आज की कहानी Umakant Mishra पर चले Robbery के Case की है। क्योंकि इस कहानी में एक शख्स पर चोरी का इल्जाम लगाया जाता है। 29 साल तक वह शख्स यह मुकदमा अदालत में लड़ता है। 29  साल बाद उसे वहां से बाइज्जत बरी कर दिया जाता है। यह कहानी एक ऐसी ही कहानी यह सोचकर आदमी यकीन भी नहीं कर सकता। मगर यह एक हकीकत है क्योंकि यह कागजात में लिखी हुई बात है।

यह कहानी 1994 की है। उत्तर प्रदेश के शहर कानपुर में डाकघर में एक शख्स डाकिया के जॉब किया करता था। उसका नाम उमाकांत मिश्रा था। वह उमाकांत मिश्रा के दो बच्चे और बीवी थी।

उमाकांत मिश्रा लोगों के घर चिट्ठियां पहुंचाया करता था। क्योंकि उस दौर में इंटरनेट डिजिटल मार्केटिंग वगैरह कोई चीज नहीं थी। उस दौर में लोगों के घर पैसे मनी ऑर्डर के जरिए भेजे जाया करते थे। उमाकांत मिश्रा चिट्ठी पहुंचाने के अलावा लोगों के मनीआर्डर भी पहुंचाया करता था।

उमाकांत मिश्रा पर जब भी मनी ऑर्डर आया करते थे। वह उनको लोगों के घर पहुंचा दिया करता था। उसका पूरा हिसाब पोस्ट ऑफिस में आकर अपने सीनियर को दे दिया करता था। एक बार उमाकांत मिश्रा को ₹697. 60 के मनीआर्डर लोगों तक पहुंचाने थे। उमाकांत मिश्रा यह पैसे लेकर मनीआर्डर पहुंचाने के लिए डाक ऑफिस से निकल गया। वह लोगों के घर पैसे पहुंचाने चला गया।

umakant misra robbery story
Umakant Mishra

उन रुपयों में से ₹300 तो उसने लोगों के घर पहुंचा दिया। मगर जो लोग वक्त पर नहीं मिले। उनके पैसे लेकर वह वापस डाकघर में आ गया। जो बचे हुए पैसे थे वह ₹397.60 थे।

उन रुपयों को वह डाक ऑफिस में अपने सीनियर को देकर और कागज में लिखवा कर वापस आ गया। मगर अगले दिन जब वह डाकघर गया तो वहां मौजूद दो उसको देखने लगे। उनमें से सीनियर ने कहा कि तुमने कल ₹57.60 कम जमा किए थे। तुमने सिर्फ ₹340 ही जमा किए थे।

क्योंकि कागज में तो पूरे पैसे लिखे हुए थे। मगर उसने कहा कि गिनती में ₹57.60 पैसे कम है।

इसके बाद डाक घर वालों ने उमाकांत मिश्रा के खिलाफ एफ आई आर दर्ज करा दी। इसके बाद उमाकांत मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया गया। और उनको जेल भेज दिया गया। क्योंकि मामला ज्यादा बड़ा नहीं था।

इसलिए वह जल्दी ही जेल से वापस आ गया। मगर उसको नौकरी से हटा दिया गया था। क्योंकि उस पर चोरी का इल्जाम लगा हुआ था। वह जेल से तो छूट गया था। मगर उस पर यह मुकदमा लगातार चलता रहा।

उमाकांत मिश्रा इस मुकदमे को अदालत में लड़ता रहा। क्योंकि उस पर चोरी का इल्जाम लगा हुआ था तो गांव में भी उसकी काफी बदनामी हो गई थी। इसी वजह से उसे अपने गांव को छोड़ कर आना पड़ा था। कहीं दूसरी जगह पर रहकर वह इस मुकदमे को लड़ रहा था। वह अपने सर से इस चोरी के कलंक को मिटाना चाहता था।

क्योंकि मुकदमे में काफी पैसा खर्च हो रहा था। इस वजह से उसने अपनी कानपुर के घर की जमीन बेच दी। जिससे कुछ साल तक मुकदमे का खर्च, घर का खर्च और बच्चों की पढ़ाई का खर्च चलता रहा।

जब वे पैसे भी खत्म हो गए तो उसको अपनी खेती की जमीन भी बेचनी पड़ी क्योंकि उसकी नौकरी चली गई थी और पैसों की काफी किल्लत हो रही थी। इसी वजह से वह अपने बच्चों की पढ़ाई भी सही से नहीं कर पा रहा था।

इसी दौरान उसके 1 एक लड़के और लड़की की बीमारी की वजह से मौत हो गई क्योंकि वो उनका सही से इलाज नहीं कर पाया।

मगर वह अपना यह मुकदमा लड़ता रहा। इसके बाद उसने अपनी एक लड़की की शादी की। जो उसने पैसा लोगों से लिया था। क्योंकि अब वह काफी गरीब हो चुका था। उसके पास पैसे की बहुत कमी थी। क्योंकि वह पहले ही नौकरी से हटाया जा चुका था। मुकदमे में और घर के खर्चे में उसका काफी खर्च हो रहा था।

उसका जो छोटा लड़का था। उसको उसने प्राइवेट जॉब में लगवा दिया। क्योंकि उसकी अच्छी पढ़ाई तो करवा नहीं सका था। तो इसलिए उसको अफसर नहीं बना सका। मगर हर बाप की एक तमन्ना होती है, कि वह अपने बच्चों को पढ़ा लिखा कर एक अच्छा आदमी बनाये। मगर पैसों की कमी होने की वजह से वह अपने बच्चों को नहीं पड़ा पाया था।

पैसे की वजह से उसने लोगों के घर मजदूरी भी करनी शुरू कर दी थी। जहां पर जो काम मिलता वह कर लिया करता था। आखिर हर किसी को करना ही पड़ता है। मजबूरी हर किसी से हर कोई काम करवा देती है।

इसके बाद सन् 2010 में उसके रिटायरमेंट का वक्त आ गया और वह मुकदमे को लड़के हुए रिटायर हो गया।

उमाकांत मिश्रा हिम्मत नहीं आ रहे थे। वह मुकदमा लड़ रहे थे। ताकि उनको इंसाफ मिले। इसी वजह से लगभग 348 बार वह अदालत में तारीख पर गए। अब सोचने वाली बात यह है, कि इतनी दफा अगर कोई अदालत में तारीख पर जाएगा। उसका कितना खर्च होगा। इसका अनुमान लगाना मुश्किल है। हम और तुम तो सिर्फ कह ही सकते हैं। मगर जिस आदमी पर यह बीत रही हो उसका अनुमान वही लगा सकता है।

एक तरफ उमाकांत मिश्रा की नौकरी चली गई दूसरी तरफ बच्चों का खर्च और घर का खर्च और मुकदमे का खर्च जिससे आदमी टूट जाता है। मगर उमाकांत मिश्रा हिम्मत नहीं हारा था।

इसके बाद सन 2013, 25 नवंबर को 29 साल बाद उमाकांत मिश्रा को अदालत में इंसाफ दिया। अदालत ने यह फैसला सुनाया की उमाकांत मिश्रा ने उन पैसों की चोरी नहीं की थी। क्योंकि इसका कोई गवाह मौजूद नहीं था। यह बात सिर्फ उन दो आदमियों के बीच मौजूद थे। एक उमाकांत मिश्रा और दूसरा उसका सीनियर अफसर।

मगर सोचने वाली बात है। उमाकांत मिश्रा का चोर ना होना तो अदालत ने मान लिया। मगर उसके 29 साल जो अदालत के चक्कर काटते हुए गुजरे और किस परेशानी में उसने यह वक्त गुजारा उसका हिसाब कौन देगा। कोई भी इस चीज का बदला नहीं दे सकता। अदालत ने तो सिर्फ अपना फैसला सुना दिया। मगर जिस आदमी पर यह बात बीती होगी यह वही जान सकता है।

उमाकांत मिश्रा की जो 29 साल की जिंदगी अदालत के चक्कर काटते हुए गुजर गई उसका हिसाब कौन देगा।

इसके बाद अदालत ने उमा उमा कांत मिश्रा को बेकसूर माना और उसकी जो सर्विस के दिन थे। उनको काउंट कर लिया गया। जब से उसको नौकरी से हटाया गया था। जब से लेकर और जब तक उसका रिटायरमेंट का वक्त था। जब तक उसको नौकरी पर माना गया। मगर अब बहुत देर हो चुकी थी। उमाकांत मिश्रा की जिंदगी बर्बाद हो चुकी थी।

मगर उमाकांत मिश्रा को इंसाफ मिला था। अब वह शान से लोगों में घूम सकता था। जिस बेज्जती का सामना उसने 29 साल तक किया उससे उससे निजात मिल गई।

इसके बाद उमाकांत मिश्रा ने अदालत में याचिका दायर की थी। उसको जब से नौकरी से हटाया गया और अब तक की तनख्वाह का पैसा दिया जाए। उसका PF और DA जो बनता है। वह भी उसको दिया जाए। जाहिर सी बात है, या उसका हक भी है। क्योंकि अदालत ने उसको बेकसूर माना तो उसका यह हक बनता है कि उसको नौकरी का तमाम पैसा दिया जाए। जब से उसको नौकरी से हटाया गया था।

यह कहानी थी एक ऐसे आदमी की जिस पर 29 साल मुकदमा चलता रहा और 29 साल बाद मुकदमा जीता आखिरकार उमाकांत मिश्रा को इंसाफ मिल गया। मगर उसकी पिछली जिंदगी तो बर्बाद  हो गई। जिसका हिसाब अब कोई नहीं दे सकता।

यह कहानी इजिप्ट यानी मिस्र के राष्ट्रपति मोहम्मद अनवर सादात के कत्ल (Assassination) की है। मिस्र दुनिया का ऐसा देश है जिसका क्षेत्रफल काफी बड़ा है। यहां की 80 फीसद आबादी मुस्लिम है। बाकी 20 फीसद ईसाई वगैरह है। Anwar Sadat मिश्र के तीसरे राष्ट्रपति थे।

1970 में अनवर सादात मिस्र के राष्ट्रपति बने थे। शुरू में लगा कि शायद यह ज्यादा कामयाब नहीं हो पाएंगे। मगर अनवर सादात की अलग सोच थी। इजराइल के साथ लड़ते हुए लगभग 25 साल हो चुके थे। अनवर सादात एक अलग किस्म के आदमी थे। उन्होंने मिस्र की अर्थव्यवस्था सही करने का इरादा किया और धीरे-धीरे इजराइल की तरफ दोस्ती का हाथ बढ़ाना शुरू कर दिया। मिस्र एक ऐसा देश था जिसने अरब देशों में से सबसे पहले इजराइल को मान्यता दी थी।

इजराइल और अरब देशों में लड़ाई चल रही थी। जिसकी वजह से अरब देशों ने एक संगठन बनाया जिसका नाम अरब लीग रखा गया। इस लड़ाई में मिस्र अरब देशों में सबसे आगे था। उस वक्त नासिर मिस्र के राष्ट्रपति थे। इजराइल और अरब देशों की तीन लड़ाई हो चुकी थी। जिनमें तीन लड़ाई इजराइल ही जीता था।

Anwar Sadat का राष्ट्रपति बनना:-

राष्ट्रपति नासिर के मरने के बाद अनवर सादात वहाँ के राष्ट्रपति बने थे। अनवर सादात शुरू से ही अपने पास कोई सिक्योरिटी नहीं रखा करते थे। कई बार सलाहकारों के कहने की वजह से वे बॉडीगार्ड रख लिया करते थे। मगर वे एक आम आदमी की तरह जिंदगी बिता रहे थे। जिसकी वजह से वह मिस्र में खूब चर्चित थे।

मगर उनकी एक बात मिस्र के लोगों को पसंद नहीं आई। वह यह थी के अनवर सादात ने इजराइल के साथ संबंध बनाने शुरू कर दिए थे। जिसकी वजह से वहां के लोग और जो कट्टरपंथी समूह है। उनके खिलाफ होते जा रहे थे।

इजराइल के साथ समझौता:-

इसके बाद अमेरिका ने भी इन दोनों के बीच में टांग अड़ाना शुरू कर दी और जिसके बाद मिस्र ने इजराइल को एक देश के तौर पर मान्यता दे दी। जिसकी वजह से अरब लीग उसके खिलाफ हो गया और उसको अरब लीग से निकाल दिया गया।

इजराइल के साथ शांति समझौते की वजह से अनवर सादात को शांति नोबेल पुरस्कार भी दिया गया। अनवर सादात मुस्लिम शासकों में से पहले ऐसे शासक बने जिन को नोबेल पुरस्कार दिया गया।

जिस वक्त नासिर मिस्र के राष्ट्रपति थे तो उन्होंने मिस्र के कट्टरपंथी समूह के जो नेता थे उनको जेल में डाल दिया गया था। मगर जब अनवर सादात मिस्र के राष्ट्रपति बने और उन्होंने इजराइल के साथ समझौता किया। जिसकी वजह से अरब लीग और मिश्री के कट्टरपंथी लोग उनके खिलाफ हो गए तो उन्होंने सोचा कि जो कट्टरपंथी समूह के नेता जेल में बंद है। उनको आजाद करके उनकी सोच बदली जाए। उनको अपनी तरफ किया जाए। जिसकी वजह से उनकी ताकत में इजाफा हो जाएगा।

assassination of anwar sadat
President Anwar Sadat

अनवर सादात में उन कट्टरपंथी समूह के नेता को आजाद कर दिया। मगर उनके सोच नहीं बदली और वह अनवर सादात के खिलाफ हो गए।

इस बीच अनवर सादात ने इजरायल का दौरा भी किया था। जिसकी वजह से अरब लीग उसके और मुखालिफ हो गया था। इस मिश्री के लोग भी उसके मुखालिफ हो गए थे। इस बात पर अनवर सादात की पत्नी कहती है। जब से उन्होंने इजरायल का दौरा किया है। तब से मुझे डर लगता है, कि जब भी वह बाहर जाते हैं। उनके वापस आने तक उन्हें डर लगा रहता है।

इसके बाद वहां के जो कट्टरपंथी समूह थे। उन्होंने मिस्र की सेना में कट्टरपंथी सोच के लोगों को भर्ती करना शुरू कर दिया। इसके लिए उन्होंने सेना के एक लेफ्टिनेंट जिनका नाम खालिद इस्लाम बोली था। उनका जहन तब्दील किया। उनके जरिये वह सेना में अपनी सोच के लोगों को भर्ती करने लगे थे।

उनके भर्ती करने का मकसद यह था कि वक्त आने पर इनका इस्तेमाल किया जा सके। इसके लिए उन्होंने सेना में अपने लोगों को भर्ती करना शुरू कर दिया।

उनका जो प्लान था वह यह था कि सेना के मुख्यालय, स्टेट सिक्योरिटी का मुख्यालय और टेलीफोन एक्सचेंज के मुख्यालय को अपने कब्जे में लिया जाए। उसी वक्त मिस्र के राष्ट्रपति का भी कत्ल किया जाए। उसके लिए इन्होंने एक दिन चुना वह दिन 6 अक्टूबर 1981 था।

इसकी वजह यह थी कि 6 अक्टूबर को मिस्र का विजय परेड दिवस होता है। उस दिन आर्मी के सभी हेड वहां पर होते हैं। बाकी सिक्योरिटी के हेड भी वहां पर मौजूद होते हैं। यहां तक कि मिस्र के राष्ट्रपति भी उस परेड में मौजूद होते हैं। इसी वजह से इन्होंने 6 अक्टूबर का दिन चुना था।

मगर परेड के मैदान में राष्ट्रपति को मारना मुश्किल था। क्योंकि उस वक्त बहुत ज्यादा सैनिक वहां पर मौजूद होंगे और यहां तक कि आर्मी के तमाम चीफ और सिक्योरिटी की भी वहां पर मौजूद होंगे। इस बीच राष्ट्रपति का कत्ल करना मुश्किल था। लेकिन ते यह किया गया की उसी परेड में राष्ट्रपति का कत्ल करना है।

उस परेड के लिए राष्ट्रपति अनवर सादात ने इंग्लैंड के एक दर्जी से अपनी ड्रेस सिलाई थी। जिसको वह उस परेड में पहन कर जाते। जब उन्होंने वो ड्रेस पहनी तो उसके अंदर उन्होंने बुलेट प्रूफ जैकेट नहीं पहनी थी। इस पर उनकी पत्नी ने उन्हें टोका भी था कि वह बुलेट प्रूफ जैकेट पहने।

मगर उन्होंने यह कहकर मना कर दिया कि उनकी ड्रेस की शो बिगड़ जाएगी। वह मोटे लगेंगे। क्योंकि जब वह इजराइल के दौरे पर गए थे तो उस वक्त भी वे बुलेट प्रूफ जैकेट में मोटे लग रहे थे। उनका लुक बिगड़ रहा था।

अनवर सादात बिना बुलेट प्रूफ जैकेट के ही परेड में चले गए। वहां पर बीच में कुर्सी पर बैठ गए। उनके चारों तरफ बाहर के देशों से आए हुए लोग भी मौजूद थे। वहां के सिक्योरिटी की चीफ भी उनके पास ही बैठे हुए थे। मिस्र के उपराष्ट्रपति Hosni Mubarak भी उन्हीं के पास बैठे हुए थे। कई मुल्कों से आए हुए मेहमान भी वहीं मौजूद थे।

इसके बाद परेड में सभी अपने-अपने करतब दिखाने लगे। उस वक्त आसमान में लड़ाकू विमानों का करतब चल रहा था। उसके बाद तोपों की कला दिखानी थी। मगर अचानक से कुछ ट्रक मैदान में आ गए। ट्रक भी इसी शो का हिस्सा थे। ट्रक अपने रुट पर चलने लगे मगर अचानक एक ट्रक उनमें से अपने रास्ते से हट कर अनवर सादात की तरफ बढ़ने लगा।

वो ट्रक आगे आते-आते अचानक से रुक गया। वहां बैठे हुए तमाम लोग घबरा गए। क्योंकि वह ट्रक इसी अंदाज में रुका था। बल्कि उस ट्रक को रोका गया था।

लेफ्टिनेंट इस्लाम बोली थी उसी ट्रक में मौजूद थे। उन्होंने ही ट्रक के ड्राइवर के सर पर बंदूक लगाकर उस ट्रक को रुकवाया था।

Anwar Sadat की हत्या (Assassination):-

ट्रक के रुकने के बाद 3 गोले अनवर सादात की तरफ फेंके गए। जिनमें से दो गोले फट गए और एक नहीं फटा। इसके बाद उस ट्रक में से लेफ्टिनेंट खालिद उतरे और उन्हीं के साथ ट्रक के पीछे से 15 आदमी और उतरे और वह अनवर सादात के स्टेज की तरफ बढ़ने लगे।

