आज की कहानी “Jassi और Mithu की Love Story” की कहानी है। जिस तरीके से हम फिल्मों में देखा करते थे। अमीरी गरीबी की दीवार, गांव बिरादरी, समाज वह सारी चीजें हैं। मगर यहां पर सरहद भी है। एक तरफ हिंदुस्तान और दूसरी तरफ कनाडा है। यह पहली नजर का प्यार है। उसका जो अंजाम होता है। उसको लेकर कनाडा तक में इंसाफ की मांग उठती है। उन में से एक लगभग 20 साल से सिर्फ इंतजार कर रहा है। वह भी एक चीज के लिए कि जिससे उसने प्यार किया। उसके साथ जो कुछ हुआ। उसके गुनाहगारों को वह एक बार फांसी पर चढ़ते हुए देख ले।

यह कहानी जस्सी और मिट्ठू की है। जस्सी यानी जसविंदर कौर सिद्धू। उसके मां-बाप पंजाब के थे। मगर उसकी पैदाइश कनाडा में हुई थी। वह अरबपति घराने से थी। उसके मां-बाप भी कनाडा में ही रहते थे। दूसरी तरफ मिट्ठू था। जिसका नाम सुखविंदर सिद्धू उर्फ़ मिट्ठू सिद्धू था। यह काउंके कला पंजाब का रहने वाला है। यह गरीब घराने से था। इसने टेंपो भी चलाया था। इन दोनों की यह लव स्टोरी शुरू होती है।

जस्सी और मिट्ठू की मुलाकात और Jassi Mithu की Love Story की शुरुआत-

बात 1994 की है। जस्सी कनाडा से हिंदुस्तान अपने ननिहाल आती है। वह यहां पर घूमने के लिए आई थी। साथ में अपने रिश्तेदारों से मिलने के लिए भी वह यहां आई थी। काउंके कला पंजाब में एक जगह है। वह वहां पहुंच जाती है। काउंके कला पहुंचने के बाद वहीं पर उसकी मुलाकात पहली बार मिट्ठू से होती है।

jassi mithu love Story
जस्सी और मिट्ठू

जब वह गांव आई क्योंकि गांव में टेंपो चलते हैं। वह उसी टाइम टेंपो में अपनी मां और मौसी के साथ बैठी हुई थी। टेंपो में वह पीछे की तरफ बैठी हुई थी। उसी वक्त वहां एक स्टैंड पर खड़ा हुआ मिट्ठू। क्योंकि उसे भी उसी गांव जाना था। वह भी काउंके कला का ही रहने वाला था। दौड़कर वह भी टेंपो में चढ़ जाता है। वह टेंपो के पीछे लटक जाता है।

उसी टेंपो पर दोनों की पहली मुलाकात होती है। दोनों की नजरें मिलती है। मिट्ठू का कहना था कि पता नहीं उस पहली मुलाकात में कुछ ऐसा हुआ कि यह दोनों एक दूसरे के लिए बने हैं। इसके बाद टैंपू अपनी मंजिल पर पहुंचता है। दोनों उतर जाते हैं। इत्तेफाक से जस्सी के नानी के घर का एक दरवाजा मिट्ठू के घर के पास ही खुलता था।

अगले दिन जस्सी गांव का दौरा करने के इरादे से स्कूटी उठाती है। इत्तेफाक से स्कूटर खराब हो जाता है। उसको इत्तेफाक से मिट्ठू मिल जाता है। वह उस स्कूटर को सही कर देता है। फिर दोनों में मुलाकात होती है। इसके बाद जस्सी अपनी मौसी के साथ एक साड़ी की दुकान में जाती है। मिट्ठू भी उसका पीछा करता हुआ वहां पहुंच जाता है। वहां पर भी वे दोनों मिलते हैं। जस्सी मुस्कुराती है। चुपचाप से वह कॉफी पी रही थी। वह मिट्ठू की तरफ कॉफी भी बढ़ा देती है। इस तरीके से इन दोनों की बातचीत का सिलसिला शुरू हो जाता है।

जस्सी और मिट्ठू का प्यार का इज़हार-

कुछ वक्त के बाद दोनों एक दूसरे से इजहार भी कर देते हैं। जस्सी और मिट्ठू दोनों एक दूसरे से साफ-साफ कह देते हैं। वह एक दूसरे से प्यार करते हैं। धीरे-धीरे यह दोनों इसी ख्वाब की जिंदगी में जी रहे थे। Jassi Mithu की Love Story सही चल रही थी। अचानक जस्सी के लौटने का दिन आ जाता है। उसे कनाडा वापस जाना था। क्योंकि वह वहां पर पढ़ाई कर रही थी। उसे वहां पर पढ़ाई करके वकील बनना था। जब जाने की बात आती है। मिट्ठू उदास हो जाता है। यहां तक कि जस्सी भी नहीं जाना चाहती थी। इस वजह से वह अपना पासपोर्ट फाड़ देती है। ताकि वह वहां पर ना जा पाए।

