आज बात ऐसी कहानी की है जो जासूसी की दुनिया से ताल्लुक रखती है, दूसरी बात ये की एक ही आदमी को हिंदुस्तान और पाकिस्तान दोनों मुल्को में एक सी मुकदमा की सजा मिली। ख़ास बात ये है की एक सख्स दो अलग-अलग एजेंसी के लिए काम करता है, और RAW (भारतीय ख़ुफ़िया एजेंसी) और ISI (पाकिस्तानी ख़ुफ़िया एजेंसी) को बेवकूफ बनाता है। ये कहानी Ganga Airlines Hijack की है।

कहानी हाशिम कुरैशी की है, जो कश्मीर में श्रीनगर का रहने वाला है। जो पहले RAW के लिए काम करता है, जिसे पाकिस्तान में POK में भेजा जाता जाता है। बाद में इसी उसका दिमाग बदल कर अपने लिए काम करने के लिए तैयार कर लेती है।

जब हाशिम कुरैशी बड़ा होता है, उससे BSF के जरिये RAW से मुलाकात कराई जाती है, उससे कहा जाता है, की वो POK जाये और वहाँ RAW के लिए काम करे क्योंकि वो POK को अच्छी तरह से जनता है।

1969 में पेशावर में किसी रिस्तेदार की शादी में हाशिम कुरैशी जाता है, और वह जाते ही उसकी मुलाकात मकबूल भट्ट से होती हो। जो NLF (नेशनल लिबरेशन फ्रंट) का अध्यक्ष था। ये वही मकबूल भट्ट है जिए बाद में तिहाड़ जेल में फांसी होती है। वह मुलाकात में कश्मीर की आजादी की बाते होती है, इसी बीच उसकी मुलाकात पाकिस्तान की आई अस आई से कराई जाती है। वहाँ हाशिम कुरेशी से कहा जाता है की तुम कश्मीर के लिए काम करो। और वहाँ एक पायलट के जरिये हाशिम कुरैशी को ट्रेनिंग दी जाती है। और उससे राजीव गाँधी का पायलट हाईजैक करने के लिए कहते है। उस वक़्त इंद्रा गाँधी देख की प्रधानमंत्री थी।

अल फतह नाम का एक नया आर्गेनाईजेशन नाता था अल फतह के करीब 36 आदमियों को BSF ने गिरफ्तार कर लिया था। इसको लेकर बाकी की आर्गेनाईजेशन में काफी नाराजगी थी, और वो चाहते थे, की इनको आजाद कराया जाये।

जब कुरैशी को BSF और RAW की तरफ से पकिस्तान भेजा गया था तो वो इसी के बहकावे में आ गया और वो इसी के लिए ही काम करने लगा।

 RAW ने Ganga Airlines Hijack का ड्रामा कैसे किया-

जब पकिस्तान से Training लेने के बाद कुरैशी भारत लौटता है, तो वो यहाँ BSF के हत्ते चढ़ जाता है। BSF के सख्ती पूछने के बाद कुरैशी ने ISI की पूरी पलानिंग के बारे में RAW को बता दिया और हवाई जहाज हाईजैक की पूरी कहानी उगल दी । रॉ ने कहा अगर तुम मौत से बचना चाहते हो तो अब हमारे लिए काम करो और उससे हवाई जहाज हाईजैक करने को कहा जाता है मगर रॉ के तरीके से। इंडिया एयरलाइन का एक हवाई जहाज था जिसका नाम गंगा था वो काफी पुराना था।

गंगा एयर लाइन को श्रीनगर से जम्मू के लिए तैयार किया गया और Ganga Airlines Hijack करने के लिए कहा गया । इसमें कुरैशी का एक कजन अशरफ कुरैशी को भी शामिल किया जाता है। अब इन दोनों को नकली खिलोनो वाला हथियार दिया गया। 30 Jan 1971 को हवाई जहाज उड़ान भरता है। प्लान के तहत इसको अगवा किया जाता है, और लाहौर के एयरपोर्ट पर उतरने की इजाजत मांगी जाती है । पाकिस्तानी अथॉरिटी फौरन उसको उतरने की इजाजत दे देती है। इसमें हाशिम कुरैशी और उसका कजन अशरफ कुरैशी थे। आल इंडिया रेडियो ने फौरन इसकी खबर को ब्रेक कर दिया। अगवा करने के बाद उन्होंने अल फतह के 36 लोगो को रिहा करने की डिमांड राखी । इसके बाद बात चीत हुई । फिर उसमे मौजूद 30 यात्रियों को वाघा बॉर्डर के जरिये भारत लाया गया। करीब 80 घंटे के बाद वो Hijacker उस हवाई जहाज को आग लगा देते है, और वो जलकर राख हो जाता है।

इसके बाद भारत फौरन एक्शन लेता है और पाकिस्तान की नापाक हरकत दुनिया के सामने बताता है। इसके बाद भारत ने अपने एयर स्पेस में पाकिस्तानी हवाई जहाज के लिए रोक लगा दी। इसका फायदा ये हुआ की पाकिस्तानी फ्लाइट को पूर्वी पकिस्तान (जो अब बांग्लादेश है) जाने में 3 गुना वक्त लगा। भारत को इसका फायदा पकिस्तान के साथ 1971 की जंग में हुआ

बाद में जब पाकिस्तान को हाशिम कुरैशी की चाल का पता चला तो कुरैशी को गिरफ्तार कर लिया गया। साथ में अशरफ कुरैशी के साथ 36 और लोगो को गिरफ्तार किया गया। जिसमे मकबूल भट्ट भी था। बाकी तो कुछ दिनों बाद रिहा हो जाते है, हाशिम कुरैशी को सात साल की सजा हो जाती है।

पाकिस्तान में सजा काटने के बाद के बाद तक़रीबन वो कनाडा चला जाता है, 29 दिसम्बर 2001 को कुरैशी भारत वापस आता है पुलिस उसे एयरपोर्ट पर ही गिरफ्तार कर लेती है। उस पर मुकदमा होता है बाद में उसे कश्मीर ट्रांसफर कर दिया जाता है। उसकी एक दलील थी के उस को इस गुनाह की सजा मिल चुकी है। और वो रिहा हो जाता है, क्योंकि भारत का भी यही कानून है। किसी को एक गुनाह की दो बार सजा नहीं मिल सकती।

नोट:- इस सब में पाकिस्तान का दावा था की ये एक भारत की चाल थी वो उसने खेल खेला, और भारत का दावा था की उसने पाकिस्तान की नापाक हरकत को बेनकाब किया, की पाकिस्तान कैसे हिजकेर को अपने यहाँ पनाह देता है।

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