अनवर सादात ने सोचा कि शायद यह भी इस परेड का हिस्सा है। वह लोग अनवर सादात की तरफ बढ़ते रहे। उन्होंने फिर 3 गोले छोड़े जिनमें से दो फटे और एक नहीं फटा। इसके बाद उन्होंने अनवर सादात पर गोली चलाना शुरु कर दी। लेफ्टिनेंट खालिद सबसे आगे गोली चला रहे थे।

30 सेकंड तक तो किसी को मालूम ही नहीं हुआ कि आखिर यह क्या हो रहा है। 30 सेकंड के बाद जब देखा कि राष्ट्रपति अनवर सादात जख्मी हालत में नीचे पड़े हुए हैं। तब जाकर वहां की सिक्योरिटी फोर्स ने एक्शन लिया और उन लोगों में से जो गोली चला रहे थे कुछ लोग जख्मी हो गए।

क्योंकि वहां की सिक्योरिटी फोर्स यह समझ रही थी कि शायद यह गोली चलाना में परेड का ही हिस्सा है। वहां के जो चीफ लोग बैठे हुए थे। उनकी बंदूक खाली थी। वो सिर्फ फॉर्मेलिटी के लिए वहां पर अपनी गन लेकर बैठे हुए थे।

इसके बाद फौरन राष्ट्रपति अनवर सादात को अस्पताल ले जाया गया। मगर उनकी वहां पर मौत हो गई। उसी अस्पताल में लेफ्टिनेंट खालिद इस्लाम बोली को भी ले जाया गया। क्योंकि वह भी गोली लगने से जख्मी हो गए थे।

इसके बाद लेफ्टिनेंट खालिद से पूछा गया कि इसके पीछे कौन है और क्या क्या मकसद है। उनको यह बता कर पूछा गया कि अनवर सादात अभी जिंदा है। वह सही होते ही इस पर एक्शन लेंगे। मगर लेफ्टिनेंट खालिद ने यह कहकर टाल दिया की 34 गोली तो मैंने ही अनवर सादात के मारी है। उनका बचना नामुमकिन है।

इसके बाद पता चलता है कि इसके पीछे मुस्लिम ब्रदर हुड वगैरा का हाथ है। उन्होंने इस वजह से अनवर सादात को मारा है कि अनवर सादात ने इजरायल के साथ समझौता किया था।

मगर इस कत्ल के बाद वहां की सेना एक्टिव हो जाती है। इन लोगों का जो अगला मिशन था। उसको नाकाम बना दिया जाता है। इस गोलीबारी में बाहर के आए हुए मेहमान भी जख्मी हो गए थे। इसमें कुछ लोगों को पकड़ा भी गया और उनसे बाद में पूछताछ की गई।

इस तरह से मिस्र के एक राष्ट्रपति Anwar Sadat का उसी की सेना के सामने हत्या (assassination) हो जाना एक सनसनीखेज हत्या से कम नहीं है।

ये इसरायली ख़ुफ़िया एजेंसी Mossad के Operation Diamond की एक कहानी है। यह कहानी 1960 की है। रूस एक ऐसा लड़ाकू विमान बनाने में लगा हुआ था। जिसकी दुनिया में कोई मिशाल ना हो। इसी कोशिश में 1956 में आखिरकार रूस एक फाइटर प्लेन बनाने में कामयाब हो गया। जो फाइटर प्लेन रूस ने बनाया वह MIG-21 था।

जब MIG-21 आसमान में उड़ान भरी तो दुनिया उस पर रश करने लगी। धीरे-धीरे इसकी खासियत सबके सामने आने लगी। रूस की अमेरिका और पश्चिमी देशों से दुश्मनी थी।

रूस ने प्लेन बनाने के बाद अपने दोस्त मुल्कों को बेचना भी शुरू कर दिया। इसने अरब के देशों और एशिया के कई देशों को मिग-21 बेंचा। लेकिन अमेरिका और पश्चिमी देशों को नहीं बेंचा। तब तक अमेरिका और इजराइल को भी इस प्लेन के बारे में पता चलना शुरू हो गया। वह कमाल का फाइटर प्लेन है। वे चाहते थे कि इस प्लेन को देखा जाए कि ये इतना खतरनाक क्यों है।

रूस ने जिन देशों को मिग-21 बेंचा था। उनके साथ एक एग्रीमेंट किया था। तुम पश्चिमी देशों को मिग-21 नहीं दोगे और ना ही उनके रक्षा के किसी भी आदमी को मिग-21 के बारे में कुछ बताओगे।

क्योंकि वह सभी देश रूस के दोस्त थे। उन्होंने भी इस बात का पालन किया और इस फाइटर प्लेन के बारे में किसी भी पश्चिमी देशों को कुछ भी नहीं बताया।

उधर पश्चिमी देशों को इस बात की चिंता थी। इसमें उनके बारे में कैसे पता किया जाए। इसके काट कैसे बनाई जाए लेकिन उसके लिए मिग-21 तक पहुंचना उसको उड़ाना यह नामुमकिन था।

इसी दौरान में इजराइल की जो खुफिया एजेंसी मोसाद है। उसके लीडर को चेंज करने का वक्त आ गया था। इन्होंने भी अपने वक्त में काफी कोशिश की थी कि मिग-21 को किसी तरह से हासिल किया जा सके। चाहे किसी तरीके से भी हासिल किया जाए। वह कानूनी हो या गैरकानूनी हो।

उनकी जगह नए चीफ Meir Amit को बनाया गया। Meir Amit इजराइल की फ़ौज में थे। उनकी काबिलियत को देखते हुए मोसाद का चीफ बनाया गया। उनकी इजराइल के आर्मी चीफ से मुलाकात चल रही थी। पता किया जा रहा था कि तुम्हें किस किस चीज की जरूरत है।

इसी दौरान मोसाद के चीफ की मुलाकात इजरायली एयर फोर्स के चीफ से होती है। बातचीत करने के बाद जब वह चलने के लिए रुखसत होते हैं। तभी इजराइल के मोसाद के चीफ कहते हैं। अगर कोई भी मेरे लिए काम हो तो जरूर बताइए। वो कहते है की हमें MIG-21 लाकर दे दो।

जब मोसाद के चीफ ने यह सुना तो वह वहीं पर रुक गए और उन्होंने सोचा कि इन्होंने यह क्या मांग लिया कि जो नामुमकिन है। इसके बाद वह मुस्कुराए क्योंकि उन्हें पता था कि मोसाद के पहले चीफ ने काफी कोशिश की थी मिग-21 को लाने के लिए।

मोसाद के चीफ ने एयरफोर्स के चीफ से पूछा कि तुम सीरियस हो तो एयरफोर्स के चीफ ने कहा कि हां मैं सीरियस हूं। अगर हो सके तो तुम MIG-21 लाकर दे दो। उसके लिए मैं कुछ भी करने के लिए तैयार हूं।

अब मोसाद के चीफ ने इस बात को अपने दिल पर ले लिया। उन्होंने तय कर लिया कि मुझे अब एक मिग-21 को इजराइल की सर जमीन पर लैंड कराना ही है। अब वह कैसे होगा या आगे की बात है। इसके बाद वह प्लानिंग शुरू कर देते हैं। वह अपने खास आदमी को इकट्ठा करते हैं और कहते हैं मुझे किसी कीमत पर भी मिग-21 चाहिए।

तमाम बातें सोचने के बाद मोसाद के चीफ ने तय कि किसी तरीके से जिन देशों को भी उसने मिग-21 भेजा है। उस मिग-21 के पायलट के साथ सेटिंग की जाए और उससे कहा जाए कि तुम मिग-21 को इजरायल की सर जमीन पर लेकर आओ और यह एक ही सूरत में मुमकिन था कि पायलट देश से गद्दारी करें।

या फिर पायलट पर किसी और तरीके से दबाव बनाया जाए। इसी थ्योरी पर मोसाद के चीफ काम करना शुरू कर देते हैं। उन्होंने सोचा कि अरब के जिन देशों के पास मिग-21 है। उनके साथ गैरकानूनी तरीके से कोई सौदा किया जाए।

उस वक्त इजरायल के एक मशहूर जासूस थे जिनका नाम Jean Thomas था। Jean Thomas को यह काम दे दिया गया। कि वह मिस्र जाए क्योंकि मिस्र के पास भी एक मिग-21 है। वहां जाकर वह किसी तरीके से किसी पायलट से कोई डील करें और एक मिग-21 इजराइल लेकर आ जाए।

Jean Thomas मिस्र पहुंच जाते हैं। वहां पहुंचकर काफी वक्त गुजारते हैं। करीब 1 साल बीत जाता है। इसी दौरान वे मिग-21 के एक पायलट से दोस्ती भी कर लेते हैं। आखिर में उसका भरोसा जीतने के बाद उसको यह डील बताते हैं। उसको एक मिलियन अमेरिकी डॉलर का तोहफा देते हैं। साथ में उसको सुरक्षा की भी बात बताते हैं।

शर्त यह थी कि वह मिस्र से MIG-21 को उड़ा कर इजराइल में ले आए। जीन थॉमस यहां पर मार खा गए। वह जिस पायलट के साथ डील कर रहे थे। उन्हें लगा कि यह मेरे चंगुल में आ चुका है और यह काम कर देगा। उस पायलट ने मिस्र के साथ गद्दारी करने की सोची ही नहीं थी।

उसने यह बात सुनते ही कि इजरायल का एक आदमी उसको यह ऑफर दे रहा है। उसने यह सारी बात अपने सीनियर ऑफिसर को बता दी । जैसे ही सीनियर अफसरों को इस बात का पता चला तभी फौरन जीन थॉमस और उसके परिवार को मिस्र में गिरफ्तार कर लिया गया।

उस पर मुकदमा चलाया गया। 1962 में Jean Thomas को फांसी दे दी गई। और Jean Thomas के पिता और उसके परिवार को एक लंबी सजा दी गई। जिसके बाद उनको रिहा कर दिया गया।

पर मोसाद के चीफ Meir Amit ने हिम्मत नहीं हारी। उसने कहा कि हमारी कोशिश जारी रहेगी। अब इसके बाद इन्होंने मिश्री के बाद इराक का रुख किया। क्योंकि उन्हें लगा कि इराक के पायलट उनके शिकंजे में आसानी से आ जाएंगे।

मोसाद के जासूसों ने इराक के अंदर काफी मेहनत की और इराक के दो ऐसे पायलट को पकड़ा उनके साथ दोस्ती की और उनको अगवा भी किया गया। सब कुछ करने के बाद उनको भी बड़ा ऑफर दिया गया। उन्हें भी यही कहा गया कि MIG-21 पहुंचाना है।

लेकिन वह दोनों पायलट आखिरी वक्त में डर गए। उन्हें लगा की जान खतरे में है और काम नहीं हो पाएगा। जब मोसाद के जासूसों को लगा कि यह भी हमारी मेहनत पर पानी फेर देंगे। आगे किसी भी देश के पायलट से हम डील नहीं कर सकेंगे। उन्होंने इस खतरे को देखते हुए इराक के उन दोनों पायलट को मार डाला। अब लगा कि यह काम नहीं हो पाएगा और मोसाद के चीफ Meir Amit इस काम को लेकर आगे बढ़ते रहे।

1964 में कुछ ऐसा हुआ कि लगा कि शायद यह काम हो जाएगा। ईरान के अंदर तेहरान जो ईरान की राजधानी है। वहां पर इजराइली दूतावास में एक कर्मचारी काम किया करता था जो यहूदी था। वह कर्मचारी इजराइल के लिए कुछ काम करना चाहता था।

उसी की एक गर्लफ्रेंड थी। उसकी गर्लफ्रेंड की दोस्त कि जिससे शादी हुई वह एक ईसाई था। जिसका नाम मुनीर रेड्फा था। वह इराक की एयरफोर्स में काम किया करता था। यह बात उस कर्मचारी ने अपने एक सीनियर अफसर को बताइ। यह बात इजराइली दूतावास के जरिए मोसाद तक पहुंच गई।

अब मोसाद को लगा कि शायद उनका काम हो जाएगा। सबसे मजे की बात यह थी। वह जो Munir Redfa इराक की एयर फोर्स में काम किया करता था। वह मिग-21 भी उड़ाता था। Munir Redfa इराक की एयर फोर्स के कैप्टन मैं से एक था।

मगर Munir Redfa इराक की एयर फोर्स से नाराज चल रहा था। उसकी वजह यह थी उसका यह कहना था कि वह एक काबिल कैप्टन है। मगर उसको ईसाई होने की वजह से वह जगह नहीं दी जाती जो और कैप्टन को दी जाती है।

इसका पता मोसाद को चल गया था। वह इस बात का पूरा फायदा उठाना चाहती थी। इसके बाद मोसाद ने अमेरिका से अपनी एक एजेंट को टूरिस्ट वीजा पर इराक में भेज दिया। उस वक्त इराक और अमेरिका में अच्छे रिश्ते थे।

उस इजराइल की जासूस ने Munir Redfa से दोस्ती बढ़ाई। धीरे-धीरे उसके करीब पहुंच गई। यहां तक कि उसके साथ घूमने के लिए कई विदेश दौरों पर भी गई। जब उसको लगा कि यह मेरी बातों में आ चुका है।

उसने मोसाद को खबर पहुंचा दी कि यह मेरी बातों में पूरी तरीके से यकीन करता है। अब मौका है कि उसको डील के लिए कहा जाए। मोसाद ने कहा कि इस बार कोई चूक नहीं होनी चाहिए। इसलिए पहले ही एक बार उसको टटोल लिया जाए। इसके बाद उसको यह ऑफर दिया जाए।

क्योंकि मोसाद को उसकी हर बात का पता चल चुका था। उस जासूस ने Munir Redfa से इस बात का फायदा उठाते हुए। उसके कान भरने शुरू कर दिए। मौका देख कर उसके सामने इस ऑफर की पेशकश रख दी। Munir Redfa ने इस ऑफर को कुबूल कर लिया। पर उसकी एक शर्त थी कि उसके पूरे परिवार को यहां तक कि उसके मां-बाप को भी सही सलामत यहां से निकाला जाए।

मोसाद ने मुनीर रेड्फा के सामने जो ऑफर रखी थी। वह यह थी कि उसको एक मिलियन अमेरिकी डॉलर दिए जाएंगे। उसको इजराइल की नागरिकता भी दी जाएगी। इसके बाद मुनीर रेड्फा ने मोसाद के प्लान के मुताबिक काम करना शुरू कर दिया।

मगर एक दिक्कत थी मुनीर रेड्फा के पूरे परिवार को एक साथ इराक से निकालना मुश्किल था। इससे इराक की एजेंसी को उस पर शक हो जाता और वह पकड़ा जाता।

इसके लिए मोसाद ने एक प्लान तैयार किया। उसने मुनीर रेड्फा के मां-बाप को बीमार का बहाना बनाकर इराक में ही कई मेडिकल टेस्ट कराएं और यह साबित कर दिया कि इनकी तबीयत ज्यादा खराब है। इनको विदेश के किसी हॉस्पिटल में ले जाना पड़ेगा।

इस बहाने से वे मुनीर रेड्फा के मां-बाप को इराक से निकाल कर ले गए। इसके बाद मुनीर रेड्फा के बीवी और बच्चे को टूरिस्ट वीजा पर इराक से निकाल दिया गया। यह काम कुछ समय-समय के बाद हुआ।

अब मुनीर रेड्फा अकेला इराक में बचा था। उसको MIG-21 इजराइल लेकर जाना था। इसमें एक परेशानी थी। इराक और इजरायल के बीच में कई और देशों की सरहद पड़ती है। जिसमें सीरिया, जॉर्डन वगैरह भी शामिल है।

यह रास्ता काफी लंबा था। जब रूस ने मिग-21 एक को बेचा था। उसमें एक शर्त यह भी थी कि इस फाइटर प्लेन में एक हद तक ही तेल भरा जाएगा। वह तेल इतना था कि उस तेल के जरिए इराक से इजराइल तक का सफर करना नामुमकिन था।

बीच में किसी दूसरे देश में उतर कर तेल भरवाने भी नामुमकिन था। इसके लिए मोसाद ने एक चाल चली। उसमें यह था की  मुनीर रेड्फा कभी-कभी इराक के जो तेल भरने वाले कर्मचारी थे। उनको पहले भी बहका बहका चुका था। कि तुम रूस के कहने पर चलते हो। जबकि यह फाइटर प्लेन अब हमारे हैं। तुम इसमें तेल पूरा क्यों नहीं भरते।

जाहिर सी बात है, इस जोश में आकर कभी-कभी मुनीर रेड्फा के फाइटर प्लेन में थोड़ा तेल ज्यादा भर दिया करते थे। इसी का फायदा उठाते हुए 16 August, 1966 को जिस दिन मुनीर रेड्फा का प्लेन उड़ाने का नंबर था। उसने यही मौका देखा और उसने उस दिन भी तेल भरने वाले कर्मचारियों से MIG-21 के टैंक को फुल करने की फरमाइश की।

उसने कहा की तुम कितने डरपोक हो जो रूस की बातों में आते हो।  दूसरे देश की बात का कहना मानते हो। इस बात से गुस्सा होकर इराक के तेल भरने वाले कर्मचारियों ने उसके टैंक को फुल कर दिया।

अब वह MIG-21 लेकर उड़ चुका था। क्योंकि जब भी कोई कैप्टन ट्रेनिंग में होता है। उसको एक रूट दिया जाता है। अगर वह उस रूट से भटकता है, तो उसको वार्निंग दी जाती है, कि वह अपने रूट पर आए नहीं तो उसके हवाई जहाज को उड़ा दिया जाएगा।

जब मुनीर रेड्फा फाइटर प्लेन लेकर उड़ा। उड़ने के बाद वह अपने रूट से हट गया। इसके बाद वहां की जो रडार की टीम थी। उसने मुनीर रेड्फा को वार्निंग दी कि वह अपने रूट से हट चुका है। वह अपने रूट पर आए।

मगर दो-तीन वार्निंग देने के बाद वह रूट पर नहीं आया और इराक की सरहद को पार कर गया। उधर जब वह जॉर्डन की सरहद में पहुंचा तो वहां पर वार्निंग दी गई। मगर इसका फायदा मोसाद ने यह उठाया कि उसने सीरिया के ATC के पूरे सिस्टम को हैक कर लिया था। इसलिए जो  जानकारी जॉर्डन को वहां से भेजें भेजी की उनका एक मिग-21 ट्रेनिंग के इरादे से उनकी सरहद में आया है। क्योंकि सीरिया के पास भी उस वक्त मिग-21 था।

इसी वजह से जॉर्डन ने मुनीर रेड्फा के उस मिग-21 को नहीं उड़ाया। मुनीर रेड्फा मिग-21 को लेकर रात के समय में इजराइल के सरहद पर उतर गया। इस बात की खबर जब इजरायल की एयर फोर्स और मोसाद के चीफ को मिली तो खुशी के मारे उनकी आंखों में पानी आ गया।