मगर जस्सी के घर वाले अमीर थे। इस वजह से 15 दिन के अंदर पासपोर्ट तैयार हो जाता है। ना चाहते हुए भी जस्सी को पंजाब से कनाडा जाना पड़ता है। जिससे Jassi Mithu की Love Story  बीच में रह जाती है। मगर जस्सी मिट्ठू से इस बात का वादा करती है। वह जल्दी वापस आएगी। दोनों शादी करेंगे और वापस जाकर कनाडा में ही बस जाएंगे। उसके जाने के बाद एक दोनों खत से संपर्क में रहते हैं। क्योंकि बात 1994 की है। उस वक्त सोशल मीडिया का जमाना नहीं था। टेक्नोलॉजी इतनी आगे की नहीं थी।

इसके अलावा गांव में एक PCO भी था। उस PCO पर महीने में एक बार जस्सी का फोन आता था। क्योंकि जस्सी ने खत के जरिए मिट्ठू को वक्त का बता रखा था। इस वजह से पाबंदी के साथ मिट्ठू वक्त पर वहां पहुंच जाया करता था। दोनों में काफी बात हुआ करती थी। धीरे-धीरे वक्त बीतने लगा करीब 5 साल बीत जाते हैं।

जस्सी और मिट्ठू का छुप के शादी करना-

1999 में वह दोबारा वापस आती है। इसी दौरान पता चलता है, कि जस्सी के घरवाले उसके लिए लड़का देख रहे हैं। उसकी शादी हो जाएगी। यह बात वह मिट्ठू को बताती है। फिर दोनों तय करते हैं। वह गुपचुप तरीके से शादी कर लेंगे। उसके बाद वे दोनों एक गुरुद्वारे में जाकर शादी कर लेते हैं। 15 मार्च 1999 को दोनों की शादी हो जाती है। मगर इस शादी के राज को दोनों छुपा कर रखते हैं।

जस्सी मिट्ठू से वादा करती है। वह उसको कनाडा बुलाएगी और दोनों साथ रहेंगे। इसी वादे के साथ जस्सी कनाडा वापस लौट जाती है। उसके बाद भी फोन पर बात जारी थी। इसके बाद जस्सी मिट्ठू के कागज तैयार करने की कोशिश करती है। वह वहां से Apply कर देती है। इधर मिट्ठू के पास गांव में पेपर आ जाते हैं।

शादी के राज का पता चल जाना-

इसी दौरान मिट्ठू का एक खास दोस्त जो उनकी शादी का गवाह था। यह राज जस्सी के ननिहाल में बता देता है। वह बताता है, कि इन दोनों ने 15 मार्च 1999 को एक गुरुद्वारे में शादी की है। यह बात जस्सी के मामा को पता चल जाती है। जस्सी के मामा एक अमीर शख्स थे। उसी गांव के रहने वाले थे। जब उनको यह बात पता चलती है। फिर हैसियत बीच में आ जाती है। उनको बहुत गुस्सा आता है। फिर जस्सी के मां-बाप को बता दिया जाता है।

मिट्ठू पर झूटी FIR-

फिर मां के इशारे पर यह कहा जाता है, कि की शादी को खत्म करके इन को अलग कर दिया जाए। पहला कदम यह उठाया जाता है, कि अपनी हैसियत का इस्तेमाल करते हुए जस्सी के मामा मिट्ठू के खिलाफ पुलिस में रिपोर्ट लिखवा देते हैं।

रिपोर्ट ये थी कि मिट्ठू ने जस्सी के साथ जबरदस्ती करके शादी की है। जस्सी के मामा का नाम सुरजीत सिंह था। वह पुलिस वाले को पैसा देते हैं। पुलिस वाले मुकदमा दर्ज कर लेते हैं। इसके बाद पुलिस मिट्ठू और उसके दोस्त को गिरफ्तार कर लेती है। इसके बाद इस गिरफ्तारी की खबर कनाडा में बैठी हुई जस्सी को मिल जाती है। जस्सी किसी तरीके से नंबर का इंतजाम करती है। कनाडा से ही पुलिस को एक फैक्स कर देती है। वह बताती है, कि मिट्ठू ने उसके साथ जबरदस्ती शादी नहीं की है। हम दोनों ने अपनी मर्जी से शादी की है। हम दोनों एक दूसरे से बहुत प्यार करते हैं। उसने मुझे कभी भी भगवा नहीं किया।

