसर थे। Leslie की उनसे जान पहचान थी। Leslie ने उनसे संपर्क किया और कहा कि राजा अचार्य नाम का एक शख्स है। जो मेरे पीछे पड़ा हुआ है। उन्होंने कुछ लोगों के जरिए राजा आचार्य को मैसेज भेजा कि तुम Leslie का पीछा छोड़ दो वरना अंजाम बहुत बुरा होगा।

राजा अब उस IAS अफसर का भी दुश्मन हो चुका था। वह लगातार Leslie से शादी की जिद पर अड़ा हुआ था। इसके बाद Biranchi Das Leslie से मिलते हैं। Leslie उनसे कहती हैं कि यहां का गुंडा है राजा आचार्य जो मेरे पीछे पड़ा हुआ है। जबरदस्ती में मुझसे शादी करना चाहता है। आप यहां के काकी पहुंचे हुए आदमी हो तो आप उससे मेरा पीछा छुड़ा दे।

बिरंचि दास ने Leslie से वादा किया कि मैं इसमें आपकी काफी मदद करूंगा। बिरंचि दास ने लोगों के जरिए राजा आचार्य को मैसेज भेजा कि तुम Leslie का पीछा छोड़ दो। वह एक शरीफ लड़की है। तुम किसी और से शादी कर लो। राजा को लगा कि यह मेरे और Leslie के बीच में आ रहा है। वह उसका भी दुश्मन बन गया।

इस बीच बिरंचि दास ने राजा को धमकाया भी था। अब राज आचार्य को लगने लगा कि हमारे दोनों के बीच का कांटा है। अब राज आचार्य बिरंचि दास का दुश्मन बन चुका था। उसने बिरंचि दास को रास्ते से हटाने का इरादा कर लिया था।

13 अप्रैल 2008 को भुवनेश्वर में कोचिंग सेंटर में एक फंक्शन चल रहा था। वहां पर एक शख्स आता है। वह नजदीक जाकर बिरंचि दास से बात करता है। फिर उनको गोली मार देता है। एक साथ कई गोली मारकर वह वहां से भाग जाता है।

जब उनकी लाश को अस्पताल ले जाया गया तो वहां पर उनको मुर्दा करार दे दिया गया। उनकी मौत हो चुकी थी। इसके बाद पुलिस छानबीन शुरु कर देती है। इसी दौरान पुलिस को एक ऑडियो कॉल मिलता है। इस कॉल में राजा आचार्य ने किसी को फोन पर कहा था कि मैं जोड़ो कोचिंग सेंटर में बंसी दास को इतनी गोली मारूंगा वह बचेगा नहीं।

यह बात क़त्ल से लगभग 48 घंटे पहले की थी। इस दौरान में पुलिस काफी छानबीन कर रही थी। अब इसमें कई मोड़ सामने आ जाते हैं, कि बिरंचि दास और Leslie का कोई ताल्लुक तो नहीं था। दूसरा यह कि वह IAS जिसने राजा आचार्य को धमकाया था। उसका तो कहीं Leslie इसे कोई ताल्लुक नहीं था। अब यह कई मोड़ सामने आ गए थे।

इसी दौरान जिस शख्स ने गोली मारी थी। उसकी पहचान जगाला के नाम से हुई थी। यह राजा आचार्य का साथी माना जाता था। अब पुलिस ने तलाश शुरू कर दी। लेकिन कोई हाथ नहीं लग रहा था। लगभग 13 दिन ब्रंची दास के क़त्ल को हो चुके थे।

अचानक 13 दिन के बाद भोपाल के एक न्यूज़ ऑफिस में जगाला पहुंच जाता है। वह वहां जाकर कहता है, कि मैं अपने आप को सरेंडर करना चाहता हूं। उसके गिरफ्तारी से पहले उसका इंटरव्यू ले लिया जाता है। वह अपने इंटरव्यू में कहता है कि मैंने ब्रंची दास को मारा है। मगर उनको मारने की 10 लाख की सुपारी मुझे Leslie Tripathy ने दी थी। अब यह एक नया मोड़ स्वामी आ गया था।

इसके बाद उड़ीसा की पुलिस जगाला को भोपाल से उड़ीसा ले जाती है। वहां पूछताछ की जाती है। इस कत्ल के बाद राजा आचार्य भी गायब हो चुका था। पुलिस इस को ढूंढ रही थी। 5 मई 2008 को गोवा की राजधानी यह वहां पर छुपा हुआ था। राजा आचार्य गोवा पुलिस के सामने सरेंडर कर देता है।

उड़ीसा की पुलिस राजा आचार्य को गोवा से भुवनेश्वर ले आती है। इन दोनों से पूछताछ होती है। इसके बाद यह कहानी सामने आती है। जगाला ने जो न्यूज़ चैनल के इंटरव्यू में कहा था वह सब झूठ था। Leslie ने उसको कोई सुपारी नहीं दी थी। बल्कि राजा आचार्य ने ही जगाला को कत्ल करने के लिए भेजा था। जगाला ने ही ब्रंची दास का गोली मारी थी। वह भी इसलिए कि ब्रंची दास लगातार आचार्य को Leslie से दूर रहने के लिए बोल रहे थे।

इसके बाद इनका मामला फास्ट ट्रैक कोर्ट में पहुंच जाता है। फास्ट ट्रैक कोर्ट दिसंबर 2010 में अपना फैसला सुनाती है। अदालत राजा आचार्य और उसके साथी जगाला को उम्र कैद की सजा दे देती है। इस सजा को राजा आचार्य हाई कोर्ट में चैलेंज कर देता है।

मगर हाई कोर्ट फैसला सुनाने में काफी वक्त ले लेती है। इसके बाद राजा आचार्य सुप्रीम कोर्ट चला जाता है। यह वहां पर जमानत की अपील करता है। क्योंकि हाईकोर्ट से इसकी जमानत खारिज हो चुकी थी।

सुप्रीम कोर्ट यह सोचकर राजा आचार्य को जमानत दे देती है कि अभी हाई कोर्ट से कोई फैसला नहीं आया है। 2017 को ये रिहा हो जाता है। इसके बाद Leslie और बिरंजी दास की पत्नी कहती है कि उनकी जान को खतरा है। क्योंकि वह इस क़त्ल के मैन गवाह थी। इसके बाद पुलिस उन्हें प्रोटक्शन दे देती है।

राजा आचार्य का मामला अभी भी हाईकोर्ट में लटका हुआ है। वह जमानत पर बाहर है। इसके बाद जो भी अपडेट आएगा वह आपको मिल जाएगा।

अब दूसरी तरफ आते हैं-

बुधिया की तरफ रुख करते है। क्योंकि Biranchi Das दूधिया के कोच थे और उसको गोद भी लिया था। क्योंकि ब्रंची दास की मौत हो चुकी थी तो उड़ीसा की जो सरकार है। वह बुधिया का तमाम खर्च उठाना शुरू कर देती है। उसको एक इंग्लिश मीडियम में एडमिशन मिल जाता है। उसको अच्छी तालीम दी जाती इसके बाद वह कॉलेज पहुंच जाता है। अब उसके बारे में कोई ताजा status नहीं है। जैसा status सामने आएगा आपको बता दिया जाएगा।

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