इसके बाद वहां जाकर मिग-21 की एक-एक चीज को बारीकी से देखें गया। इसके बाद इजराइल की एयरफोर्स के जो ट्रेनिंग के कैप्टन थे उसको बुलाया गया। उससे कहा गया कि अब तुम्हारा काम है कि मिग-21 की एक-एक खासियत को समझना और उसको बाहर लेकर आना।

मुनीर रेड्फा ने इजराइली एयर फोर्स के उस कैप्टन को 1 घंटे में सब कुछ समझा दिया। वह कैप्टन मिग-21 को इजराइल के स्पेस में लेकर उड़ पड़ा और सही सलामत उसकी लैंडिंग कराई। इसके बाद उन्होंने कहा कि हम अब सब कुछ कर सकते हैं। कि मिग-21 को चलाना इतना मुश्किल नहीं है। जितना कि उसको बताया जा रहा था। अब उनके हाथ में MIG-21 की पावर थी।

इसके बाद उसको अच्छी तरह से समझने के बाद कुछ ही दिनों बाद क्योंकि अरब के साथ तनाव चल ही रहा था तो उनकी लड़ाई शुरू हो जाती है। इस बीच क्योंकि उन्हें मिग-21 के बारे में सब कुछ पता चल चुका था तो उन्होंने अपने फाइट का प्लेन से अरब देशों के 6 MIG-21  को उड़ा दिया।

यह जंग करीब 6 दिन तक चली थी। इसमें Israel का कुछ नुकसान नहीं हुआ था। इस बात की खबर रूस को भी चल रही थी। जिसकी वजह से उसने इजराइल को धमकी भी दी थी।

दूसरी तरफ अमेरिका MIG-21 को देखना चाहता था। क्योंकि पश्चिम के किसी देश पर भी मिग-21 नहीं था। इधर इजरायल और अमेरिका के बीच कुछ फाइटर प्लेन की डील चल रही थी। उसमें अमेरिका ने एक शर्त रख दी कि अगर वह मिग-21 को हमें दे तो हम उनको यह फाइटर प्लेन देंगे। इस वजह से Israel ने मिग-21 को अमेरिका को भी सौंप दिया। इस वजह से पश्चिम देशों के पास भी मिग-21 पहुँच गया।

मोसाद ने मुनीर रेड्फा के साथ दो शर्त की रखी थी। उसको अशरफ को पूरा किया और मुनीर रेड्फा के पूरे परिवार को इजराइल की नागरिकता दी। उसको एक मिलियन डॉलर भी दिए। इसके बावजूद उसको वहां पर सरकारी नौकरी भी दी गई।

अब वह जो ईरान के दूतावास में कर्मचारी था। उसको भी इजराइल ने नागरिकता देने के लिए कहा था। मगर उसने मना कर दिया कि वह यहीं पर रहकर इजराइल के लिए काम करेगा। इसी वजह से  उसकी पहचान को भी गुप्त रखा।

यह कहानी थी कि किस तरीके से मोसाद में मिग-21 को इराक के अंदर से चुराया।

 

Sydney में James Smith के Murder की कहानी। यह 1935 की बात  है। यह सिडनी शहर की बात है। एक बाप और बेटे दोनों की वहीं पर सिडनी में ही Coogee मछलीघर का  बिजनेस करा करते थे। उसमें ब्रिज के किनारे पर लोग आते थे। मछलीघर में मछलियां देखा करते थे। साथ में उनके 14 सीटों का एक थिएटर था। इनका कारोबार सही चल रहा था। लेकिन 1935 में वहां पर अचानक कुछ ऐसी चीजें हुई जिससे उनका धंधा मंदा हो गया।

लोग beach पर आने कम हो गए। उससे इनके बिजनेस में काफी लॉस हो रहा था। उसको लेकर हॉप्सन काफी परेशान था। इसी दौरान दूसरी तरफ 8 अप्रैल 1935 को सिडनी का एक शख्स गायब हो जाता है। उसकी बीवी से गायब होने की रिपोर्ट लिखवा देती है। पुलिस उसको तलाश करती है। पर वह नहीं मिलता। तभी एक दिन समुंदर के किनारे पर हॉप्सन वह अपने दोस्तों के साथ जा रहा था। इत्तेफाक से उसको एक शार्क मछली मिलती है। टाइगर शार्क तकरीबन 12 फुट लंबी थी।

रोल अपने साथियों की मदद से शार्क को अपने कब्जे में ले लेता है। उसके बाद उसको लेकर वह अपने बीच पर पहुंच जाता है। सार्क को देखकर उसके पिता हॉप्सन भी काफी खुश होते हैं।

वह उस टाइगर शार्क को अपने मछलीघर में रखने का इरादा कर लेते हैं। उसको वहां पर रखा गया। इसके बाद उसी दौरान में होता यह है कि जब उसको लाकर वहां पर रखते हैं। उस टाइगर शार्क के बारे में खबर फैल जाती है और लोग वहां आने शुरू हो जाते हैं। लोग उसे देखना शुरू कर देते हैं और उनका धंधा फिर से चलना शुरू हो जाता है।

इस दौरान में लोगों की काफी भीड़ बढ़ चुकी थी। 25 अप्रैल 1935 की तारीख आती है। उस वक्त ऑस्ट्रेलिया में छुट्टी थी। क्योंकि वहां पर नेशनल हॉलिडे था। तो उस दिन लोगों की वहां पर काफी भीड़ बढ़ रही थी। इसको देखकर हॉप्सन काफी खुश था। जो कि शार्क मछली को देखने के लिए काफी लोग वहां पर आ रहे थे।

लेकिन सार्क यहां आने के बाद काफी चिड़चिड़ा हो चुका था। और काफी अलग हरकतें कर रहा था। शाम के करीब 4:30 बजे थे। 4:30 बजे सार्क पानी के नीचे जाता है। वहां पर एक रिपोर्टर उसको रिपोर्ट करने के लिए वहां पर आया हुआ था। अचानक टाइगर शार्क का बर्ताव चेंज होता है। और वह उल्टी करना शुरू कर देता है।

जब वह पहली बार उल्टी करता है तो उसके मुंह से एक चूहा बाहर आता है। जब वह दूसरी बार उल्टी करता है तो एक चिड़िया उसके मुंह से बाहर आती है। धीरे-धीरे को पानी के ऊपर आना शुरू हो जाता है और लोग उसे देख रहे थे।

तीसरी बार जब उल्टी करता है तो सारे लोग चौंक जाते है। उसके मुंह से एक इंसान का पूरा हाथ बाहर निकला था। जब उस इंसान का हाथ वहां पर देखा तो सभी लोग घबरा गए और चीखने लगे।

इसके बाद किसी ने पुलिस को खबर दी पुलिस वहां पर पहुंच जाती है। उस हाथ को किसी तरीके से बाहर निकाल लेती है।

पुलिस उस हाथ को अपने कब्जे में ले लेती है। उसको जांच के लिए भेज देती है। उस हाथ की एक पहचान थी कि उस हाथ पर तो टैटू बने हुए थे और उस टैटू में दो बॉक्स बने हुए थे। जब फॉरेंसिक एक्सपर्ट उस हाथ की जांच करते हैं तो हैरान रह जाते वह कहते हैं कि इस हाथ को सार्क ने नहीं खाया बल्कि किसी तरीके से इस हाथ को काटा गया है।

अब सवाल यह था कि उस शार्क के पेट में यह हाथ कैसे पहुंचा जबकि उसके हाथ पर शार्क के दांत के निशान भी नहीं थे। तो वह हाथ किसने काटा और किसने उसके पेट में उसको पहुंचाया।

जब फॉरेंसिक की रिपोर्ट आती है तो पता चलता है कि उस शार्क ने किसी हाथ को बाहर नहीं निकाला था बल्कि एक क़त्ल के राज को उगला था।

इसके बाद वहां की डिटेक्टिव एजेंसी उस हाथ की तस्वीर वहां के लोकल अखबार में छपवा देती है। क्योंकि यह साफ हो चुका था कि यह एक कत्ल का मामला है।

उस हाथ का फोटो अखबार में छप जाता है। इसके बाद पुलिस इंतजार करती है। तभी एक शख्स 2 दिन बाद उस हाथ की तस्वीर अखबार में देखकर वहां की पुलिस को संपर्क करता है। उस शख्स का नाम Edward Smith था। वह शख्स बताता है कि यह जो टैटू हाथ पर बना हुआ है उसी के जैसा टैटू मेरे भाई के हाथ पर भी बना हुआ था और वह 8 अप्रैल से गायब है।

james smith murder
James Smith

अब जैसे ही वह पुलिस के पास पहुंचता है और यह बात बताता है। पुलिस इसकी जांच करती है तो पता चलता है। वह जो शख्स आया था उसका भाई का नाम James Smith था। वह 8 अप्रैल से गायब था। उसकी पत्नी ने उसकी गायब होने की रिपोर्ट लिखवाई थी। उसका कोई सुराग नहीं मिला था। अब उसकी पत्नी ने भी उसके हाथ को पहचान लिया था। वह इसकी गवाह थी कि यह हाथ जेम्स का ही है। जेम्स काफी दिनों से गायब था।

इसके बाद सिडनी की एजेंसी ने इसकी छानबीन शुरू कर दी। जब छानबीन शुरू की तो पता चला की जेम्स को आखिरी बार सिडनी में जिस शख्स के साथ देखा गया था उसका नाम Patrick Francis Brady था। Patrick Francis Brady एक जालसाज था। वह नकली पेपर बगैरा तैयार किया करता था। वह एक सर्विसमैन भी था। जो नौकरी छोड़ चुका था और जेल जा चुका था।

इन फोटो को देखने के बाद एक टैक्सी ड्राइवर ने बताया कि उसने Smith को आखरी बार Brady के साथ देखा था। उसने कोट पहना हुआ था और उसके दोनों हाथ अपनी जेब में डाली हुई थी। और उसमें से एक हाथ उसने अपने जेब से बाहर ही नहीं निकाला था।

पुलिस ने बताया कि उसने उसको जिस घर के सामने छोड़ा उस घर के मालिक Reginald William Lloyd Holmes सिडनी की एक बड़े बिजनेसमैन थे। उनका एक बड़ा कारोबार था। जो बोट को बनाकर बेचा करते थे लेकिन साथ में Holmes का एक दूसरा कारोबार भी था। जो ड्रग्स का था। वो ड्रग्स और अफीम को बोट के जरिए सप्लाई किया करता था।

कहीं से यह ताल्लुक साबित हुआ था कि Brady और Smith थ इसके साथ काम किया करते थे। जब यह खबर पुलिस के पास आई तो पुलिस ने Brady को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार करने के बाद से पूछताछ की लेकिन Brady ने पुलिस की कोई मदद नहीं की और वह बार-बार कहता रहा कि मेरा James Smith के murder से कोई ताल्लुक नहीं।

पुलिस ने Brady की छानबीन की तो पता चला। उसने सिडनी में ही एक Cottage किराए पर लिया हुआ था और उस Cottage में आता जाता था। छानबीन की तो पता चला कि आखरी बार 8 अप्रैल को स्मिथ अपनी बीवी से यह कहकर निकला था कि वह एक दोस्त के साथ जा रहा है और वह थोड़ा देर से आएगा।

छानबीन से पता चला कि जेम्स स्मिथ उस रात Patrick Brady के ही साथ था। और वह होटल में था। दोनों ने साथ जुआ खेला और शराब पी थी। उसके बाद में होटल से निकलकर Patrick Brady के कॉटेज में पहुंच गए जो उसने किराए पर ले रखा था।

उस कॉटेज की मालिक एक औरत थी। जब उससे पूछताछ की तो पता चला जिस दिन Smith गाया। उससे अगले ही दिन Patrick Brady ने वह कॉटेज खाली कर दिया था। वह कॉटेज छोड़कर चला गया था। पुलिस ने उससे पूछा कि कोई ऐसी खास चीज जो आपने नोट किया हो।

तो उस औरत ने बताया कि मेरा एक लोहे का ट्रंक था। जो उसको कॉटेज में नहीं है। और वो ट्रंक बड़ा था इसके बाद पुलिस ने आगे की छानबीन Patrick Brady से ही शुरू की। लेकिन Patrick Brady लगातार मना करता रहा कि उसका क़त्ल से कोई ताल्लुक नहीं।

सबके ताल्लुक उस के बिजनेसमैन Holmes से जुड़े हुए थे। जिसके साथ Patrick Brady और Smith इसमें दोनों काम किया करते थे। पुलिस को लगा  कहीं ना कहीं इसमें Holmes का भी किरदार है। इसके बाद पुलिस पूछताछ करने के लिए Holmes के घर पहुंच जाते हैं।

जैसे ही यह बात Holmes को पता चलती है। तो वहां से निकल जाता है। बोट पकड़कर समंदर में चला जाता है। समुंदर में जाकर वह अपने आप को गोली मार देता है। इत्तेफाक से गोली उसके सर की हड्डी को छूकर निकल गई इसके बाद वह बच गया।

जब लोगों ने यह मंजर देखा है। तो उन्होंने पुलिस को खबर कर दी और पुलिस ने कई किलोमीटर तक उसका पीछा किया। Holmes को चारों तरफ से गहरा और उसको पकड़ कर ले गए मगर वह जख्मी हो गया था। उसको हॉस्पिटल में भर्ती करा दिया।

भर्ती कराने के बाद जब वह सही हो गया तो उसके बाद पुलिस ने उससे पूछताछ की पुलिस ने उनसे पूछा कि James Smith के murder में तुम्हारा क्या हाथ है और उसकी बाकी की बॉडी कहां पर है।

Holmes ने कहा ठीक है, बताता हूं। उसने बताया कि इसमें उसका कोई रोल नहीं है। मगर मैं तुमको सब बात बताता हूं। उसने बताया कि 1 दिन Patrick Brady मेरे घर आया। घर आने के बाद उसने कहा तुमने जेम्स स्मिथ के बारे में सुना होगा। जेम्स गायब है। उसका हाथ मिला है। पर तुमने उसका दूसरा हाथ नहीं देखा। Holmes ने बताया Patrick Brady अपने साथ एक हाथ लेकर आया था। जो दाहिना हाथ था। उसने उसको टेबल पर रख दिया। उसने कहा यह स्मिथ का दूसरा हाथ है।

उसने कहा उसने बाकी की लाश को ट्रंक में रखकर समंदर में फेंक दिया है। यह हाथ में इसलिए लेकर आया हूं ताकि तुम्हें बता सकू कि मैंने  उसका कत्ल किया है। मैं तुम्हारा भी कत्ल कर सकता हूं अगर तुमने मेरी बात नहीं मानी।

उसकी डिमांड पैसे की थी। जो Holmes को ब्लैकमेल कर रहा था। क्योंकि Patrick Brady को मालूम था कि जेम्स किसी फर्जी कागजात को लेकर Holmes को ब्लैकमेल कर रहा था। मगर मैंने उसको ठिकाने लगा दिया क्योंकि वह मुझे भी ब्लैकमेल करने लगा था। अगर तुमने मुझे पैसे नहीं दिया तुम तुम्हारा भी यही हश्र होगा।

यह कहकर पैट्रिक वह हाथ Holmes के घर की टेबल पर रख कर भी चला गया। इसके बाद Holmes ने बताया कि मैं घबरा गया और उस हाथ को उठाकर समुंदर के पास गया। बोट से जाकर उस हाथ को समुंदर में फेंक दिया।

इसके बाद पुलिस कहती है कि तुम यह सारी बातें अदालत में बताओगे और 2 दिन बाद अदालत में तारीख थी।

लेकिन अगले ही दिन शाम को सिडनी के एक सुनसान इलाके में कार के अंदर Holmes की लाश मिलती है। उसकी बॉडी पर तीन निशान थे ।उसको तीन गोली मारी गई थी। पुलिस का यह मानना था कि Holmes ने पहले भी खुदकुशी करने की कोशिश की थी और यह भी खुदकुशी है।

लेकिन फोरंशिक एक्सपर्ट ने जांच की तो उन्होंने बताया कि यह खुद कुछ भी नहीं बल्कि एक कत्ल है। मगर पुलिस आखिर तक कहती रही कि यह एक खुदकुशी है। क्योंकि Holmes इज्जत दार घराने से था और उसका नाम इस मर्डर और फर्जी कारोबार में आ गया था।

क्योंकि Holmes ने अपनी बोट का भी इंश्योरेंस करा रखा था और उसने अपना भी इंश्योरेंस करा रखा था। अगर वह खुदकुशी करता तो उसके इंश्योरेंस का पैसा उसके परिवार वालों को नहीं मिलता।

कहा जाता है कि Holmes ने खुद अपनी सुपारी दी थी। सुपारी किलर से कहा था कि वह उसको तीन गोली मारे। हो सकता है, कि एक गोली मारने के बाद पुलिस उसको सुसाइड समझ ले।

खुदकुशी करने वाला आदमी खुद को तीन गोली नहीं मार सकता। मगर पुलिस इसको क़त्ल मारने के लिए तैयार नहीं है। उनका मानना था कि Holmes ने खुद अपनी सुपारी दी थी और एक से ज्यादा गोली मारने को कहा था। जिससे उसका इंश्योरेंस का पैसा उसके परिवार वालों को मिल सके और वो इंश्योरेंस की रकम बहुत बड़ी थी।

अब जो James Smith के murder का चश्मदीद गवाह था। जिसकी 12 घंटे बाद गवाही होनी थी और वह मारा गया। अब इस केस में कोई गवाह नहीं बचा था। सिर्फ एक एक्यूज बचा था और वह Patrick Francis Brady था।

Patrick Brady लगातार इस कत्ल से अपने आप को बचा रहा था। अब पुलिस के ऊपर उंगली भी उठाई गई कि इतना अहम गवाह था तो आपको उसके प्रोडक्शन देनी चाहिए थी।

सिडनी पुलिस ने अपनी इस कमी को स्वीकार किया लेकिन अदालत के सामने गवाही से पहले ही Holmes की मौत हो गई।

लेकिन अदालत की कार्यवाही शुरू हो जाती है Patrick Brady को जेम्स स्मिथ के कातिल के तौर पर सामने रखा जाता है। सार्क ने कैसे उल्टी करके उस हाथ को बाहर निकाला वह सारी चीजें अदालत के सामने बताई जाती है।

Patrick Brady के वकील अदालत में बहस करते हैं। और कहते हैं कि आप एक हाथ के बलबूते पर यह नहीं मान सकते कि वह हाथ जेम्स स्मिथ का ही है। अगर वह स्मिथ का हुआ भी तो आप यह नहीं मान सकते कि वह मर चुका है। हो सकता है कि वह बगैर हाथ के भी जिंदा हो और हो सकता है जेम्स स्मिथ के कत्ल की सुपारी किसी और ने दी हो।