मिट्ठू को पुलिस द्वारा परेशान करना-

इसके बाद पुलिस वालों को मजबूरी में मिट्ठू और उसके दोस्तों को छोड़ना पड़ा। मगर पुलिस अलग तरीके से परेशान करने लगी। इधर जस्सी के रिश्तेदार मिट्ठू पर लगातार दबाव बनाने लगे। उसके ऊपर ड्रक्स का इल्जाम लगाया। उसके भाई के ऊपर चोरी का इल्जाम लगा दिया। यहां तक कि एक बलात्कार का इल्जाम लगा दिया। उन्होंने एक लड़की को तैयार किया था। उससे पुलिस में रिपोर्ट लिखवाई थी। कि मिट्ठू ने उसके साथ बलात्कार किया है। बलात्कार के इल्जाम में मिट्ठू को गिरफ्तार कर लिया जाता है। मगर तकदीर देखिए जिस लड़की ने मिट्ठू पर यह इल्जाम लगाया था। जब उसे मिट्ठू और जस्सी की कहानी पता चलती है। वह इमोशनल हो जाती है। वह फिर पुलिस में जाकर कहती है। मुझसे दबाव देकर झूठी गवाही और झूठा मुकदमा बनवाया गया। मिट्ठू ने मेरा कोई बलात्कार नहीं किया है। इसके बाद मिट्ठू को छोड़ दिया जाता है।

जस्सी का मिट्ठू को छुड़ाना-

इसी दौरान जब मिट्ठू और उसके रिश्तेदार को परेशान किया जा रहा था। मिट्ठू बार जेल में बंद था। जस्सी से रहा नहीं गया। उसने तय किया कि वह भारत वापस आएगी। इस बार अपने प्यार को वापस लेकर जाएगी। मुसीबत में उसका साथ देगी। वह वापस पंजाब आ जाती है। आने के बाद वह बाकायदा पुलिस और अदालत में जाकर कहती है। हम दोनों ने शादी की है। मेरे घरवाले बगैर मतलब के इसको झूठे इल्जाम हमें परेशान कर रहे हैं।

इसके बाद पुलिस को मिट्ठू को छोड़ना पड़ा था। मगर इसके बाद जस्सी ने अपने घर वालों को ही दुश्मन बना लिया था। इसके बाद मिट्ठू और जस्सी की जान पर खतरा बन जाता है। इन दोनों को मारने की बात आ जाती है। मिट्ठू के घर वाले इसके बाद उसे वहां से निकाल देते हैं। इसके बाद वे दोनों अलग-अलग जगह पर भटकते रहते हैं।

इसके बाद मिट्ठू के रिश्तेदार उसकी मदद करते हैं। मलेर कोटला एक जगह है। वहां पर उनको रहने के लिए भेज देते हैं। दोनों वहां पर छुप कर रह रहे थे। एक दिन जस्सी कहती है। मैं काफी थक गई हूं और बोर हो रही हूं। मुझे तुम्हारे साथ स्कूटी पर बाहर घूमना है। मिट्ठू के रिश्तेदार उनको समझाते हैं। जस्सी के मामा लगातार तुम्हें तलाश कर रहे हैं। मगर मिट्ठू जस्सी की बात को नहीं टालता है। वह जस्सी की खुशी के लिए जस्सी को स्कूटर पर बिठा कर निकल जाता है।

जस्सी और मिट्ठू पर हमला-

थोड़ी दूर के बाद मलेर कोटला के बाहर उन्हें एक गाड़ी दिखाई देती है। जो एक अजीब सी गाड़ी थी। मिट्ठू उन्हें देखकर अपनी गाड़ी रोक लेता है। वह सोचता है, कि शायद कुछ हो गया है। उन्हें मदद की जरूरत है। बिट्टू जैसे ही गाड़ी रोकता है। जीप के पीछे से 2 लोग आते हैं। उनके हाथ में तलवार थी। उनके आने के बाद पीछे से और चार पांच लोग आ जाते हैं। वह मिट्ठू पर टूट पड़ते हैं। मिट्ठू अब उनकी तलवार की जद में था। वह खून से लथपथ हो गया था। जस्सी लगातार मदद मांग रही है। मगर वहां कोई मदद के लिए नहीं था।