इसमें एक बात और सामने आई थी कि बैंक इंश्योरेंस का एक बड़ा अफसर जो धोखाधड़ी में पकड़ा गया था। वह इसलिए पकड़ा गया था कि क्योंकि जेम्स स्मिथ ने उसके बारे में मुखबरी की थी। फिर यह बात सामने आई कि जेम्स स्मिथ पुलिस के लिए मुखबरी के तौर पर भी काम किया करता था। और बात यह सामने आई है कि जो अफसर पकड़ा गया था। उसको नौकरी से निकाल दिया गया था। शायद उसी ने James Smith के murder की सुपारी दी हो।

मगर वह साबित नहीं हो पाए क्योंकि बाकी लाश मिली नहीं थी। इसके बाद लोगों ने समुद्र को छान मारा मगर ना तो वह ट्रंक नहीं मिला और ना ही स्मिथ की लाश की कोई हिस्सा मिला।

अदालत में वकील की दलील यह थी कि एक हाथ मिलने से किसी के कत्ल की तस्दीक नहीं की जा सकती। हो सकता है, वह एक हाथ के बगैर भी जिंदा हो और जब तक लाश ना मिल जाए तो Patrick Brady को James Smith का कातिल नहीं कहा जा सकता। अदालत ने इस दलील को मान लिया और कहा कि ऐसा मुमकिन है कि एक हाथ के बगैर भी वह जिंदा हो और हो सकता है कि उसका एक हाथ ही काटा गया हो और इस बुनियाद पर अदालत ने Patrick Brady को रिहा कर दिया।

हालांकि रिहाई के कुछ दिनों बाद ही तमाम फर्जी केसों में उसको फिर से गिरफ्तार कर लिया गया। लेकिन James Smith के murder को लेकर Patrick Brady के ऊपर फिर कोई मुकदमा नहीं चला और सिडनी की पुलिस इसकी छानबीन करती रहे।

1935 से लेकर 1965 आ गया और 30 साल गुजर गए और 76 साल की उम्र में Patrick Brady की मौत हो गई। मरने से पहले Patrick Brady यही कहता रहा कि James Smith का murder उसने नहीं किया। उससे उसका कोई लेना-देना नहीं और Holmes ने जो पुलिस को कहानी सुनाई वह गलत थी। Holmes ने खुदकुशी की थी या उसका कत्ल हुआ था इसका भी कोई सुराग नहीं मिला।

इस कहानी का अंजाम यह है आज हम 2020 में आ चुका हैं। James Smith का murder किसने किया यह वास्तविक राज ही है। पूरी सिडनी में इससे बड़ी कोई मर्डर मिस्ट्री नहीं है। बहुत सारी रिसर्च इसको लेकर हुए और किताबें भी लिखी गई अलग-अलग टीम ने चैलेंज के तौर पर इसको लिया मगर आज 85 साल हो गए और यह आज तक एक राज ही है।

हमने Blockchain के आर्टिकल को Hindi में लिखा है। जिससे Hindi Users को Blockchain आसानी से समझ आ सके। हमें Blockchain के Hindi आर्टिकल को आप तक पहुंचने में खुशी होगी।

Blockchain रिकॉर्ड की बढ़ती सूची है, जिसे block कहा जाता है, जो Cryptography का उपयोग करके जुड़े हुए हैं। प्रत्येक ब्लॉक में पिछले ब्लॉक का एक Cryptography hash, एक टाइमस्टैम्प और लेनदेन डेटा होता है। Blockchain इन दिनों काफी चर्चा में है। और यह मुख्य रूप से है क्योंकि यह दुनिया में बहुत प्रसिद्ध cryptocurrency की backbone है – Bitcoin। कई सरकारों और अग्रणी बैंकों ने blockchain अवधारणा के आधार पर अपने कई पारंपरिक लेनदेन लाने का फैसला किया है। इस ढांचे के अनुप्रयोग और क्षमता बहुत बड़ी है और माना जाता है कि विभिन्न डोमेन में लेनदेन का तरीका बदल रहा है।

हाल के वर्षों में, blockchain पर बहुत चर्चा है। कई लोगों ने इसे दशक की सबसे विघटनकारी तकनीक बताया है। विशेष रूप से, वित्तीय बाजार सबसे अधिक प्रभावित हो सकते हैं।

प्रौद्योगिकी को कई वर्टिकल जैसे हेल्थकेयर, मेडिसिन्स, इंश्योरेंस, स्मार्ट प्रॉपर्टीज, ऑटोमोबाइल्स और यहां तक ​​कि सरकारों में भी रूपांतरित किया जा रहा है।

हालांकि, अब तक blockchain का सबसे सफल कार्यान्वयन Bitcoin –  Peer-to-Peer Electronic Cash System है, जो इत्तिफ़ाक से blockchain तकनीक का पहला कार्यान्वयन (Implementation) भी है। इस प्रकार, blockchain तकनीक को समझने के लिए, यह समझना सबसे अच्छा है कि bitcoin सिस्टम कैसे डिज़ाइन और कार्यान्वित (Executed) किया जाता है।

इस लेख में, आप सीखेंगे कि blockchain , इसकी Architecture, इसे कैसे लागू किया जाता है और इसकी विभिन्न विशेषताएं हैं। मैं blockchain की पेचीदगियों का वर्णन करते हुए bitcoin कार्यान्वयन को सूचीबद्ध (listed) करूंगा।

Blockchain आर्किटेक्चर इतना छोटा नहीं है और कई ने कई वीडियो सहित अच्छे लेख, tutorial लिखे हैं। इनमें नौसिखिए से लेकर पेशेवर तक के श्रोता हैं। इस ट्यूटोरियल में, मैं Novice और Professionals को ध्यान में रखते हुए, blockchain आर्किटेक्चर की वैचारिक समझ पर ध्यान केंद्रित करूँगा। Blockchain में जाने से पहले, यह जानना महत्वपूर्ण है कि इस नई तकनीक की आवश्यकता क्यों उत्पन्न हुई? इस प्रश्न का उत्तर Double − Spending  के रूप में जाना जाता है।

Double Spending

Imaage में दिखाई गई स्थिति पर विचार करें−

Double Spending
tutorialspoint

जैसा कि यहाँ स्पष्ट रूप से देखा गया है, Bob एक पुस्तक के बदले में Lisa को $ 10 का बिल दे रहा है। एक बार जब Lisa को यह भौतिक $ 10 बिल प्राप्त होता है, तो Bob के लिए इस पैसे को कुछ अन्य लेनदेन के लिए फिर से उपयोग करने का कोई रास्ता नहीं है, क्योंकि भौतिक मुद्रा अब Lisa के कब्जे में है।

अब, ऐसी स्थिति पर विचार करें जहां पैसे का भुगतान डिजिटल रूप में किया जाता है। यह चित्र में चित्रित किया गया है-

paid digital form
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जैसा कि Currency Exchange का प्रारूप डिजिटल प्रारूप में है, यह अनिवार्य रूप से एक बाइनरी भौतिक फ़ाइल है जो Bob के डिवाइस पर कहीं Stored है। के बाद बॉब लिसा को यह फाइल (Digital money) देता है, वह एलिस को फाइल की एक प्रति भी दे सकता है। दोनों अब सोचते हैं कि डिजिटल सिक्के को प्रमाणित करने का कोई साधन न होने के कारण उन्हें यह धन प्राप्त हुआ है और इस तरह वे बॉब को अपना सामान वितरित करेंगे। इसे डबल-खर्च कहा जाता है, जहाँ प्रेषक एक ही पैसा कई विक्रेताओं से सेवाएँ या सामान प्राप्त करने के लिए एक से अधिक स्थानों पर खर्च करता है।

दोहरे खर्च की इस समस्या को हल करने के लिए, सभी लेनदेन की निगरानी के लिए एक केंद्रीकृत प्राधिकरण को नियुक्त करेगा। यह चित्र में चित्रित किया गया है −

Centrailized Authority

केंद्रीयकृत प्राधिकरण (Centralized authority), जो सामान्य शब्दों में आपका बैंक है, सभी लेनदेन को रिकॉर्ड करने वाली एक बही खाता रखता है। अब, बॉब को अपना डिजिटल पैसा बैंक को भेजना होगा जो अपने खाताधारक के बॉब के खाते में प्रवेश करेगा। यह सुनिश्चित करने के बाद कि बॉब के पास डिजिटल पैसे का भुगतान करने के लिए पर्याप्त शेष राशि है जिसे वह भेजना चाहता है, लिसा को उसके खाता में उसके खाते में जमा करने के लिए पैसा भेजेगा।

अब, यह गारंटी है कि बॉब दोगुना पैसा खर्च नहीं कर सकता है। यदि प्रत्येक डिजिटल लेनदेन को इस तरह एक केंद्रीकृत प्राधिकरण के माध्यम से रूट किया जाता है, तो दोहरे खर्च की समस्या हल हो जाएगी। यह लेनदेन में प्राप्त होने वाले प्रत्येक सिक्के (Digital money) की प्रामाणिकता को प्रमाणित करने में एक और लाभ प्रदान करता है। तो नकली पैसा (डुप्लीकेट पैसा बॉब के मामले में ऐलिस को एक कॉपी का उपयोग करके भुगतान) आसानी से पता लगाया जाएगा और प्रचलन से रोका जा सकेगा।

केंद्रीयकृत प्राधिकरण (Centralized authority), का परिचय हालांकि यह दोहरे खर्च की समस्या को हल करता है, एक और प्रमुख मुद्दे का परिचय देता है – केंद्रीय प्राधिकरण को स्वयं बनाने और बनाए रखने की लागत।

जैसा कि बैंकों को अपने संचालन के लिए धन की आवश्यकता होती है, वे अपने ग्राहकों के लिए प्रत्येक मुद्रा लेनदेन पर कमीशन काटना शुरू करते हैं। यह कभी-कभी बहुत महंगा हो सकता है, विशेष रूप से धन के विदेशी हस्तांतरण में जहां पूरे सौदे में कई एजेंट (बैंक) शामिल हो सकते हैं।

उपरोक्त सभी मुद्दों को बिटकॉइन नामक डिजिटल मुद्रा की शुरूआत द्वारा हल किया जाता है। अब मैं आपको इसकी संक्षिप्त पृष्ठभूमि दूंगा कि बिटकॉइन अपने डिजाइन और वास्तुकला में क्या है।

Bitcoin – Brief History

बिटकॉइन को इस दुनिया में सतोशी नाकामोटो द्वारा बिटकॉइन: A peer-to-peer electronic cash system नामक अनुसंधान शैली के माध्यम से वर्ष 2008 में पेश किया गया था।

Bitcoin ने न केवल दोहरे खर्च की समस्या को हल किया है, बल्कि कई और फायदे भी पेश किए हैं, यहाँ उल्लेख के लायक एक ऐसा फायदा है जो लेन-देन में अज्ञात है। सातोशी जिन्होंने इस प्रणाली का निर्माण किया और इस प्रणाली पर कुछ सिक्कों का लेन-देन किया वह पूरी दुनिया के लिए पूरी तरह से गुमनाम हैं।

जरा सोचिए, सोशल मीडिया की इस दुनिया में, जब प्रत्येक व्यक्ति की गोपनीयता दांव पर है, तो दुनिया अब तक यह पता लगाने में सक्षम नहीं है कि सतोशी कौन है? वास्तव में, हम नहीं जानते कि सतोशी एक व्यक्ति है या लोगों का समूह है। Googling ने इस तथ्य को भी उजागर किया कि Bitcoin Satoshi Nakamoto की कीमत लगभग 19.4 बिलियन डॉलर है – यह पैसा अब Bitcoin प्रणाली में लावारिस बना हुआ है। तो Bitcoin क्या है – आइए हम एक नज़र डालते हैं!

What is Bitcoin (Bitcoin क्या है)?

जैसा कि आपने पहले देखा, बैंक प्रत्येक लेन-देन को दर्ज करने वाला खाता बही रखता है। यह खाता निजी रूप से बैंक द्वारा रखा और बनाए रखा जाता है। सातोशी ने प्रस्ताव दिया कि इस बही को सार्वजनिक किया जाए और समुदाय द्वारा इसे बनाए रखा जाए।

जिस क्षण आप इस तरह के बही को सार्वजनिक करते हैं, आपके दिमाग में कई विचार आते हैं। इस बहीखाता को छेड़छाड़-सबूत होना चाहिए ताकि कोई भी इसकी प्रविष्टियों को संशोधित न कर सके। जैसा कि खाता बही में प्रत्येक प्रविष्टि सार्वजनिक रूप से दिखाई देती है, हमें यह पता लगाना होगा कि गुमनामी को कैसे बनाए रखा जाए – जाहिर है कि आप दुनिया में हर किसी को यह जानना पसंद नहीं करेंगे कि मैंने आपको एक मिलियन डॉलर का भुगतान किया।

इसके अलावा, जैसा कि दुनिया में प्रत्येक लेनदेन का केवल एक ही खाता बही है, बही के आकार में एक और बड़ी चिंता होगी। इन पेचीदगियों का हल प्रदान करना तुच्छ नहीं था और यही मैं यहाँ कोशिश कर रहा हूँ ताकि आप सरल शब्दों में bitcoin की Inherent Architecture को समझ सकें।

यह Inherent Architecture ब्लॉकचेन है और इस tutorial के बारे में यही है। ब्लॉकचेन Architecture  को समझने के लिए, आपको कुछ प्रमुख विशेषताओं को समझने की आवश्यकता है, जिस पर यह आधारित है। तो, चलिए PKI – पब्लिक की क्रिप्टोग्राफी के साथ शुरुआत करते हैं।

Public Key Cryptography

सार्वजनिक कुंजी Cryptography या संक्षेप में PKI को असममित Cryptography के रूप में भी जाना जाता है। यह दो जोड़ी कुंजियों का उपयोग करता है – सार्वजनिक और निजी। एक कुंजी कुछ लंबी बाइनरी संख्या है। सार्वजनिक कुंजी दुनिया भर में वितरित की जाती है और वास्तव में सार्वजनिक होती है जैसा कि इसके नाम से पता चलता है। निजी कुंजी को सख्ती से निजी रखा जाना चाहिए और किसी को इसे कभी नहीं खोना चाहिए।

Bitcoin के मामले में, यदि आप कभी भी अपने बिटकॉइन वॉलेट में निजी कुंजी खो देते हैं, तो आपके पर्स की पूरी सामग्री तुरंत चोरी हो जाएगी और इससे पहले कि आप यह जानते हैं, आपके सभी पैसे (आपके बटुए की सामग्री) बिना नहीं जाएंगे सिस्टम में तंत्र यह पता लगाने के लिए कि किसने चुराया है – यह उस सिस्टम में गुमनामी है जिसे मैंने पहले उल्लेख किया था।

PKI दो कार्यों – प्रमाणीकरण और संदेश गोपनीयता को एन्क्रिप्शन / डिक्रिप्शन तंत्र के माध्यम से पूरा करता है। अब मैं इन दोनों कार्यों की व्याख्या करूंगा –

Authentication

जब दो पक्ष संदेशों का आदान-प्रदान करते हैं, तो प्रेषक और रिसीवर के बीच एक विश्वास स्थापित करना महत्वपूर्ण है। विशेष रूप से, रिसीवर को संदेश के स्रोत पर भरोसा करना चाहिए। बॉब के हमारे पहले के परिदृश्य (चित्र 1 में दर्शाए गए) पर जाने से लिसा को उसके पास से कुछ सामान खरीदने के लिए कुछ पैसे भेजे गए, आइए देखें कि पीकेआई बॉब और लिसा के बीच इस विश्वास को कैसे बनाता है। नीचे देखें छवि –

Authentication

पहली जगह में, यदि बॉब कुछ पैसे लिसा को भेजना चाहता है, तो उसे अपनी खुद की एक निजी / सार्वजनिक कुंजी बनानी होगी। ध्यान दें कि दोनों कुंजियों को हमेशा एक साथ रखा जाता है और आप अलग-अलग व्यक्तियों या अलग-अलग उदाहरणों की निजी और सार्वजनिक कुंजियों को नहीं मिला सकते हैं।

अब, बॉब का कहना है कि वह लिसा को $ 10 भेज रहा है। इसलिए वह बॉब (प्रेषक) सार्वजनिक कुंजी, लिसा (रिसीवर) सार्वजनिक कुंजी, और राशि ($ 10) युक्त एक संदेश (A plain text message) बनाता है।

इस प्रेषण (Despatch) का उद्देश्य जैसे “मुझे आपसे कद्दू खरीदना है” भी संदेश में जोड़ा गया है। संपूर्ण संदेश अब बॉब की निजी कुंजी का उपयोग करके हस्ताक्षरित है। जब लिसा को यह संदेश मिलता है, तो वह पीकेआई और बॉब की सार्वजनिक कुंजी के हस्ताक्षर सत्यापन एल्गोरिथ्म का उपयोग करेगी ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि संदेश वास्तव में बॉब से उत्पन्न हुआ था। पीकेआई कैसे काम करता है इस ट्यूटोरियल के दायरे से परे है। इच्छुक पाठक को पीकेआई पर अधिक विस्तृत चर्चा के लिए इस साइट पर भेजा जाता है। यह संदेश प्रवर्तक की प्रामाणिकता स्थापित करता है। अब, हम संदेश की गोपनीयता देखें।

Message Privacy

अब, जैसा कि लिसा ने अपना भुगतान प्राप्त कर लिया है, वह अपने ईबुक की लिंक भेजना चाहती है जिसे बॉब खरीदना चाहता है। इसलिए लिसा एक संदेश बनाएगी और छवि में दिखाए गए अनुसार बॉब को भेजेगी −

Message Privacy

लिसा एक संदेश बनाता है जैसे “यहां मेरी ईबुक की लिंक है जिसे आपने अनुरोध किया था”, यह बॉब की सार्वजनिक कुंजी के साथ संकेत करता है कि उसे बॉब के अनुरोध संदेश में मिला है और कुछ गुप्त कुंजी का उपयोग करके संदेश को एन्क्रिप्ट (Encrypt) भी करता है। जिसे HTTPS हैंडशेक के दौरान दोनों के बीच साझा किया जाता है।

अब, लिसा सुनिश्चित है कि केवल बॉब निजी कुंजी का उपयोग करके संदेश को डिकोड कर सकते हैं। जो बॉब द्वारा अकेले आयोजित किया जाता है। साथ ही, संदेश को बाधित करने वाला कोई व्यक्ति इसकी सामग्री को पुनर्प्राप्त नहीं कर पाएगा क्योंकि सामग्री केवल बॉब और एलिस द्वारा रखी गई एक गुप्त कुंजी द्वारा एन्क्रिप्ट (Encrypt) की गई है। यह लिसा को गारंटी देता है कि उसकी ईबुक तक पहुंच केवल बॉब को दी गई है।

PKI द्वारा निहित, दोनों विशेषताओं, प्रमाणीकरण और संदेश गोपनीयता को देखने के बाद, हम आगे देखते हैं कि बिटकॉइन कैसे पीकेआई का उपयोग करता है ताकि सार्वजनिक बही को सुरक्षित करने के लिए जिसका मैंने अध्याय “Bitcoin?”

Blockchain – Hashing

PKI में सबसे महत्वपूर्ण कार्य Hashing फ़ंक्शन है। एक Hashing function निश्चित आकार के डेटा के लिए किसी भी मनमाने आकार के डेटा को मैप करता है। Bitcoin SHA-256 hash function का उपयोग करता है जो 256 बिट्स (32 बाइट्स) के हैश (आउटपुट) का उत्पादन करता है। यह चित्र में चित्रित किया गया है−

Hashing

बॉब, लिसा के साथ एक आदेश रखते हुए, ऊपर दिखाए गए संदेश के समान एक संदेश बनाता है। यह संदेश एक Hashing function के माध्यम से हैशेड है जो 32 बाइट हैश का उत्पादन करता है। इस हैश की सुंदरता सभी व्यावहारिक उद्देश्यों के लिए हैश (256-बिट संख्या) संदेश की सामग्री के लिए अद्वितीय माना जाता है। यदि संदेश संशोधित किया गया है, तो Hash मान बदल जाएगा। इतना ही नहीं कि एक हैश मूल्य दिया, मूल संदेश को फिर से संगठित करना असंभव है।

हैशिंग के महत्व को देखने के बाद, हम बिटकॉइन में एक और विचार पर चलते हैं

Bitcoin – Mining

जब बॉब लिसा के लिए एक खरीद अनुरोध बनाता है, तो वह इसे केवल लिसा को नहीं भेजता है। बल्कि अनुरोध संदेश पूरे नेटवर्क पर प्रसारित किया जाता है जिससे वह जुड़ा हुआ है। बॉब के नेटवर्क को चित्र में दिखाया गया है।

Mining

संदेश सभी जुड़े नोड्स (मशीनों) को जाता है। Diagram में कुछ नोड्स को Miner के रूप में चिह्नित किया गया है। ये ऐसी मशीनें हैं जो Bitcoin संदेश के Mining के लिए सॉफ्टवेयर का एक टुकड़ा चलाते हैं। मैं अब आपको समझाता हूं कि इस Mining का क्या मतलब है।

Mining Process

जैसा कि पूरे नेटवर्क को व्यापक रूप से Delivered किया गया है, नेटवर्क के प्रत्येक miner को किसी भी समय की अवधि में कई विक्रेताओं से कई संदेश प्राप्त होने की उम्मीद है। Miner क्या करता है वह इन संदेशों को एक ब्लॉक में जोड़ता है। यह छवि में सचित्र है –

Mining Process

संदेशों का एक ब्लॉक बनने के बाद, Miner पहले से वर्णित (Described) Hashing function का उपयोग करके ब्लॉक पर एक Hash बनाता है। अब, जैसा कि आप जानते हैं कि यदि कोई तीसरा पक्ष इस ब्लॉक की सामग्री को संशोधित (Revised) करता है, तो उसका हैश अमान्य हो जाएगा। संयोग से, प्रत्येक संदेश को Time stamped किया जाता है ताकि ब्लॉक के हैश मूल्य को प्रभावित किए बिना कोई भी अपने कालानुक्रमिक (Chronological) क्रम को संशोधित न कर सके। इस प्रकार, ब्लॉक में संदेश छेड़छाड़ से पूरी तरह से सुरक्षित हैं। इस तथ्य का उपयोग नेटवर्क में सभी लेनदेन को सुरक्षित करने के लिए कैसे किया जाता है, इसके बारे में आगे बताया गया है।

Chaining Blocks

विभिन्न Miners द्वारा बनाए गए ब्लॉकों को एक साथ Chain से बांधने के लिए तैयार किया जाता है जिन्हें वास्तव में वितरित सार्वजनिक खाता बही (Public ledger) के रूप में जाना जाता है।

Chaining Blocks

Chain में प्रत्येक ब्लॉक में कई संदेश (लेनदेन) होते हैं जैसा कि पहले चित्र 8 में देखा गया है। श्रृंखला में एक ब्लॉक किसी भी miner से आ सकता है। ब्लॉक की Chain बनाते समय, हम नियम का पालन करते हैं कि पिछले ब्लॉक का हैश वर्तमान ब्लॉक में जोड़ा जाता है।

इस प्रकार, ब्लॉक बनाते समय एक miner, श्रृंखला में अंतिम ब्लॉक के हैश को चुनता है, इसे अपने स्वयं के संदेशों के साथ जोड़ता है और अपने नए बनाए ब्लॉक के लिए एक हैश बनाता है। यह नया बनाया गया ब्लॉक अब श्रृंखला के लिए नया अंत बन गया है और इस प्रकार श्रृंखला बढ़ती रहती है क्योंकि miners द्वारा अधिक से अधिक ब्लॉक इसमें जोड़े जाते हैं।

Proof of Work

चूंकि सभी लेन-देन पर मुहर लगी है, इसलिए हमें पीयर-टू-पीयर नेटवर्क पर एक वितरित टाइमस्टैम्प सर्वर को लागू करने की आवश्यकता है। इसके लिए कुछ अतिरिक्त कार्यान्वयन की आवश्यकता होती है और यह है कि मैं अब जो वर्णन करूंगा उसका प्रमाण है प्रत्येक ब्लॉक में, अब हम Nonce नामक एक और आइटम जोड़ते हैं जैसा कि नीचे दिए गए चित्र में दिखाया गया है −

Proof of Work

Nonce एक ऐसी संख्या है जो ब्लॉक की हैश एक निश्चित मानदंड (criteria) को पूरा करती है। यह मानदंड हो सकता है कि उत्पन्न हैश के शून्य होने के लिए उसके चार अंक होने चाहिए।

इस प्रकार, उत्पन्न हैश 0100010101010xxx की तरह दिखाई देगा। आम तौर पर, माइनर 0 के Nonce वैल्यू से शुरू होता है और इसे तब तक बढ़ाता रहता है जब तक कि जेनरेट हैश Specified criteria को पूरा नहीं करता है।

ध्यान दें कि Hash generation random रूप से काम करती है और आपके नियंत्रण से बाहर है – यानी आप एक निश्चित हैश उत्पन्न करने के लिए हैश फ़ंक्शन को बाध्य (Bound) नहीं कर सकते हैं। इस प्रकार, चार प्रमुख शून्य के साथ Desired हैश उत्पन्न होने तक इसमें कई पुनरावृत्तियां (In repetition) हो सकती हैं। Bitcoin system में ब्लॉक उत्पन्न करने का expected time 10 मिनट है। एक बार जब miner सफलतापूर्वक ब्लॉक को बंद कर देता है, तो वह जारी करता है कि सिस्टम में यह अब chain का अंतिम ब्लॉक है।

ध्यान दें कि Valid block उत्पन्न करने के लिए कई miner प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं। Bitcoin system उसे कुछ बिटकॉइन देकर पहला सफल Miner Provide करती है। सामान्य तौर पर, अधिक कंप्यूटिंग शक्ति वाला miner एक Starting winner हो सकता है। यह उन लोगों द्वारा पूरी system पर हमले का कारण बन सकता है जिनके पास एक विशाल Processing power है। मैं Attacks का description करूंगा और इस tutorial के अंत में इन्हें कैसे कम किया जाएगा।

Network & Mining

अब मैं ऊपर Described steps को मुख़्तसर में बताऊंगा; नेटवर्क में ऐसा ही होता है −

  • जो कोई भी तीसरे पक्ष से सेवाएं प्राप्त करना चाहता है, जिसने पहले नेटवर्क पर विज्ञापन दिया है, एक लेनदेन (वांछित प्राप्तकर्ता को संदेश) बनाता है।
  • एक निश्चित अवधि में, इस तरह के लेनदेन को बनाने वाले कई प्रेषक (खरीदार) और रिसीवर (विक्रेता) हो सकते हैं।
  • सभी लेनदेन नेटवर्क पर सभी नोड्स में प्रसारित किए जाते हैं। ध्यान दें कि यह आवश्यक नहीं है कि किसी दिए गए लेनदेन को नेटवर्क में प्रत्येक और प्रत्येक नोड तक पहुंचना चाहिए।
  • प्रत्येक नोड नए लेनदेन को एक ब्लॉक में असेंबल करता है। ध्यान दें कि प्रत्येक ब्लॉक में लेनदेन का सेट दूसरों द्वारा बनाए गए ब्लॉकों में सेट से स्वतंत्र है और स्वाभाविक रूप से दूसरों की तुलना में अलग होगा। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता; सिस्टम यह सुनिश्चित करता है कि नेटवर्क पर प्रसारित प्रत्येक लेनदेन उचित समय पर कुछ ब्लॉक में शामिल हो जाए। आम तौर पर, प्रेषक अपने प्रयासों के लिए खननकर्ता को एक निश्चित मात्रा में बिटकॉइन की पेशकश करके नोड को प्रोत्साहित करेगा। miner उच्च प्रोत्साहन वाले लोगों को ब्लॉक में शामिल करने के लिए प्राथमिकता देने का विकल्प चुन सकता है।
  • नोड अब अपने इकट्ठे ब्लॉक के लिए प्रूफ-ऑफ-वर्क खोजने पर काम करता है।
  • जब नोड प्रूफ-ऑफ-वर्क पाता है, तो यह नेटवर्क पर इकट्ठे ब्लॉक को प्रसारित करता है।
  • नया ब्लॉक प्राप्त करने वाले नोड्स यह सत्यापित करने के बाद ही स्वीकार करेंगे कि ब्लॉक में सभी लेनदेन वैध हैं और पहले से ही खर्च नहीं किए गए हैं।
  • यदि ब्लॉक को मान्य माना जाता है, तो नोड जो अपने नए ब्लॉक पर काम कर रहा है, उसे अपने ब्लॉक में लेनदेन को फिर से सुनिश्चित करना होगा ताकि लेनदेन डुप्लिकेट न हो। नोड अब अपने नए बनाए ब्लॉक पर प्रूफ-ऑफ-वर्क खोजने पर काम करता है; ऐसा करते समय यह पिछले हैश के रूप में स्वीकृत ब्लॉक का हैश ले जाएगा।
  • इसी तरह, ब्लॉकचेन हमेशा के लिए बढ़ रहा है।

अब, जैसा कि हमने देखा है कि पूरी प्रणाली कैसे काम करती है, मुझे कुछ दुष्प्रभावों का वर्णन करने और उन्हें कैसे हल करना है।

Incentives to Miners

जैसा कि हमने अध्याय बिटकॉइन – माइनिंग में देखा, किसी भी समय किसी भी अवधि में कई लेनदेन के साथ एक Miners बाढ़ आ सकती है। एक ब्लॉक के लिए अधिकतम आकार पूर्व-परिभाषित प्रणाली में आवश्यक है कि ब्लॉक में केवल एक निश्चित संख्या में लेनदेन शामिल हो।

ब्लॉक में लेनदेन की संख्या पूर्व-परिभाषित ब्लॉक आकार और प्रत्येक ब्लॉक की औसत लंबाई से निर्धारित होती है। यहां एक महत्वपूर्ण टिप यह है कि Sender को अपने संदेश में बहुत अधिक जानकारी शामिल नहीं करनी चाहिए ताकि इसे संक्षिप्त किया जा सके और जिससे अन्य छोटे संदेशों से पहले इसे स्वीकार करने के लिए miner को प्रोत्साहित किया जा सके।

एक Sender आम तौर पर बिटकॉइंस की एक निश्चित संख्या के संदर्भ में एक लेनदेन शुल्क भी जोड़ देगा ताकि अपने ब्लॉक में शुरुआती Including के लिए miner को प्रोत्साहित (Encouraged) किया जा सके।

ब्लॉकचेन के निर्माण में अन्य परिणाम इसका मात्र आकार है। समय की अवधि के दौरान, पूरे ब्लॉकचैन नोड के लिए बहुत बड़ी हो सकती है ताकि इसे उसकी डिस्क पर Stored किया जा सके। यह Merkle Tree का उपयोग करके हल किया जाता है जो आगे Described है।

Merkle Tree

एक नोड में disk स्थान का मुद्दा आसानी से दूर हो जाता है क्योंकि एक ब्लॉक में सभी लेनदेन मर्कल ट्री में हैशेड होते हैं जैसा कि छवि में दिखाया गया है −

Merkle Tree

ब्लॉक हेडर में अब पिछले ब्लॉक का हैश है, एक नॉनकस, और एक मेर्कल ट्री में मौजूदा ब्लॉक में सभी लेनदेन का रूट हैश। चूंकि इस रुट हैश में ब्लॉक के भीतर सभी लेन-देन के हैश शामिल हैं, इन लेनदेन को डिस्क स्थान को बचाने के लिए छंटनी हो सकती है। तो अब आपका blockchain नीचे दी गई छवि की तरह दिखाई देगा –

Root Hash

इसके परिणामस्वरूप डिस्क स्थान में बहुत सारी बचत हो सकती है। इस रणनीति का उपयोग एक सामान्य ग्राहक द्वारा किया जाता है जो केवल दूसरों से भुगतान प्राप्त करने में रुचि रखता है। हालांकि, miners को पूर्ण ब्लॉकचेन को बचाने की आवश्यकता है। अब सवाल यह उठता है कि एक रिसीवर अपने मूल के अधिकार को प्राप्त सिक्के का पता लगाने की क्षमता के बिना भुगतान का सत्यापन कैसे करता है। यह आगे बताया गया है।

Payment Verification

एक ऐसे मामले पर विचार करें जिसके तहत एक विक्रेता (seller) के रूप में आप पहले किए गए एक निश्चित भुगतान को सत्यापित करना चाहते हैं। जैसा कि blockchain आप अपनी मशीन पर रख रहे हैं उसमें केवल ब्लॉक हेडर हैं जैसा कि पहले के आंकड़े में दिखाया गया है, जो लेनदेन आप खोज रहे हैं वह आपके ब्लॉकचेन की कॉपी में गायब है।

अब आप ब्लॉकचैन की अपनी कॉपी में पीछे की ओर तब तक खोज सकते हैं जब तक आपको एक ऐसा ब्लॉक न मिल जाए जिसमें Desired लेनदेन समयावधि में हो। अब, चयनित ब्लॉक के मर्कल ट्री का अनुरोध करें और आपके पास वह लेनदेन होगा जिसकी आपको तलाश है। इसका चित्र नीचे दिया गया है –

Payment Verification

यहां, हम मानते हैं कि आप Tx103 की तलाश कर रहे हैं। यद्यपि (अगरचे) आप Tx103 की सामग्री को देखने में सक्षम नहीं हो सकते हैं, आप जानते हैं कि यह उस ब्लॉक को स्वीकार कर लिया गया है जिसके अंतर्गत यह है और chain के सभी बाद के ब्लॉक। इस प्रकार, आप सुरक्षित रूप से इस लेनदेन पर भरोसा कर सकते हैं और अपने व्यवसाय के साथ आगे बढ़ सकते हैं।

Resolving Conflicts

जैसा कि हमने देखा है कि bitcoin नेटवर्क में कई miner होते हैं। यह संभव है, कि दो अलग-अलग miner एक ही समय में proof के काम को हल करते हैं और इस प्रकार श्रृंखला में अंतिम ज्ञात ब्लॉक में अपने ब्लॉक को जोड़ते हैं। इसका चित्र नीचे चित्र में दिया गया है –

Resolving Conflicts

अब, ब्लॉक 3 के बाद हमारी दो शाखाएँ हैं। दोनों शाखाएँ मान्य हैं। तो अगले खनन किए गए ब्लॉक को दोनों शाखाओं में जोड़ा जा सकता है। मान लीजिए, miners नए खनन किए गए ब्लॉक को ब्लॉक 104-ए में जोड़ता है, ब्लॉक 104-ए युक्त शाखा ब्लॉक 104-बी वाली शाखा से अधिक लंबी होगी। इसका चित्र नीचे चित्र में दिया गया है –

Bitcoin Architecture

Bitcoin आर्किटेक्चर में, सबसे लंबी branches हमेशा जीतती है और छोटे लोगों को पर्स दिया जाता है। तो ब्लॉक 104-बी को शुद्ध करना होगा। इस ब्लॉक को शुद्ध करने से पहले, इस ब्लॉक के सभी लेन-देन को लेन-देन पूल में लौटा दिया जाएगा ताकि उन्हें खनन करके भविष्य के किसी ब्लॉक में जोड़ा जाए। इस तरह से संघर्षों का समाधान होता है और सिस्टम द्वारा केवल एक ही ब्लॉक की श्रृंखला को बनाए रखा जाता है।

Privacy

जैसा कि सभी बिटकॉइन लेनदेन को रिकॉर्ड करने वाला खाता बही वास्तव में सार्वजनिक किया जाता है, गोपनीयता दांव पर है। दुनिया में कोई भी यह जानने में सक्षम होगा कि किसने किसे भुगतान किया? पारंपरिक बैंकिंग प्रणाली अपने रिकॉर्ड को गोपनीय रखकर इस तरह की गोपनीयता बनाए रखने में सक्षम है।

Bitcoin सिस्टम में गोपनीयता एक अलग रणनीति द्वारा प्राप्त की जाती है। ध्यान दें कि हमने कहा कि एक बिटकॉइन भेजने वाले को यह जानना होगा कि किसको भुगतान करना है। इसलिए वह उस विक्रेता की सार्वजनिक कुंजी मांगता है जिससे वह भुगतान करने की इच्छा रखता है। यह सार्वजनिक कुंजी अनाम (गुमनाम) हो सकती है।

इस अर्थ में, कुछ सेवाओं के विक्रेता के रूप में, जब कोई आपसे पूछता है कि भुगतान कहां भेजना है, तो आप बस उसे अपनी public key भेजेंगे। आपके साथ इस public key का जुड़ाव खाता बही में कहीं भी दर्ज नहीं है। इस तरह से इस लेनदेन के बाहर किसी को भी पता होगा कि कितने पैसे का लेन-देन किया जाता है और किस public key से पैसे का भुगतान किया जाता है।

प्रत्येक लेन-देन के लिए एक उच्च स्तर की गोपनीयता प्राप्त करने के लिए, आप प्रत्येक लेनदेन के लिए एक new private / public key उत्पन्न कर सकते हैं ताकि आपके द्वारा किए गए कई लेनदेन एक तीसरे पक्ष द्वारा एक साथ Grouped न हो सकें। एक बाहरी व्यक्ति के लिए, इसका सीधा मतलब यह होगा कि छोटे मूल्यों के कई लेनदेन किए गए थे और वे कभी भी एक सामान्य source से नहीं जुड़े होंगे।