जब उन्हें लगा कि मिट्ठू का मर चुका है। वह जस्सी को उठाकर गाड़ी में डाल कर ले जाते हैं। जो चार्जशीट और F.I.R है। उसके हिसाब से जब वह जस्सी को लेकर निकले। उन्होंने जस्सी की बात उसकी मां से कराई थी। जस्सी रो रही थी। यह बार-बार कह रही थी कि मां मैं आपको नहीं छोडूंगी।  मैं आपके इस राज को पास कर दूंगी। मैं पुलिस में सब कुछ बताऊंगी। मां फिर उन लोगों से कहती है। थोड़ी देर के बाद फिर दोबारा बात करना। इसके बाद वह बात कराते है। जस्सी फिर उसी बात को दोहराती है।

जस्सी का क़त्ल-

जब जस्सी की मां को लगा कि यह मानेगी नहीं। जस्सी की मां ने उन 7 लोगों से कहा कि जस्सी को भी मार डालो। इसके बाद वह जस्सी को लुधियाना के पास एक फार्म हाउस में ले जाते हैं। वहां जाने के बाद तलवार और बीयर की बोतल से जस्सी का गला काट देते हैं। इसके बाद उसकी लाश को वही नदी में फेंक देते हैं।

इधर गलती से वह मिट्ठू को मुर्दा समझ कर गए थे। मगर मिट्ठू तब तक जिंदा था। उधर से 2 लोग गुजर रहे थे। जब उन्होंने देखा कि मिट्ठू खून से लथपथ है। वह उसको उठाकर अस्पताल ले गए। लगभग 15 दिन तक मिट्ठू कोमा में था। जब 15 दिन के बाद उसे होश आया। होश आने के बाद उसने पूछा जस्सी कहाँ है। उसके रिश्तेदारों ने बताया कि उस दिन के बाद से उसका कुछ पता नहीं है। इसके बाद इस ने पुलिस में रिपोर्ट लिखवाई। मेरे ऊपर हमला हुआ था। वह लोग जस्सी को उठाकर ले गए।

जस्सी की लाश मिलना-

इसके बाद इधर जस्सी की लाश मिल जाती है। लाश मिलने के बाद मिट्ठू बदहवास हो जाता है। वह पुलिस में रिपोर्ट लिखवा देता है। उसके कहने पर पुलिस छानबीन करती है। अलग-अलग लोगों को गिरफ्तार करती है। पकड़ने के बाद पता चलता है। जस्सी की मां मलकीत जो कनाडा में थी। जस्सी के मामा सुरजीत सिंह इन दोनों ने मिलकर इस प्लानिंग को अंजाम दिया था। उन लोगों ने 7 लाख में मिट्ठू की सुपारी ली थी।

उस वक्त मलेर कोटला इलाके में एक इंस्पेक्टर हुआ करता था। यह कहा गया था कि अगर तुम इसकी लाश को यहां पर डाल दोगे। उस केस को मैं खुद संभाल लूंगा। इसी वजह से मिट्ठू की लाश को वहां पर फेंका गया था। जिसको मुर्दा समझ कर छोड़ गए थे। उस पुलिस इंस्पेक्टर को भी गिरफ्तार किया गया था। जिन्होंने 7 लाख में मिट्ठू की सुपारी ली थी। आखिर में जब जस्सी की मां ने कहा था। जस्सी को भी खत्म कर दो। सुपारी की रकम दोगुना हो गई थी। यानी 7 लाख से 14 लाख हो गई थी।

कातिलों की गिरफ्तारी-

इसके बाद इन को गिरफ्तार किया जाता है। वह सब बताते हैं, कि उनको सुपारी सुरजीत सिंह ने दी थी। उनमें से एक बताता है, कि उन्होंने जस्सी की मां से उसकी बात कराई थी। जस्सी कि मां ने ही फोन पर बताया था। कुछ देर के बाद कॉल करके बताऊंगी जस्सी का क्या करना है । जब दोबारा कॉल किया था। यह कहा था, कि जस्सी को भी मार डालो। उसकी मां के कहने पर ही हमने जैसी को मारा था।

इसके बाद सुरजीत सिंह और जस्सी की मां इसमें मुलजिम हुए। उस इंस्पेक्टर को भी गिरफ्तार किया गया। क्योंकि जस्सी की मां और मामा कनाडा में थे। इस इंस्पेक्टर और उन लोगो को उम्र कैद की सजा हो गई। लेकिन मामा और मां कानून के शिकंजे से दूर कनाडा में थे। फिर कानून लंबी लड़ाई चलती रही। मिट्ठू अदालत के चक्कर काटता रहा। मिट्ठू ने यह तय कर लिया था। वह अपनी जस्सी के गुनहगारों को किसी कीमत पर नहीं बख्सेगा।