अंत में, कोई भी ऑनलाइन इंटरनेट आधारित प्रणाली गालियों की चपेट में है। अब मैं bitcoin सिस्टम पर कुछ संभावित प्रकार के हमलों का वर्णन करूंगा और उन लोगों को कैसे कम किया जा सकता है।

Bitcoin – Mitigating Attacks

मैं bitcoin system में तीन अलग-अलग प्रकार के संभावित हमलों पर चर्चा करूंगा –

Race Attack

एक हमलावर के रूप में, आप तेजी से उत्तराधिकार में विभिन्न विक्रेताओं को एक ही coin भेज सकते हैं, शायद दो अलग-अलग मशीनों का उपयोग करके। यदि विक्रेता सामान देने से पहले ब्लॉक की पुष्टि का इंतजार नहीं करते हैं, तो उन्हें बहुत जल्द पता चल जाएगा कि miner प्रक्रिया के दौरान लेनदेन को अस्वीकार कर दिया गया था। इस तरह के हमले का समाधान यह है कि सामान भेजने से पहले विक्रेता (seller) को कम से कम एक ब्लॉक की पुष्टि (Confirmation) का इंतजार करना चाहिए।

Finney Attack

इस मामले में, हमलावर miner है। Miner अपने लेनदेन के साथ ब्लॉक करता है और इसे सिस्टम में जारी नहीं करता है। वह अब एक दूसरे लेन-देन में समान coins का उपयोग करता है और फिर Pre-mining block को जारी करता है। जाहिर है, दूसरे miners द्वारा अंततः दूसरे लेनदेन को अस्वीकार कर दिया जाएगा, लेकिन इसमें कुछ समय लगेगा। इस जोखिम को कम करने के लिए, विक्रेता को माल छोड़ने से पहले कम से कम छह ब्लॉक पुष्टिकरण का इंतजार करना चाहिए।

The 51% Attack

इस तरह के हमले में, हम एक अव्यवहारिक धारणा के साथ आते हैं कि कोई व्यक्ति नेटवर्क की कंप्यूटिंग शक्ति का 51% हिस्सा है। इस तरह के हमले में हमलावर एक Private blockchain की Mine करता है जहां वह coins को दोहराता है।

जैसा कि वह Computing power के majority का मालिक है, उसे गारंटी है कि किसी समय उसका Private blockchain “ईमानदार” नेटवर्क की chain से अधिक लंबा होगा। उसके बाद वह अपने Private blockchain को सिस्टम में जारी करता है, जो पहले किए गए सभी लेन-देन को Invalid blockchain में दर्ज किया गया है जो Invalid है।

इस तरह का हमला काल्पनिक है क्योंकि यह Computing power हासिल करने के लिए बहुत महंगा है जो पूरे नेटवर्क की कंप्यूटिंग शक्ति के 51% के बराबर या उससे अधिक है।

ये पूरा आर्टिकल www.tutorialspoint.com से लिया गया है। जो English में लिखा हुआ है। हमने Blockchain को Hindi में convert किया है।

IoT (Internet Of Things) Hindi में पढ़े। Internet Of Things एक उन्नत Automation और Analytics सिस्टम है जो किसी उत्पाद या सेवा के लिए पूरा सिस्टम देने के लिए Networking, Sensing, Big data और Artifical Intelligence तकनीक का फायदा उठाता है। ये सिस्टम किसी भी उद्योग या प्रणाली पर लागू होने पर अधिक पारदर्शिता (Transparency), नियंत्रण और प्रदर्शन की अनुमति देते हैं।

IoT सिस्टम में अपने अद्वितीय लचीलेपन और किसी भी वातावरण में उपयुक्त होने की क्षमता के माध्यम से उद्योगों में अनुप्रयोग हैं। वे स्मार्ट डिवाइस और शक्तिशाली सक्षम तकनीक के माध्यम से डेटा संग्रह, स्वचालन, संचालन और बहुत कुछ बढ़ाते हैं।

इस ट्यूटोरियल का उद्देश्य आपको IoT के लिए गहन परिचय प्रदान करना है। यह IoT की प्रमुख अवधारणाओं का परिचय देता है, IoT सिस्टम के उपयोग और तैनाती में आवश्यक है।

IoT सिस्टम उपयोगकर्ताओं को एक प्रणाली के भीतर गहन स्वचालन, विश्लेषण और एकीकरण प्राप्त करने की अनुमति देता है। वे इन क्षेत्रों की पहुंच और उनकी सटीकता में सुधार करते हैं। IoT संवेदन, नेटवर्किंग और रोबोटिक्स के लिए मौजूदा और उभरती हुई प्रौद्योगिकी का उपयोग करता है.

Internet Of Things सॉफ्टवेयर में हाल की प्रगति, हार्डवेयर की कीमतें गिरना, और प्रौद्योगिकी के प्रति आधुनिक दृष्टिकोण का शोषण करता है। इसके नए और उन्नत तत्व उत्पादों, वस्तुओं और सेवाओं के वितरण में बड़े बदलाव लाते हैं; और उन परिवर्तनों का सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक प्रभाव।

what is Internet of things in hindi
Internet of things

Internet Of  Things − Key Features

IoT की सबसे महत्वपूर्ण विशेषताओं में कृत्रिम बुद्धिमत्ता, कनेक्टिविटी, सेंसर, सक्रिय जुड़ाव और छोटे उपकरण का उपयोग शामिल है। इन विशेषताओं की संक्षिप्त समीक्षा नीचे दी गई है –

  • AI −IoT अनिवार्य रूप से कुछ भी “smart” बनाता है, जिसका अर्थ है कि यह डेटा संग्रह, artificial intelligence algorithms और नेटवर्क की शक्ति के साथ जीवन के हर पहलू को बढ़ाता है। इसका मतलब यह हो सकता है कि दूध और आपके पसंदीदा अनाज के कम होने पर पता लगाने के लिए अपने रेफ्रिजरेटर और अलमारियाँ को बढ़ाने के रूप में कुछ सरल हो, और फिर अपने पसंदीदा किराने के साथ एक ऑर्डर दें।
  • Connectivity − नेटवर्किंग और विशेष रूप से IoT नेटवर्किंग के लिए नई सक्षम प्रौद्योगिकियां, मतलब नेटवर्क अब विशेष रूप से प्रमुख प्रदाताओं से बंधे नहीं हैं। व्यावहारिक होते हुए भी नेटवर्क बहुत छोटे और सस्ते पैमाने पर मौजूद हो सकते हैं। IoT अपने सिस्टम उपकरणों के बीच इन छोटे नेटवर्क बनाता है।
  • Sensors − IoT सेंसर के बिना अपना भेद खो देता है। वे उपकरणों को परिभाषित करने के रूप में कार्य करते हैं जो IoT को उपकरणों के एक मानक निष्क्रिय नेटवर्क से वास्तविक दुनिया एकीकरण में सक्षम एक सक्रिय प्रणाली में बदल देते हैं।
  • Active Engagement − कनेक्टेड तकनीक के साथ आज की अधिकांश बातचीत निष्क्रिय सगाई के माध्यम से होती है। IoT सक्रिय सामग्री, उत्पाद, या सेवा सहभागिता के लिए एक नया प्रतिमान प्रस्तुत करता है।
  • Small Devices − डिवाइस, जैसा कि भविष्यवाणी की गई है, समय के साथ छोटे, सस्ते और अधिक शक्तिशाली हो गए हैं। IoT अपनी सटीकता, मापनीयता और बहुमुखी प्रतिभा प्रदान करने के लिए उद्देश्य से निर्मित छोटे उपकरणों का शोषण करता है।

Internet Of Things – के लाभ

IoT के फायदे जीवनशैली और व्यवसाय के हर क्षेत्र में हैं। यहाँ कुछ लाभों की एक सूची दी गई है जो IoT के लिए है –

  • Improved Customer Engagement − वर्तमान विश्लेषिकी अंध-धब्बों और सटीकता की महत्वपूर्ण खामियों से पीड़ित हैं; और जैसा कि कहा गया है, सगाई निष्क्रिय रहती है। IoT दर्शकों के साथ समृद्ध और अधिक प्रभावी जुड़ाव प्राप्त करने के लिए इसे पूरी तरह से बदल देता है।
  • Technology Optimization − वही प्रौद्योगिकियां और डेटा जो ग्राहक के अनुभव को बेहतर बनाते हैं, वे डिवाइस के उपयोग में भी सुधार करते हैं, और प्रौद्योगिकी के लिए अधिक शक्तिशाली सुधारों में सहायता करते हैं। IoT महत्वपूर्ण कार्यात्मक और क्षेत्र डेटा की दुनिया को अनलॉक करता है।
  • Reduced Waste − IoT सुधार के क्षेत्रों को स्पष्ट करता है। वर्तमान विश्लेषण हमें सतही अंतर्दृष्टि प्रदान करते हैं, लेकिन IoT वास्तविक दुनिया की जानकारी प्रदान करता है जिससे संसाधनों का अधिक प्रभावी प्रबंधन होता है।
  • Enhanced Data Collection − आधुनिक डेटा संग्रह अपनी सीमाओं और निष्क्रिय उपयोग के लिए इसके डिजाइन से ग्रस्त है। IoT इसे उन स्थानों से बाहर निकालता है, और इसे ठीक उसी स्थान पर रखता है जहाँ मनुष्य वास्तव में हमारी दुनिया का विश्लेषण करना चाहते हैं। यह सब कुछ की एक सटीक तस्वीर की अनुमति देता है।

Internet Of Things – के नुकसान

हालांकि IoT लाभों का एक प्रभावशाली सेट प्रदान करता है, लेकिन यह चुनौतियों का एक महत्वपूर्ण सेट भी प्रस्तुत करता है। यहां इसके कुछ प्रमुख मुद्दों की सूची दी गई है –

  • Security − IoT नेटवर्क पर लगातार संचार करने वाले उपकरणों का एक पारिस्थितिकी तंत्र बनाता है। सिस्टम किसी भी सुरक्षा उपायों के बावजूद थोड़ा नियंत्रण प्रदान करता है। यह उपयोगकर्ताओं को विभिन्न प्रकार के हमलावरों के संपर्क में छोड़ देता है।
  • Privacy − IoT का परिष्कार उपयोगकर्ता की सक्रिय भागीदारी के बिना अत्यधिक विस्तार से पर्याप्त व्यक्तिगत डेटा प्रदान करता है।
  • Complexity − कुछ आईओटी सिस्टम को डिजाइन, तैनाती और रखरखाव के मामले में जटिल पाते हैं, उन्होंने कई तकनीकों का उपयोग किया और नई सक्षम तकनीकों का एक बड़ा समूह दिया।
  • Flexibility − कई एक IoT प्रणाली के लचीलेपन के बारे में चिंतित हैं जो दूसरे के साथ आसानी से एकीकृत करने के लिए है। वे कई परस्पर विरोधी या बंद प्रणालियों के साथ खुद को खोजने के बारे में चिंता करते हैं।
  • Compliance − IoT, व्यवसाय के क्षेत्र में किसी भी अन्य तकनीक की तरह, नियमों का पालन करना चाहिए। इसकी जटिलता अनुपालन के मुद्दे को अविश्वसनीय रूप से चुनौतीपूर्ण लगती है जब कई मानक सॉफ्टवेयर अनुपालन को एक लड़ाई मानते हैं।

Edge computing क्या है, Hindi में पढ़े। Edge Technology का उद्देश्य अगले दशक में 100 हजारों सेंसर के साथ Internet of Things (IOT) बनाना है, बड़े डेटा के उपयोग और हेरफेर के साथ इस तकनीक का उपयोग करना महत्वपूर्ण हो जाता है जो कि सेंसर पर ही कंप्यूटिंग को संदर्भित करता है। 2019 को बढ़त प्रौद्योगिकी के वर्ष के रूप में भविष्यवाणी की गई है और आने वाले वर्षों में ऐसा ही रहेगा।

विभिन्न स्थितियों में Edge computing की तैनाती की जाती है। एक वह है जब IOT डिवाइस खराब कनेक्टिविटी के कारण क्लाउड से केंद्र से जुड़े होते हैं। वर्ष 2020 तक, प्रति दिन लगभग 1.5 जीबी डेटा उत्पन्न होगा। इंटरनेट से जुड़े कई उपकरण और डेटा जनरेट करने के साथ, क्लाउड के लिए यह संभव नहीं है कि वह इस विशाल डेटा को स्वयं ही संभाल सके।

Edge डेटा प्रोसेसिंग के साथ-साथ रियल टाइम डेटा की लोकल प्रोसेसिंग से संबंधित हो सकता है। जिन विभिन्न धार घटकों को गिना जा सकता है, वे हैं डाटा प्रोसेसिंग, नियम इंजन, स्थानीय डेटाबेस।

What is edge computing in Hindi
TechTarget

Cloud बड़े डेटा प्रोसेसिंग और डेटा वेयरहाउसिंग से अधिक चिंतित है।

Why Edge Computing?

यह तकनीक क्लाउड के विपरीत किनारों पर डेटा का विश्लेषण करके बैंडविड्थ के कुशल उपयोग को बढ़ाती है जिसके लिए आईओटी से डेटा को बड़े बैंडविड्थ की आवश्यकता होती है, जिससे इसे न्यूनतम लागत के साथ दूरस्थ स्थान पर उपयोग करना उपयोगी हो जाता है।

  • यह स्मार्ट अनुप्रयोगों और उपकरणों को लगभग उसी समय डेटा का जवाब देने की अनुमति देता है जो व्यावसायिक विज्ञापन स्व ड्राइविंग कारों के संदर्भ में महत्वपूर्ण है।
  • यह एक सार्वजनिक बादल पर भी डाले बिना डेटा को संसाधित करने की क्षमता रखता है, इससे पूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित होती है।
  • विस्तारित नेटवर्क पर डेटा दूषित हो सकता है, इस प्रकार उद्योगों के लिए डेटा विश्वसनीयता का उपयोग करना प्रभावित करता है।
  • डेटा का Edge कम्प्यूटेशन क्लाउड के उपयोग को एक सीमा प्रदान करता है।

Edge vs Fog Computing:
Edge, Edge डिवाइसेस के लिए कम्प्यूटेशनल प्रक्रियाओं की ओर अधिक विशिष्ट है। इसलिए, कोहरे में Edge computing शामिल है, लेकिन इसके अंतिम गंतव्य के लिए संसाधित डेटा के लिए नेटवर्क भी शामिल होगा।

Real Life Application Of Edge Technology:

  1. Autonomous Vehicles –
    GE डिजिटल पार्टनर, Intel, का अनुमान है कि सैकड़ों ऑन-व्हीकल सेंसर के साथ स्वायत्त कारें, ड्राइविंग के हर आठ घंटे के लिए 40 टीबी डेटा उत्पन्न करेंगी। इसलिए, wheels—edge computing एक प्रमुख भूमिका निभाता है। क्लाउड पर सभी डेटा भेजना असुरक्षित और अव्यवहारिक है। कार तुरंत उन घटनाओं पर प्रतिक्रिया करती है जिनके पास मूल्यवान डेटा है, जो डिजिटल ट्विन में जोड़े जाते हैं और अपनी कक्षा की अन्य कारों के प्रदर्शन में।
  2. Fleet Management –
    एक ट्रकिंग कंपनी पर विचार करते हैं, मुख्य लक्ष्य क्लाउड के लिए कई परिचालन डेटा बिंदुओं जैसे कि पहियों, ब्रेक, बैटरी आदि से डेटा को जोड़ना और भेजना है। स्वास्थ्य प्रमुख परिचालन घटकों का विश्लेषण क्लाउड द्वारा किया जाता है। इस प्रकार, मूल रूप से एक बेड़े प्रबंधन समाधान वाहन को लागत कम करने के लिए प्रोत्साहित करता है।

5 Key Benefits Of Edge Computing:

  1. तेजी से प्रतिक्रिया समय।
  2. सुरक्षा और अनुपालन।
  3. लागत प्रभावी समाधान।
  4. आंतरायिक कनेक्टिविटी के साथ विश्वसनीय संचालन।

Edge Cloud Computing Services:

  • IOT (Internet Of Things)
  • Gaming
  • Health Care
  • Smart City
  • Intelligent Transportation
  • Enterprise Security

आज हम Robotic Process Automation or RPA को Hindi में पढ़ने वाले है। Robotic Process Automation (RPA) एक सॉफ्टवेयर प्रोग्राम है जो कंप्यूटर अनुप्रयोग के साथ participation करते हुए और दोहराव, नियम-आधारित प्रक्रियाओं के स्वचालन को पूरा करते हुए मानव क्रियाओं की नकल करता है।

यह अध्याय एक संक्षिप्त ऐतिहासिक मूल्यांकन और RPA का परिचय देगा। आप यह भी समझेंगे कि RPA कब और क्यों चुनना है।

What is Robotic Process Automation or (RPA)?

Robotic Process Automation (RPA) वह तकनीक है जो मानव के कार्य को ठीक उसी तरह से करने की अनुमति देती है, जिस तरह से। रोबोट प्रक्रिया स्वचालन में एक रोबोट का मतलब यह नहीं है कि शाब्दिक रूप से रोबोट मानव को बदलने जा रहे हैं, लेकिन इसका मतलब है कि एक कंप्यूटर प्रोग्राम जो मानव कार्यों की नकल करता है।

दूसरे शब्दों में, हम कह सकते हैं कि RPA एक सॉफ्टवेयर प्रोग्राम है जो कंप्यूटर अनुप्रयोग के साथ सहभागिता करते हुए और दोहराव और नियम-आधारित प्रक्रियाओं के स्वचालन को पूरा करते हुए मानव क्रियाओं की नकल करता है। RPA का उपयोग श्रम गहन कार्यों को स्वचालित करने के लिए किया जा सकता है जैसे कि बैक ऑफिस प्रक्रिया, डेटा प्रविष्टि, डेटा सत्यापन आदि।

Historic Evaluation

रोबोटिक प्रोसेस ऑटोमेशन खुद को गेम चेंजिंग टेक्नोलॉजी साबित करता है। फिर भी स्वचालन समुदाय के बीच बहस का एक बहुत ही सामान्य विषय यह है कि क्या RPA एक नया विकास है या इसे केवल उन प्रौद्योगिकियों के विस्तार के रूप में देखा जाना चाहिए जो इससे पहले आए थे।

बेहतर समझ के लिए, हमें RPA के निम्नलिखित तीन प्रमुख पूर्ववर्तियों का अध्ययन करने की आवश्यकता है –

Screen Scraping Software

एक स्क्रीन स्क्रेपिंग सॉफ़्टवेयर का अर्थ महत्वपूर्ण सूचनाओं, पूर्णांकों या अन्य महत्वपूर्ण विश्लेषणों को खींचने के लिए स्थैतिक सूचना या डेटा के अन्य दृश्य प्रतिनिधित्व के बड़े सेट को स्कैन करना है। RPA के संदर्भ में, हम कह सकते हैं कि RPA द्वारा समान कार्यक्षमता का उपयोग किया जाता है। यहां तक कि RPA स्क्रीन स्क्रैपिंग क्षमताओं को एक बड़े कार्य में एकीकृत कर रहा है।

Workflow Automation and Management Tools

जैसा कि नाम से पता चलता है, इस तरह के उपकरण ग्राहक संपर्क जानकारी, चालान कुल और साथ ही ऑर्डर किए गए आइटम को कैप्चर करके ऑर्डर प्रोसेसिंग में मदद कर सकते हैं। वे इन विवरणों को हमारी कंपनी डेटाबेस में भी ट्रांसलेट करते हैं और संबंधित कर्मचारी को भी सूचित करते हैं। ऐसे उपकरण मैन्युअल डेटा प्रविष्टि को समाप्त करते हैं। RPA के संदर्भ में, हम कह सकते हैं कि RPA द्वारा समान कार्यक्षमता का उपयोग किया जाता है। यहां तक कि RPA अपने कार्य स्वचालन उपकरण क्षमताओं को बड़े कार्यों में एकीकृत कर रहा है।

Artificial Intelligence

जैसा कि हम जानते हैं कि AI कंप्यूटर सिस्टम की क्षमता है कि वे ऐसे कार्य कर सकते हैं जिनमें सामान्य रूप से मानवीय हस्तक्षेप और बुद्धिमत्ता की आवश्यकता होती है। AI मशीनें थकाऊ और मैन्युअल श्रम को बदल सकती हैं जो समय लेने वाली हैं। RPA के संदर्भ में, हम कह सकते हैं कि RPA द्वारा समान कार्यक्षमता का उपयोग किया जाता है। यहां तक कि RPA, AI क्षमताओं को बड़े कार्यों में एकीकृत कर रहा है।

स्वचालन में उपरोक्त तीनों प्रगति में से सभी एक या दूसरे अर्थों में महत्वपूर्ण थे लेकिन जो RPA को एक प्रभावशाली तकनीक बनाता है, वह इन तकनीकों में से प्रत्येक के कुछ पहलुओं को संयोजित करने, परिष्कृत करने की क्षमता है।

Why Robotic Process Automation or (RPA)?

विशिष्ट उद्यमों के आज के परिदृश्य में, सिस्टम और प्रक्रिया के बीच अंतर को भरने के लिए RPA का उपयोग किया जा सकता है। एक विशिष्ट उद्यम निम्नलिखित परिदृश्य में है –

व्यवसाय परिदृश्य में विशिष्ट प्रक्रिया प्रतिस्पर्धा के कारण तेजी से बदल रही है, निम्न आरेख की मदद से समझा जा सकता है –

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यदि हम व्यावसायिक परिदृश्य में प्रौद्योगिकी के बारे में बात करते हैं, तो एक विशिष्ट उद्यम अपने कार्यों को चलाने के लिए कई और डिस्कनेक्ट किए गए आईटी सिस्टम का उपयोग करता है। लेकिन अद्यतन न होने के कारण, ये तकनीकी प्रक्रियाएँ आवश्यक सीमा तक व्यापार में मदद नहीं कर सकती हैं। इसे निम्नलिखित आरेख की सहायता से समझा जा सकता है –

Robotic Process Automation

यदि हम व्यावसायिक परिदृश्य में लोगों के बारे में बात करते हैं, तो एक विशिष्ट उद्यम सिस्टम और प्रक्रियाओं के बीच अंतर को भरने के लिए मानव कार्यबल को काम पर रखता है।

Robotic Process Automation

एक व्यावसायिक उद्यम में एक चुनौतीपूर्ण मुद्दा परिवर्तन है। चुनौतीपूर्ण क्यों, क्योंकि व्यवसाय प्रक्रिया में किसी भी बदलाव के साथ, उद्यमों को या तो नए कर्मचारियों को काम पर रखने की जरूरत है या अपने मौजूदा लोगों को प्रशिक्षित करना होगा। दोनों समाधान महंगे होने के साथ-साथ समय लेने वाले भी हैं।

एक अन्य समाधान RPA है जिसके साथ कंपनी मानव श्रमिकों की नकल करने वाले आभासी श्रमिकों को तैनात कर सकती है। अब यदि कोई परिवर्तन होता है, तो केवल कुछ सॉफ्टवेयर कोड लाइनों में परिवर्तन की आवश्यकता होगी जो कर्मचारियों को काम पर रखने की तुलना में बहुत सस्ता और तेज समाधान है। यह मूल रूप से एक व्यावसायिक उद्यम में PROCESS और प्रौद्योगिकी के साथ डिजिटल कार्यबल और मानव कार्यबल का मानचित्रण करता है।

Robotic Process Automation

Test automation v/s Robotic Process Automation or RPA

तेजी से रिलीज, कम समय की खपत, कम लागत की खपत, शुद्धता और गुणवत्ता आश्वासन RPA को कॉल करने और स्वचालन को समान प्रक्रियाओं का परीक्षण करने के कुछ स्पष्ट कारण हैं।

कुछ उपयोगी पैरामीटर जो उनके बीच महत्वपूर्ण अंतर देते हैं, नीचे चर्चा की गई है –

  • Goal − परीक्षण स्वचालन का मुख्य लक्ष्य स्वचालन के माध्यम से परीक्षण स्वचालन समय को कम करना है। दूसरी ओर, RPA का लक्ष्य स्वचालन के माध्यम से हेडकॉन्‍स को कम करना है।
  • Coding skills − टेस्ट ऑटोमेशन के लिए टेस्ट स्क्रिप्ट बनाने के लिए कोडिंग कौशल की आवश्यकता होती है। RPA विज़ार्ड-चालित है और इसमें किसी भी कोडिंग कौशल की आवश्यकता नहीं है।
  • Implementation − टेस्ट ऑटोमेशन केवल एक उत्पाद को स्वचालित कर सकता है। दूसरी ओर, RPA उत्पादों के साथ-साथ सेवा को भी स्वचालित कर सकता है।
  • Users − जैसा कि चर्चा की गई परीक्षण स्वचालन में तकनीकी कौशल की आवश्यकता होती है, इसलिए यह केवल तकनीकी लोगों तक सीमित है; हालांकि RPA का उपयोग गैर-तकनीकी व्यक्तियों द्वारा भी किया जा सकता है।
  • Application − परीक्षण स्वचालन गुणवत्ता आश्वासन, उत्पादन और यूएटी वातावरण पर चलाया जा सकता है, लेकिन RPA आमतौर पर केवल उत्पादन वातावरण पर ही चल सकता है।
  • Example − परीक्षण स्वचालन का सबसे अच्छा उदाहरण स्वचालित परीक्षण के मामले हैं। दूसरी ओर, RPA के उदाहरण डेटा प्रविष्टि, फॉर्म, ऋण प्रसंस्करण आदि हैं।

उपरोक्त मतभेद यह साबित करते हैं कि RPA एक उन्नत दृष्टिकोण है जो परीक्षण स्वचालन के लिए बेहतर सहायता प्रदान करता है।

Pros & Cons of RPA

किसी भी अन्य सॉफ़्टवेयर या तकनीक की तरह, RPA के भी अपने फायदे और सीमाएँ हैं। आइए हम चर्चा करें कि ये क्या हैं –

Pros

Robotic Process Automation or (RPA) का उपयोग करने के कुछ फायदे इस प्रकार हैं –

  • मानवीय प्रयासों को कम करता है और इस प्रकार संबंधित मानवीय त्रुटियां भी।
  • लागत और समय की बचत करके उत्पादकता में सुधार करता है।
  • बग खोज में वास्तविक समय दृश्यता प्रदान करता है।
  • गैर-तकनीकी व्यक्तियों द्वारा भी उपयोग के लिए उपयुक्त है, क्योंकि इसका उपयोग करने के लिए कोई प्रोग्रामिंग कौशल की आवश्यकता नहीं है।
  • बड़ी संख्या में प्रक्रियाओं को स्वचालित करना आसान है।
  • प्रत्येक परीक्षण मामलों के दोषों को ट्रैक करने की सुविधा।
  • RPA टूल को मास्टर करने के लिए कम प्रशिक्षण की आवश्यकता होती है।

Cons

Robotic Process Automation or (RPA) के उपयोग के कुछ नुकसान निम्नानुसार हैं –

  • अनुप्रयोग में छोटे परिवर्तनों के लिए रोबोट को फिर से कॉन्फ़िगर करने की आवश्यकता है।
  • आवेदन की गति पर बॉट की निर्भरता।

Myths about RPA

RPA के आसपास मौजूद कुछ मिथकों की चर्चा यहाँ की गई है –

RPA software requires coding skills

बहुत से लोग सोचते हैं कि RPA सॉफ्टवेयर का उपयोग करने के लिए कोडिंग कौशल की आवश्यकता होती है। यह सच नहीं है क्योंकि एक गैर-तकनीकी व्यक्ति आसानी से इसका उपयोग कर सकता है। उसे केवल सामने वाले को समझने की जरूरत है।

Human supervision is not required at all

RPA सॉफ्टवेयर के Myth को मानवीय पर्यवेक्षण की बिल्कुल भी आवश्यकता नहीं है, यह सच नहीं है। बॉट को टास्क खिलाने के साथ-साथ इंसान को प्रोग्राम करने की जरूरत होती है।

It is the cup of tea of only big organizations

बहुत से लोग सोचते हैं कि RPA को केवल बड़ी कंपनियों द्वारा तैनात और उपयोग किया जा सकता है लेकिन यह भी सच नहीं है। छोटे से मध्यम आकार के संगठन व्यवसाय को स्वचालित करने के लिए RPA को तैनात कर सकते हैं।

हम Data के युग में रह रहे हैं। जो बेहतर कम्प्यूटेशनल शक्ति और अधिक भंडारण संसाधनों से समृद्ध है। यह Data या जानकारी दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है, लेकिन असली चुनौती सभी डेटा को समझने की है। व्यवसाय और संगठन Data science, Data Mining और Machine learning से concepts और method का उपयोग करके बुद्धिमान system का निर्माण करके इससे निपटने की कोशिश कर रहे हैं। उनमें से, machine learning कंप्यूटर विज्ञान का सबसे रोमांचक क्षेत्र है। यह गलत नहीं होगा अगर हम मशीन को algorithms के अनुप्रयोग और विज्ञान को सीखने के लिए कहते हैं जो डेटा को समझ प्रदान करता है।

What is Machine Learning?

Machine learning (ML) कंप्यूटर विज्ञान का वह क्षेत्र है जिसकी मदद से कंप्यूटर सिस्टम डेटा को उसी तरह से प्रदान कर सकते हैं जैसे कि इंसान करते हैं।

सरल शब्दों में, machine learning एक प्रकार की Artificial Intelligence है जो एक algorithms या method का उपयोग करके कच्चे डेटा से पैटर्न को निकालता है। ML का मुख्य फोकस कंप्यूटर सिस्टम को स्पष्ट रूप से प्रोग्राम किए बिना या मानवीय हस्तक्षेप (humanitarian intervention) के अनुभव से सीखने की अनुमति देना है।

Need for Machine Learning

मनुष्य, इस समय, पृथ्वी पर सबसे बुद्धिमान और उन्नत प्रजातियां हैं क्योंकि वे जटिल समस्याओं को सोच सकते हैं, उनकी कीमत लगा सकते है और हल कर सकते हैं। दूसरी ओर, AI अभी भी अपने प्रारंभिक चरण में है और कई पहलुओं में मानव बुद्धि को पार नहीं कर पाया है। फिर सवाल यह है कि मशीन सीखने की क्या जरूरत है? ऐसा करने के लिए सबसे उपयुक्त कारण है, “निर्णय लेना, आंकड़ों के आधार पर, दक्षता और पैमाने के साथ”।

हाल ही में, संगठन नई तकनीकों में भारी निवेश कर रहे हैं जैसे कि Artificial Intelligence, Machine Learning और Deep Learning कई वास्तविक दुनिया के कार्यों को करने और समस्याओं को हल करने के लिए डेटा से प्रमुख जानकारी प्राप्त करने के लिए। हम इसे विशेष रूप से प्रक्रिया को automatic करने के लिए मशीनों द्वारा लिए गए डेटा-चालित (Data driven) निर्णय कह सकते हैं। इन डेटा-चालित निर्णयों का उपयोग प्रोग्रामिंग लॉजिक का उपयोग करने के बजाय, उन समस्याओं में किया जा सकता है, जिन्हें स्वाभाविक रूप से प्रोग्राम नहीं किया जा सकता है। तथ्य यह है कि हम मानव बुद्धि के बिना नहीं कर सकते हैं, लेकिन अन्य पहलू यह है कि हम सभी को बड़े पैमाने पर दक्षता के साथ वास्तविक दुनिया की समस्याओं को हल करने की आवश्यकता है। इसीलिए मशीन लर्निंग की जरूरत पैदा होती है।

Why & When to Make Machines Learn?

हमने मशीन सीखने की आवश्यकता पर पहले ही चर्चा कर ली है, लेकिन एक और सवाल यह उठता है कि मशीन को सीखने के लिए हमें किन परिदृश्यों में होना चाहिए? ऐसी कई परिस्थितियाँ हो सकती हैं जहाँ हमें दक्षता के साथ और विशाल पैमाने पर डेटा-चालित निर्णय लेने के लिए मशीनों की आवश्यकता होती है। अनुवर्ती कुछ ऐसी परिस्थितियां हैं जहां मशीन बनाना सीखना अधिक प्रभावी होगा।

Lack of human expertise

बहुत पहले परिदृश्य में हम एक मशीन चाहते हैं जो डेटा-चालित निर्णय लेने और सीखने के लिए है, वह डोमेन हो सकता है जहां मानव विशेषज्ञता की कमी है। उदाहरण अज्ञात क्षेत्रों या स्थानिक ग्रहों में नौवहन हो सकते हैं।

Dynamic scenarios

कुछ परिदृश्य हैं जो प्रकृति में गतिशील हैं यानी वे समय के साथ बदलते रहते हैं। इन परिदृश्यों और व्यवहारों के मामले में, हम एक मशीन चाहते हैं जो डेटा-चालित निर्णय सीखे और ले। कुछ उदाहरण नेटवर्क कनेक्टिविटी और किसी संगठन में बुनियादी ढांचे की उपलब्धता हो सकते हैं।

Difficulty in translating expertise into computational tasks

ऐसे विभिन्न डोमेन हो सकते हैं जिनमें मनुष्य अपनी विशेषज्ञता रखते हैं; हालाँकि, वे इस विशेषज्ञता का कम्प्यूटेशनल कार्यों में अनुवाद करने में असमर्थ हैं। ऐसी परिस्थितियों में हम मशीन लर्निंग चाहते हैं। उदाहरण भाषण मान्यता, संज्ञानात्मक कार्यों आदि के डोमेन हो सकते हैं।

Machine Learning Model

मशीन लर्निंग मॉडल पर चर्चा करने से पहले, हमें प्रोफेसर मिशेल द्वारा दी गई एमएल की निम्नलिखित औपचारिक परिभाषा को समझने की आवश्यकता है –

“कंप्यूटर प्रोग्राम को अनुभव E से सीखने के लिए कहा जाता है कि वह कुछ कार्यों T और प्रदर्शन माप P के संबंध में है, यदि P द्वारा मापा गया T के कार्यों में उसका प्रदर्शन, अनुभव E के साथ सुधार करता है।”

उपरोक्त परिभाषा मूल रूप से तीन मापदंडों पर केंद्रित है, किसी भी शिक्षण एल्गोरिथ्म के मुख्य घटक, अर्थात् टास्क (टी), प्रदर्शन (पी) और अनुभव (ई)। इस संदर्भ में, हम इस परिभाषा को सरल बना सकते हैं –

ML is a field of AI consisting of learning algorithms that −

  • Improve their performance (P)
  • At executing some task (T)
  • Over time with experience (E)

Based on the above, the following diagram represents a Machine Learning Model −

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Let us discuss them more in detail now −

Task(T)

समस्या के परिप्रेक्ष्य से, हम कार्य T को वास्तविक दुनिया की समस्या के रूप में परिभाषित कर सकते हैं। समस्या कुछ भी हो सकती है जैसे किसी विशिष्ट स्थान पर सर्वोत्तम घर की कीमत का पता लगाना या सर्वोत्तम विपणन रणनीति इत्यादि का पता लगाना। दूसरी तरफ, अगर हम मशीन लर्निंग के बारे में बात करते हैं, तो कार्य की परिभाषा अलग है क्योंकि एमएल आधारित कार्यों को हल करना मुश्किल है पारंपरिक प्रोग्रामिंग दृष्टिकोण।

टास्क टी को एक एमएल आधारित कार्य कहा जाता है जब यह प्रक्रिया पर आधारित होता है और सिस्टम को डेटा बिंदुओं पर संचालन के लिए पालन करना चाहिए। एमएल आधारित कार्यों के उदाहरण वर्गीकरण, प्रतिगमन, संरचित एनोटेशन, क्लस्टरिंग, प्रतिलेखन आदि हैं।

Experience (E)

जैसा कि नाम से पता चलता है, यह एल्गोरिथ्म या मॉडल को प्रदान किए गए डेटा बिंदुओं से प्राप्त ज्ञान है। डेटासेट के साथ प्रदान किए जाने के बाद, मॉडल पुनरावृत्त रूप से चलेगा और कुछ अंतर्निहित पैटर्न सीखेगा। इस प्रकार अधिग्रहीत की गई शिक्षा को अनुभव (E) कहा जाता है। मानव सीखने के साथ एक सादृश्य बनाते हुए, हम इस स्थिति के बारे में सोच सकते हैं, जिसमें एक इंसान सीख रहा है या विभिन्न विशेषताओं जैसे स्थिति, रिश्तों आदि से कुछ अनुभव प्राप्त कर रहा है। पर्यवेक्षित, अनसुना और सुदृढीकरण सीखने के लिए सीखने या अनुभव प्राप्त करने के कुछ तरीके हैं। एमएल मॉडल या एल्गोरिथ्म द्वारा प्राप्त अनुभव का उपयोग कार्य टी को हल करने के लिए किया जाएगा।

Performance (P)

एक मशीन लर्निंग एल्गोरिथ्म समय बीतने के साथ कार्य करने और अनुभव प्राप्त करने के लिए माना जाता है। वह उपाय जो बताता है कि एमएल एल्गोरिथम अपेक्षा के अनुसार प्रदर्शन कर रहा है या नहीं, इसका प्रदर्शन (पी) है। पी मूल रूप से एक मात्रात्मक मीट्रिक है जो बताता है कि कैसे एक मॉडल कार्य कर रहा है, टी, अपने अनुभव का उपयोग करते हुए, ई। ऐसे कई मीट्रिक हैं जो एमएल प्रदर्शन को समझने में मदद करते हैं, जैसे कि सटीकता स्कोर, एफ 1 स्कोर, भ्रम मैट्रिक्स, सटीक, याद , संवेदनशीलता आदि।