उसकी कहानी मीडिया के जरिए अलग-अलग जगह पर आई। यहां तक की बात कनाडा तक पहुंच गई। इसके बाद Justice For Jassi एक मुहिम चल गई थी। वहां के अखबारों और मीडिया में यह बात सामने आई। जिससे Jassi और Mithu की Love Story की कहानी वहां पर छपने लगी। उसको लेकर पब्लिक में गुस्सा शुरू हो गया। कनाडा की सरकार पर इतना दबाव पड़ा उन दोनों को भारत भेजने पर मजबूर हो गए।

इधर CBI और पंजाब पुलिस के कहने पर सरकार ने जस्सी के मामा और मां को भारत को सौंपने की अर्जी दी। सालों तक यह बात ऐसे ही लटकी रही। क्योंकि इसमें कनाडा की पुलिस आ गई थी। वह कह रही थी। भारत की पुलिस की जो रिपोर्ट है। उसमें कुछ कमी है। इसके बाद मामला अदालत में चला गया। इधर जस्सी को इंसाफ देने के लिए लगातार दबाव पड़ रहा था।

अदालत का फैसला-

इसके बाद अदालत ने फैसला किया कि इन दोनों ने जो गुनाह किया है। इनकी उनको सजा मिलनी चाहिए। इसलिए इनको भारत भेजना चाहिए। आखिरकार करीब 18 साल के बाद कानून की जीत हो जाती है। इसके बाद मलकीत कौर और सुरजीत सिंह जस्सी के मामा और मां उन दोनों को भारत भेजा जाता है। वह दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरते हैं। पंजाब पुलिस की टीम वहां पर पहुंच जाती है। वह उनको लेकर पंजाब आ जाती है। उनके खिलाफ अगवा करना, कत्ल करना, और साजिश रचने के तहत मुकदमा दर्ज हो जाता है। अब यह दोनों जेल में है। क्योंकि यह लंबे वक्त से भागे हुए थे। इन दोनों पर मुकदमा चल रहा है।

जाँच करने वाले अधिकारी को रिशवत देना-

उस वक्त जो इस मामले की जांच कर रहे थे। जिन्होंने पुलिस इंस्पेक्टर को भी गिरफ्तार किया था। उनका कहना था कि जब वह इस केस की जांच कर रहे थे। जस्सी के मामा और मां कनाडा में थे। तब उन्होंने इस पुलिस अफसर के पास एक ब्लैंक चेक भेजा था। उन्होंने कहा था। इस चेक में जितनी रकम चाहो तुम भर सकते हो। बस तुम्हारा काम इतना है, कि इस केस को हल्का कर दो यहां तक कि खत्म ही कर दो। तब इस पुलिस अफसर ने कहा था। पंजाब पुलिस का हर पुलिस वाला बिकाऊ नहीं होता। उस बैलेंस चेक को छोड़ दिया था।

मिट्ठू को रिशवत देना-

जब लगा कि मिट्ठू नहीं मानेगा। मिट्ठू को भी यही ऑफर दिया गया था। यह ऑफर 2012 में दिया गया था। उसे 14 एकड़ जमीन बहुत अच्छी जगह पर और एक करोड रुपए कैश। यह ऑफर उसको पंजाब के लोकल MLA के जरिए दिया गया था। मिट्ठू का जवाब था। जिस हैसियत का मैं हूं। जिस हैसियत की जस्सी थी। हम दोनों में जमीन आसमान का फर्क था। मगर जस्सी ने इस फर्क को किनारे करते हुए मुझसे मोहब्बत की और शादी की।

उसने मेरे लिए जो कुछ किया। वह अहसान मैं कभी नहीं भूलूंगा। यह चाहे कितने करोड़ रुपए  ही क्यों ना हो उसकी कीमत की भरपाई नहीं हो सकती। मिट्ठू ने इस ऑफर को ठुकरा दिया। आज इस मामले को करीब 21 साल हो चुके हैं। मिट्ठू आज भी पंजाब में है। आज भी वह अदालत के चक्कर काट रहा है। उसकी सिर्फ एक तमन्ना है, कि जस्सी के कातिल को फांसी की सजा मिले। वह यह देखना चाहता है, तो ये Jassi और Mithu की Love Story थी।

One Reply to “कनाडा की जस्सी और पंजाब के मिट्ठू की Love Story और क़त्ल”

  • Epitome Dubai
    Epitome Dubai
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    Really Amazing Information and i think it’s Deeply Information about jassi and mittu. . I love it Keep it up and Thank’s

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