Challenges in Machines Learning

जबकि मशीन लर्निंग तेजी से विकसित हो रहा है, साइबर सुरक्षा और स्वायत्त कारों के साथ महत्वपूर्ण प्रगति कर रहा है, एआई के इस खंड को अभी भी एक लंबा रास्ता तय करना है। इसके पीछे कारण यह है कि एमएल चुनौतियों की संख्या को पार नहीं कर पाया है। वर्तमान में एमएलए के सामने जो चुनौतियां हैं, वे हैं –

Quality of data − एमएल एल्गोरिदम के लिए अच्छी गुणवत्ता वाले डेटा का होना सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है। निम्न-गुणवत्ता वाले डेटा का उपयोग डेटा प्रीप्रोसेसिंग और सुविधा निष्कर्षण से संबंधित समस्याओं की ओर जाता है।

Time-Consuming task − एमएल मॉडल के सामने एक और चुनौती विशेष रूप से डेटा अधिग्रहण, सुविधा निष्कर्षण और पुनर्प्राप्ति के लिए समय की खपत है।

Lack of specialist persons − चूंकि एमएल तकनीक अभी भी अपने प्रारंभिक अवस्था में है, विशेषज्ञ संसाधनों की उपलब्धता एक कठिन काम है।

No clear objective for formulating business problems − व्यावसायिक समस्याओं के लिए कोई स्पष्ट उद्देश्य और अच्छी तरह से परिभाषित लक्ष्य नहीं होना एमएल के लिए एक और महत्वपूर्ण चुनौती है क्योंकि यह तकनीक अभी तक परिपक्व नहीं है।

Issue of overfitting & underfitting − यदि मॉडल ओवरफिटिंग या अंडरफ़िटिंग है, तो समस्या के लिए इसका अच्छी तरह से प्रतिनिधित्व नहीं किया जा सकता है।

Curse of dimensionality − एक अन्य चुनौती एमएल मॉडल चेहरे डेटा बिंदुओं की बहुत अधिक विशेषताएं हैं। यह एक वास्तविक बाधा हो सकती है।

Difficulty in deployment − एमएल मॉडल की जटिलता वास्तविक जीवन में तैनात किया जाना काफी कठिन बना देती है।

Applications of Machines Learning

मशीन लर्निंग सबसे तेजी से बढ़ने वाली तकनीक है और शोधकर्ताओं के अनुसार हम एआई और एमएल के स्वर्ण वर्ष में हैं। इसका उपयोग कई वास्तविक-विश्व जटिल समस्याओं को हल करने के लिए किया जाता है जिन्हें पारंपरिक दृष्टिकोण से हल नहीं किया जा सकता है। निम्नलिखित एमएल के कुछ वास्तविक दुनिया अनुप्रयोग हैं –

  • Emotion analysis
  • Sentiment analysis
  • Error detection and prevention
  • Weather forecasting and prediction
  • Stock market analysis and forecasting
  • Speech synthesis
  • Speech recognition
  • Customer segmentation
  • Object recognition
  • Fraud detection
  • Fraud prevention
  • Recommendation of products to customer in online shopping

ये Budhia coach Biranchi Das murder की कहानी है। जिसके अंदर दौड़ने की काफी सलाहियत थी। शायद इसका नाम आपने पहले भी सुना होगा। हर घर में बुधिया का नाम लिया जाता था। बुधिया ओडिशा के बहुत ही पिछड़े इलाके में गरीब घर में पैदा हुआ। गरीबी का आलम यह था। बुधिया को पालने के लिए उसके मां-बाप के पास पैसे भी नहीं थे।

उस गरीबी से तंग आकर बुधिया के मां-बाप ने उसको किसी दूसरे शख्स को सिर्फ ₹800 में बेच दिया था। उसके बाद बुधिया वहां से निकलकर भुवनेश्वर तक पहुंच जाता है।

भुवनेश्वर में एक Judo Coach रहा करते थे। उनका नाम Biranchi Das था। बुधिया किसी तरीके से Biranchi Das तक पहुंच जाता है। बिरंचि दास कहते हैं कि चलो इस बच्चे को भी और बच्चों की तरह ट्रेनिंग देते हैं।

क्योंकि बुधिया बच्चा था और बच्चे शरारत करते हैं। बुधिया दूसरों बच्चों के साथ शरारत करता और उनको तंग किया करता। कई बच्चे उसकी शिकायत करते थे।

एक दिन जब बच्चों ने शिकायत की तो ब्रंची दास को गुस्सा आ गया। उन्होंने बुधिया को सजा देने के लिए कहा कि तुम ग्राउंड में जाकर दौड़ लगाओ। जब तक मैं ना कहूं तुम दौड़ते रहना।

यह कहकर Biranchi Das अपने किसी काम से चले गए। इसी काम में करीब 5 घंटे बीत गए। 5 घंटे के बाद जब Biranchi Das वापस आए। उनकी नजर जब ग्राउंड में पड़ी उन्होंने देखा कि की बुधिया अभी भी दौड़ रहा है। उसे देखकर वह हैरान रह गए। उन्होंने वहां खड़े हुए बच्चों से पूछा यह कब से दौड़ रहा है। बच्चों ने कहा कि जब से आपने कहा था। तकरीबन 5 घंटे हो गए यह जब से ही दौड़ रहा है।

बिरंचि दास ने पूछा कि यह रुका था। बच्चों ने कहा नहीं यह बगैर रुके ही दौड़ रहा है। बिरंचि दास को अजीब लगा कि एक छोटा सा बच्चा 5 घंटे से लगातार दौड़ रहा है। इस पर बिरंचि दास को अफसोस हुआ। उन्होंने बुधिया को बुलाकर उनसे बात की उन्होंने पूछा कि तुम्हें दौड़ते वक्त कुछ हुआ। बुधिया ने कहा मैं अभी भी दौड़ सकता हूं। तब उन्हें लगा कि यह अलग बच्चा है। जो दौड़ सकता है।

इसके बाद उन्होंने उसकी सलाहियत को उभारने की कोशिश की और कहा कि मैं इसको ट्रेनिंग दूंगा। यह एक बहुत अच्छा रनर बन सकता है। उसके बाद बिरंचि दास और उसकी बीवी ने बुधिया को गोदले लिया था। फिर उसको ट्रेनिंग देनी शुरू कर दी। यह सब कुछ चलता रहा पहली बार 2006-07 में बुधिया को पूरे देश और दुनिया ने तब जाना जब बुधिया को पूरी ट्रेनिंग देने के बाद इस लायक बना दिया था।

Puri जो उड़ीसा में एक जगह है। वहां के जगन्नाथ मंदिर से लेकर उड़ीसा की राजधानी भुवनेश्वर तक एक मैराथन दौड़ रखी गई। जिसको CRPF ने स्पॉन्सर किया था।

बाकायदा मीडिया भी वहां पहुंची थी। बुधिया का हौसला बढ़ाने के लिए सीआरपीएफ के जवान भी दौड़े थे। करीब 67 किलोमीटर की दूरी पूरी से भुवनेश्वर की थी।

बुधिया ने यह 67 किलोमीटर की दूरी साडे 7 घंटे में पूरी कर दी। बिना रुके यह दौड़ पूरी की थी। इसके बाद वह भुवनेश्वर पहुंचता है। Limca Book of Records के कुछ नुमाइंदे भी वहां मौजूद थे। उन्होंने देखा और उसके बाद Limca Book of Records में बुधिया का नाम आया।

इसके बाद बुधिया हर अखबार और टीवी पर छा गया। बुधिया के साथ-साथ ब्रंची दास का भी नाम होने लगा। इसके बाद जब लोगों को पता चला कि बुधिया एक गरीब बच्चा है। जिसे बेच दिया गया था तो उसकी मदद के लिए काफी पैसा बाहर विदेश से और देश से भी आने लगा। इस पर लोगों ने ब्रंची दास पर उंगली उठाई थी। वह इस पैसों का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं और अपने लिए इस्तेमाल कर रहे हैं। कुछ लोगों ने ब्रंची दास पर यह भी इल्जाम लगाया था कि वह बाल शोषण कर रहे हैं।

इसके बाद बुधिया के मां-बाप को भी पता चल गया था कि बुधिया के पास काफी पैसा आ गया है। उन्होंने बिरंचि दास के खिलाफ मुकदमा भी कर दिया था। मगर 7 दिन के बाद बिरंचि दास को रिहा कर दिया गया। फिर उन्होंने बुधिया को ट्रेनिंग देने का सिलसिला शुरू कर दिया।

इसी बीच दूसरी कहानी शुरू होती है। लंदन से आई एक Leslie Tripathy जो काफी खूबसूरत थी। वह भुवनेश्वर पहुंच जाती है। वह वहां की म्यूजिक एल्बम में काम करना शुरू कर देती है। धीरे-धीरे उसका म्यूजिक एल्बम हिट हो जाता है। दर्जनों म्यूजिक एल्बम उसके आ चुके थे। जब उसे शोहरत मिलती है तो उसको उड़ीसा की फिल्मों में भी किरदार अदा करने का मौका मिलता है। इसके बाद वह एक हीरोइन बन जाती है और कई फिल्मों में काम करती है।

Budhia coach Biranchi Das murder
Leslie Tripathy

एक वक्त आया कि Leslie Tripathy का इरादा बॉलीवुड में काम करने का बन गया। उसने सोचा कि अब वह बॉलीवुड की हिंदी फिल्मों में काम करेगी।

बिरंचि दास भी बुधिया के साथ काफी मशहूर हो चुका था। इधर Leslie भी काफी फेमस हो गई थी। यह दोनों काफी जगह मिल चुके थे। इनमें दोस्ती हो चुकी थी।

इसी दौरान में एक फंक्शन था जो जेल में रखा गया था। वह कैदियों के लिए रखा गया था। Leslie पहली बार एक जेल में जाती है। वह प्रोग्राम किसी NGO ने रखा था। Leslie वहां जाकर कई कैदियों से मिलती है।

वहां पर एक कैदी से उसकी मुलाकात होती है। उसका नाम राजा आचार्य था। राजा आचार्य एक बड़ा बिल्डर था। बिल्डर होने के साथ-साथ वह 1 क्रिमिनल था। 30 से ज्यादा उसके ऊपर मुकदमे थे। उसके ऊपर क़त्ल का मुकदमा भी था। मगर तब तक किसी मुक़दमे में सजा नहीं हुई थी। उस पर सिर्फ यह आरोप थे।

Leslie कि जब राजा आचार्य से मुलाकात होती है। राजा आचार्य पहले ही मुलाकात से दिल दे बैठता है। उससे प्यार करने लगता है। इसके बाद वह जमानत पर जेल से बाहर आ जाता है। बाहर आते ही वह Leslie से जाकर मिलता है। उसको मैसेज करना और फोन करना शुरू कर देता।

क्योंकि राजा एक अमीर आदमी था। एक डॉन किसम का आदमी भी था। उसने Leslie को तरह-तरह के गिफ्ट देने शुरू कर दिए। एक वक्त ऐसा आया कि उसने Leslie से शादी करने का इरादा कर लिया। मगर Leslie ने इंकार कर दिया। उसने कहा कि उसने राजा से कभी प्यार किया ही नहीं।

राजा आचार्य ने इल्जाम लगाया की म्यूजिक एल्बम मैं मैंने इसकी बहुत मदद की है। जो इसकी म्यूजिक एल्बम हिट हुई है। उसमें मेरा काफी पैसा लगा है। अब यह काफी फेमस हो गई तो यह मुझे ठुकरा रही है।

इस दौरान में एक IAS अफसर थे। Leslie की उनसे जान पहचान थी। Leslie ने उनसे संपर्क किया और कहा कि राजा अचार्य नाम का एक शख्स है। जो मेरे पीछे पड़ा हुआ है। उन्होंने कुछ लोगों के जरिए राजा आचार्य को मैसेज भेजा कि तुम Leslie का पीछा छोड़ दो वरना अंजाम बहुत बुरा होगा।

राजा अब उस IAS अफसर का भी दुश्मन हो चुका था। वह लगातार Leslie से शादी की जिद पर अड़ा हुआ था। इसके बाद Biranchi Das Leslie से मिलते हैं। Leslie उनसे कहती हैं कि यहां का गुंडा है राजा आचार्य जो मेरे पीछे पड़ा हुआ है। जबरदस्ती में मुझसे शादी करना चाहता है। आप यहां के काकी पहुंचे हुए आदमी हो तो आप उससे मेरा पीछा छुड़ा दे।

बिरंचि दास ने Leslie से वादा किया कि मैं इसमें आपकी काफी मदद करूंगा। बिरंचि दास ने लोगों के जरिए राजा आचार्य को मैसेज भेजा कि तुम Leslie का पीछा छोड़ दो। वह एक शरीफ लड़की है। तुम किसी और से शादी कर लो। राजा को लगा कि यह मेरे और Leslie के बीच में आ रहा है। वह उसका भी दुश्मन बन गया।

इस बीच बिरंचि दास ने राजा को धमकाया भी था। अब राज आचार्य को लगने लगा कि हमारे दोनों के बीच का कांटा है। अब राज आचार्य बिरंचि दास का दुश्मन बन चुका था। उसने बिरंचि दास को रास्ते से हटाने का इरादा कर लिया था।

13 अप्रैल 2008 को भुवनेश्वर में कोचिंग सेंटर में एक फंक्शन चल रहा था। वहां पर एक शख्स आता है। वह नजदीक जाकर बिरंचि दास से बात करता है। फिर उनको गोली मार देता है। एक साथ कई गोली मारकर वह वहां से भाग जाता है।

जब उनकी लाश को अस्पताल ले जाया गया तो वहां पर उनको मुर्दा करार दे दिया गया। उनकी मौत हो चुकी थी। इसके बाद पुलिस छानबीन शुरु कर देती है। इसी दौरान पुलिस को एक ऑडियो कॉल मिलता है। इस कॉल में राजा आचार्य ने किसी को फोन पर कहा था कि मैं जोड़ो कोचिंग सेंटर में बंसी दास को इतनी गोली मारूंगा वह बचेगा नहीं।

यह बात क़त्ल से लगभग 48 घंटे पहले की थी। इस दौरान में पुलिस काफी छानबीन कर रही थी। अब इसमें कई मोड़ सामने आ जाते हैं, कि बिरंचि दास और Leslie का कोई ताल्लुक तो नहीं था। दूसरा यह कि वह IAS जिसने राजा आचार्य को धमकाया था। उसका तो कहीं Leslie इसे कोई ताल्लुक नहीं था। अब यह कई मोड़ सामने आ गए थे।

इसी दौरान जिस शख्स ने गोली मारी थी। उसकी पहचान जगाला के नाम से हुई थी। यह राजा आचार्य का साथी माना जाता था। अब पुलिस ने तलाश शुरू कर दी। लेकिन कोई हाथ नहीं लग रहा था। लगभग 13 दिन ब्रंची दास के क़त्ल को हो चुके थे।

अचानक 13 दिन के बाद भोपाल के एक न्यूज़ ऑफिस में जगाला पहुंच जाता है। वह वहां जाकर कहता है, कि मैं अपने आप को सरेंडर करना चाहता हूं। उसके गिरफ्तारी से पहले उसका इंटरव्यू ले लिया जाता है। वह अपने इंटरव्यू में कहता है कि मैंने ब्रंची दास को मारा है। मगर उनको मारने की 10 लाख की सुपारी मुझे Leslie Tripathy ने दी थी। अब यह एक नया मोड़ स्वामी आ गया था।

इसके बाद उड़ीसा की पुलिस जगाला को भोपाल से उड़ीसा ले जाती है। वहां पूछताछ की जाती है। इस कत्ल के बाद राजा आचार्य भी गायब हो चुका था। पुलिस इस को ढूंढ रही थी। 5 मई 2008 को गोवा की राजधानी यह वहां पर छुपा हुआ था। राजा आचार्य गोवा पुलिस के सामने सरेंडर कर देता है।

उड़ीसा की पुलिस राजा आचार्य को गोवा से भुवनेश्वर ले आती है। इन दोनों से पूछताछ होती है। इसके बाद यह कहानी सामने आती है। जगाला ने जो न्यूज़ चैनल के इंटरव्यू में कहा था वह सब झूठ था। Leslie ने उसको कोई सुपारी नहीं दी थी। बल्कि राजा आचार्य ने ही जगाला को कत्ल करने के लिए भेजा था। जगाला ने ही ब्रंची दास का गोली मारी थी। वह भी इसलिए कि ब्रंची दास लगातार आचार्य को Leslie से दूर रहने के लिए बोल रहे थे।

इसके बाद इनका मामला फास्ट ट्रैक कोर्ट में पहुंच जाता है। फास्ट ट्रैक कोर्ट दिसंबर 2010 में अपना फैसला सुनाती है। अदालत राजा आचार्य और उसके साथी जगाला को उम्र कैद की सजा दे देती है। इस सजा को राजा आचार्य हाई कोर्ट में चैलेंज कर देता है।

मगर हाई कोर्ट फैसला सुनाने में काफी वक्त ले लेती है। इसके बाद राजा आचार्य सुप्रीम कोर्ट चला जाता है। यह वहां पर जमानत की अपील करता है। क्योंकि हाईकोर्ट से इसकी जमानत खारिज हो चुकी थी।

सुप्रीम कोर्ट यह सोचकर राजा आचार्य को जमानत दे देती है कि अभी हाई कोर्ट से कोई फैसला नहीं आया है। 2017 को ये रिहा हो जाता है। इसके बाद Leslie और बिरंजी दास की पत्नी कहती है कि उनकी जान को खतरा है। क्योंकि वह इस क़त्ल के मैन गवाह थी। इसके बाद पुलिस उन्हें प्रोटक्शन दे देती है।

राजा आचार्य का मामला अभी भी हाईकोर्ट में लटका हुआ है। वह जमानत पर बाहर है। इसके बाद जो भी अपडेट आएगा वह आपको मिल जाएगा।

अब दूसरी तरफ आते हैं-

बुधिया की तरफ रुख करते है। क्योंकि Biranchi Das दूधिया के कोच थे और उसको गोद भी लिया था। क्योंकि ब्रंची दास की मौत हो चुकी थी तो उड़ीसा की जो सरकार है। वह बुधिया का तमाम खर्च उठाना शुरू कर देती है। उसको एक इंग्लिश मीडियम में एडमिशन मिल जाता है। उसको अच्छी तालीम दी जाती इसके बाद वह कॉलेज पहुंच जाता है। अब उसके बारे में कोई ताजा status नहीं है। जैसा status सामने आएगा आपको बता दिया जाएगा।